निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल… बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को शूल… इन पंक्तियों में भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हिंदी के महत्व को बताया है कि बिना अपनी राष्ट्र भाषा के महत्व को समझे ना तो आपकी उन्नति सम्भव है और ना ही राष्ट्र की। जी हां, देश के महान शख्सियतों और विद्वानों ने हमेशा से हिंदी की महत्ता पर जोर दिया है। आज हिंदी दिवस के मौके पर हम आपको हिन्दी भाषा के लिए विद्वानों के कुछ ऐसे ही सुविचारों से परिचय कराने जा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि हिंदी को लेकर विद्वानों का क्या कहना है…

 

 

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