किसी भी रिलेशन शिप का ख़त्म होना हमेशा ही तकलीफ़देह होता है,ख़ास तौर पर अगर वो रिश्ता पति पत्नी का हो.पति या पत्नी कई बार ये सोचकर अपनी ज़िंदगी की गाड़ी मजबूरन खींचते रहते हैं कि “अगर तलाक़ के बाद जीवन इससे भी बद्दतर हो गया तो”
लेकिन कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि न चाहते हुए भी आपको तलाक़ लेने का कठोर फ़ैसला लेना ही पड़ता है.ऐसे में अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो पार्ट्नर से तलाक़ लेने के बाद दुखी हैं और आर्थिक,और भावात्मक रूप से ख़ुद को संभाल नहीं पा रही हैं,तो घबराएँ नहीं,ज़िंदगी के मार्ग इतने क्रपण नहीं कि कोई मार्ग न सुझा सकें.सिर्फ़ इन बातों पर ध्यान दे-
1-इमोशनल बदलाव-जब आप किसी व्यक्ति से लम्बे समय तक जुड़े होते हैं तो ,निश्चित रूप से आप ,भावनात्मक रूप से डिस्टर्ब तो होंगे ,जिसका प्रभाव आपकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ेगा. कुछ लोग तो इस बात को स्वीकार ही नहीं कर पाते कि ,उनका तलाक़ हो गया है.वो इसी मुग़ाल्ते में रहते हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है.और वो अंदर तक टूट जाते हैं.कुछ ,पूरी परिस्थिति के लिए ख़ुद को जिम्मेदार मानकर अपनी ही गल्तियां खोजने लगते हैं.अपने अंदर का अपराधबोध शांत करके आप आश्वस्त रहें कि,तलाक़ के बाद ज़िंदगी ख़त्म नहीं हो जाती,हाँ ज़िंदगी जीने का तरीक़ा ज़रूर बदल जाता है.बतौर सिंगल वुमन भी औरतें ज़िंदगी जीती ही हैं.आप भी जी लेंगी . निश्चिन्त रहें आप धीरे धीरे इस बदलाव से समझौता करना सीखती जाएँगी.
2-आर्थिक स्तिथी को सुदृढ़ बनाएँ-अगर आप तलाक़ से पहले अपने पार्ट्नर पर पूरी तरह से निर्भर थे तो अब आपको एहसास होगा कि आपको अब अपने जीविका के साधन स्वयं जुटाने हैं.यदि शादी से पहले नौकरी करती थीं और स्वेच्छा से या ,पति या घरवालों के दबाव में आकर नौकरी छोड़ दी थी तो,नौकरी करने का पुन: प्रयास करें.आपको जो काम पसंद हो और जिस काम को करने में आप पूर्ण रूप से सक्षम हैं उन्हें ख़ुद ही करना शुरू करें
3-ज़िम्मेदारी उठाएँ-रिश्ते से अलग हो गए हैं तो ज़ाहिर है आपको अपनी ज़िम्मेदारी भी ख़ुद ही उठानी होगी.अगर आपके बच्चे हैं और तलाक़ के बाद वे आपके साथ रह रहे हैं तो आपकी ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाएगी.परेशान और स्ट्रेस्ड होने की ज़रूरत नहीं.इस चैलेंज को स्वीकार करके ख़ुद को सशक्त बनाएँ,तभी आपके बच्चे आपको रोल मॉडल के तौर पर देखेंगे.
4-दोस्तों की होगी पहचान-जब बुरा वक़्त आता है तभी असली दोस्ती की पहचान होती है,ऐसे समय में जब आप अकेले हैं और आपको इमोशनल सपोर्ट की ज़रूरत है तो आपको सच्चे दोस्तों की परख अपने आप हो जाएगी.
5-ये गल्तियां कदापि न करें-तलाक़ के बाद बीते हुए कल के बारे में कदापि न सोचें,ना ही सोशल मीडिया पर या और न ही बाहर कहीं अपने पार्ट्नर का पीछा करें.वो आपका अतीत था.अतीत को याद करके अपने वर्तमान को दूषित करके आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा.
आप जो कुछ भी कमाती हैं उसका बजट बनाना कदापि न भूलें.