Summary:सुखी जॉइंट फैमिली का राज़: रिश्तों में ईगो क्लैश से दूरी क्यों है ज़रूरी
जॉइंट फैमिली में ईगो क्लैश बढ़ने से आपसी सम्मान, संवाद और प्यार कम होने लगता है, जिससे रिश्तों में कड़वाहट आ जाती है। अहंकार पर नियंत्रण और समझदारी से ही परिवार का माहौल सकारात्मक और रिश्ते मजबूत बने रहते हैं।
Secrets of Happy Joint Family: आज लोग एकल परिवार में रहना पसंद करते हैं, लेकिन जॉइंट फैमिली में रहना काफी सुखद एहसास होता है। मुसीबत के समय परिवार में जरुरत पड़ने पर कोई ना कोई सदस्य हमेशा ही मदद के लिए तैयार रहता है। लेकिन जॉइंट फैमिली तभी खुशहाल रह सकती है, जब उसमें प्यार, सम्मान और आपसी समझदारी हो। अगर इसमें परिवार के सदस्य छोटी-छोटी बातों के लिए नाराजगी दिखाएँ या फिर रिश्ते में ईगो लेकर आएं, तो आपसी सामजस्य बैठाना काफी मुश्किल होता है। इसलिए जॉइंट फैमिली में अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना और ईगो क्लैश से बचना काफी जरूरी होता है।
ईगो क्लैश से रिश्तों में दूरियाँ आती है

जब जॉइंट फैमिली में किसी सदस्य की सोच ऐसी होती है कि “मैं सही हूँ” या “मेरी बात ही मानी जाए” तो परिवार में संवाद कम और टकराव ज़्यादा होने लगता है। वह सदस्य किसी की बात मनाने को तैयार नहीं होता है, जिसकी वजह से छोटी-छोटी बातों पर अहंकार टकराने लगते हैं और सदस्यों के बीच मनमुटाव बढ़ता है, जिसकी वजह से रिश्तों में कड़वाहट आ जाती है। यह कड़वाहट समय के साथ-साथ गहरी खाई का भी रूप ले लेती है और एक समय के बाद जिसे मिटाना काफी मुश्किल हो जाता है।
आपसी सम्मान कम होता है

जॉइंट फैमिली की मजबूत नींव आपसी सम्मान पर ही टिकी होती है। ऐसे में जब ईगो क्लैश होने के कारण परिवार के सदस्य आपस में एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों को नज़रअंदाज़ करने लगते हैं, तब परिवार में असंतुलन तो पैदा होता ही हैं, साथ ही इससे आपसी सम्मान में भी कमी आती है।
घर का माहौल नकारात्मक होता है

ईगो और अहंकार से विवाद पैदा होता है और इससे घर का माहौल भी तनावपूर्ण बनता है। जब हर समय परिवार के सदस्यों के बीच बहस व ताने वाला माहौल बना रहे तो परिवार का माहौल नकारात्मक बनता है और परिवार में खामोशी छा जाती है। इसी वजह से घर सुकून की जगह बोझ सा लगने लगता है। इस नकारात्मक माहौल का असर केवल बड़ों पर ही नहीं बल्कि बच्चों के मानसिक विकास पर भी पड़ता है।
समस्याओं का समाधान होता है मुश्किल
जब जॉइंट फैमिली में कोई भी समस्या आती है तो उसका समाधान बातचीत और आपसी सहयोग से ही निकलता है, लेकिन रिश्तों के बीच ईगो हावी होने पर रिश्तों के बीच समझौते की गुंजाइश काफी कम रह जाती है। परिवार के सदस्य अहंकार और ईगो के कारण झुकने व माफ़ी मांगने के लिए तैयार नहीं होता है। उन्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करने से उनकी हार होगी और सभी सदस्यों की नज़रों में वे कमजोर साबित होंगे।
प्यार व अपनेपन में कमी आती है

जॉइंट फैमिली की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार और एक-दूसरे के प्रति अपनापन होता है। लेकिन जब इसमें ईगो क्लैश होता है तो भरोसे में कमी आती है। परिवार के सदस्य दिल से नहीं बल्कि अहंकार से फैसले लेने लगते हैं, जिससे रिश्तों की गर्माहट धीरे-धीरे खत्म होने लगती है और अपनेपन में भी कमी आती है।
