Relationship Advice: रिश्तों में सबसे ज़रूरी चीज़ होती है समझ और स्थिरता। लेकिन कई बार हमारे पार्टनर का स्वभाव हम समझ ही नहीं पाते हैं। इन सबके पीछे वजह है पार्टनर का स्वभाव कुछ-कुछ समय में बदलते रहना। क्या हो जब आपका पार्टनर कभी बहुत ज़्यादा प्यार जताए और अगले कुछ समय बाद उसका मूड बिलकुल बदल जाए। कभी वो आपकी हर बात पर मुस्कुराए और कभी छोटी-सी बात पर बहुत नाराज़ हो जाए। अगर आपके पार्टनर का मूड मौसम की तरह बदलता है, तो यह आपके लिए थोड़ा थकाऊ और कन्फ्यूज़िंग हो सकता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आपका रिश्ता काम नहीं कर रहा है। आपका रिश्ता हर तरह से ख़ास है, बस ज़रूरत है थोड़ी समझदारी और संवेदनशीलता अपनाएं। चलिए जानते हैं कुछ आसान तरीक़े,
जिनसे आप अपने पार्टनर के बदलते स्वभाव के साथ बेहतर तरीके से डील कर सकते हैं।
समझने की कोशिश करें

कई बार आपके पार्टनर का मूड स्विंग उनके जीवन में किसी तनाव के चलते या पुराने बुरे अनुभवों और मानसिक थकावट या कभी-कभी हार्मोनल बदलावों की वजह से भी होता है। अपने पार्टनर के स्वभाव को बिना परेशान और गुस्से के समझने की कोशिश करें। प्यार और समझदारी से उनसे मालूम करें क्यों इस तरह उनके स्वभाव में इतना उतार-चढ़ाव आता है। कभी-कभी सामने वाले को अंदाज़ा नहीं होता है, उनका स्वभाव इस तरह से बदलता है। उनके लिए ये साधारण भी हो सकता है सकता है।
बातों का सिलसिला
कई बार हम सामने वाले के बदलते बर्ताव को देखकर खुद भी चुप हो जाते हैं। लेकिन यह चुप्पी रिश्ते को उलझाने के साथ उनमें नीरसता लाती है। जब आपके पार्टनर का मूड अच्छा हो, तब उनसे इस बारे में खुलकर बात करें। उनसे बात करके कहें आपने देखा है कि उनका मूड जल्दी बदल जाता है। क्या ऐसा कुछ है जो वो आपसे साझा करना चाहते हैं। बातें होती रहे ये सबसे जरुरी है।जब आप दोनों के बीच बातचीत होती रहेगी तो यक़ीनन आप हर बात एक दूसरे के साथ जरूर साझा करने लगेंगे।
भावनात्मक संतुलन बनाएं रखें
अगर आप हर बार उनके मूड के साथ उनके साथ बात करना चाहेंगे या खुद को बदलने का सोचेंगे, ऐसे में आप परेशान रहने लगेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि आप अपने इमोशन्स पर पूरी तरह से नियंत्रण रखें और हर बात को इतना परेशान हो कर न सोचें। ऐसे में भावनात्मक संतुलन बनाए रखना बहुत जरुरी है। ध्यान, योग या मेडिटेशन से खुद को शांत रखने की कोशिश करें।
सीमा तय करें

रिश्ते में प्यार बहुत ज़रूरी है, लेकिन साथ ही अपनी मानसिक शांति भी उतनी ही मायने रखती है। अगर आपके पार्टनर का स्वभाव लगातार चिड़चिड़ा,नकारात्मक या आपको नुकसान पहुंचाने वाला है, तो ज़रूरी है कि आप साफ तौर पर सीमाएं तय करें। साफ़ शब्दों में अपने पार्टनर से कह दें अपने शब्दों और भावनाओं पर काबू रखें।
प्रोफेशनल मदद लेने के लिए तैयार करें
अगर आपके पार्टनर का स्वभाव बहुत ज़्यादा बदलता है, और वो खुद भी कई बार अपने इस व्यवहार से परेशान हो जाते हैं, तो शायद उन्हें किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करने की ज़रूरत हो सकती है। इसे लेकर कोई शर्म या झिझक नहीं होनी चाहिए।
