fifty shades freed novel in Hindi
fifty shades freed novel in Hindi

fifty shades freed novel in Hindi: मेरा शरीर गरमाहट में है। वह मेरी छाती पर सिर रख कर सो रहा है। टांगें टांगों से गुंथी हैं और उसने मेरी कमर को अपने हाथों से घेरा हुआ है। मैं हिलना नहीं चाहती क्योंकि मेरे हिलते ही उसकी नींद भी टूट जाएगी। कल मैंने कितनी वाइन पी और उसने रोका भी नहीं।

तभी उसकी आंख खुल गई।

“गुड मार्निंग मिसेज ग्रे! ”

“गुडमार्निंग मि. ग्रे! कल रात आपने मेरा बहुत अच्छा ध्यान रखा।”

“मैं ऐसे ही ध्यान रखता रहूंगा।” उसने हाथ दबाया तो मैं चिहुंकी।

“घूंसे का दर्द है।”

“नहीं, मैंने तो उसे थप्पड़ मारा था।”

“हरामी कहीं का!”

“मुझे तो लगा था कि कल रात कहानी खत्म हो गई।”

“यकीन नहीं आता कि उसने तुम्हें हाथ लगाया।”

“लाओ, हाथ दिखाओ।”

उसने मेरा हाथ चूमा और जादुई तरीके से सारा दर्द गायब हो गया।

“तुमने कल क्यों नहीं बताया कि इसमें दर्द था।”

“कल तो पता नहीं चला था।”

“मिसेज ग्रे! आपमें दम है।”

“हां, सो तो है।”

“मिसेज ग्रे! एक दिन आपसे दोदो हाथ होंगे। आपको बिस्तर में हराना है। यह मेरी फैंटेसी है।”

“क्या?”

“मुझे तो लगता था कि आप हमेशा से यही करते हैं।”

“अच्छा जी! तो हो जाए फिर।”

“अभी?”

वह मेरे ऊपर है और मैं उसकी जरूरत को महसूस कर रही हूं। यह सब क्या है? हमारी झड़प? फेंटेसी? क्या वह मुझे चोट पहुंचाएगा? मेरे भीतर बैठी लड़की ने सिर हिलाया कभी नहीं।

“क्या तुम पलंग पर नाराज होने की बात इसलिए कर रहे थे।”

“अपना होंठ मत काटो।”

उसने बिना कुछ कहे, मुझे जकड़ा और चूमने लगा। मैंने भी अपने बाल उसके चेहरे पर बिखेर दिए।

“तो आज आप जोर जबरदस्ती चाहते हैं।

उसने मुंह खोल कर गहरी सांस ली।

“हां। वह बोला और मैंने उसे छोड़ दिया।

“ठहरो।” मैंने मेज के पास रखा पानी पी लिया। वह ठंडा था। शायद उसने ही मेरे लिए रखा होगा। मैंने उसे चूमते हुए, ठंडा पानी उसके मुंह में डाल दिया।

“मिसेज ग्रे! बहुत टेस्टी था।”

इसके बाद उसने मेरे हाथ पीछे की ओर खींच दिए।

“अच्छा! मैंने ऐसा दिखावा करना है कि मैं तैयार नहीं हूं।”

“हां”

“पर मैं कोई हीरोइन नहीं हूं।”

“कोशिश करो।”

“अच्छा! मैं खेल के लिए तैयार हूं।”

उसने मेरे ऊपर चढ़ कर हाथ दबाए तो मैं छूटने के लिए हाथापाई करने लगी। मैंने उसे छाती से धकेला और उसने अपने घुटने से मेरी टांगें दबा लीं।

मैं उसे धकेलती रही पर वह एक इंच भी नहीं हिला। फिर मैंने अपने दूसरे हाथ से उसके बाल पकड़ लिए।

“ओह!” वह चीखा। उसकी आंखों में आदिम हिंसा की झलक दिखी।

उसकी सांसें भी महक रही हैं। मैं उससे छूटने की कोशिश में और भी लिपटती जा रही थी। ओह! क्या नशा है।

उसने मेरे दोनों हाथ लपक लिए और अपने हाथ को मेरे पूरे बदन पर रेंगने की इजाजत दे दी।

मैं चिल्लाई पर उसने अपने हाथों के जादू से मुझे बेबस कर दिया है।

जब उसने चूमना चाहा तो मैंने मुंह घुमा लिया उसने अपने हाथ से मेरा मुंह पकड़ा और चूम लिया।

ओह बेबी! मुझसे लड़ाई करो।

मैंने अपने आप को उसकी पकड़ से छुड़ाने के लिए बहुत हाथ पैर मारे। वह मेरे निचले होंठ को धीरे धीरे काट रहा है। मुझे लगा कि मैं यह खेल नहीं खेल सकती। मैं तो उसके लिए मरी जा रही हूं। हमेशा की तरह उसे पाने को बेताब हूं। पूरे शरीर में वासना की लहर दौड़ रही है।

मैं अपनी दोनों टांगों की मदद से उसका पजामा नीचे खिसकाने लगी।

“एना! ” उसने गहरी सांस ली और अब हमारे बदन का एकएक हिस्सा स्पर्श के लिए तरस रहा है।

उसने एक ही झटके में मेरी टीशर्ट उतार दी।

मैंने भी वैसा ही किया और अब मैं उसे पूरी तरह से महसूस करने के लिए तैयार हूं। शायद अब मुझे भी उसकी फैंटेसी और प्यार जताने के तरीके भाने लगे हैं। उसके हाथ मेरे शरीर के एक एक अंग को बहुत ही लगाव से सहला रहे हैं और पूरे बदन में उत्तेजना की लहरें दौड़ रही हैं। उसके शरीर का उभार मेरे लिए किसी उत्तेजक वस्तु से कम नहीं है। मैंने उसे हाथों में थाम कर दबाया तो उसके मुंह से एक आह सी निकल गई।

मैंने उसे कस कर अपनी टांगों से लपेट लिया और चूमने लगी। उसके हाथ मेरे वक्षों से खेल रहे हैं और उसकी मीठी यंत्रणा के बीच मेरी पूरी देह हिलोरें ले रही है। वह कितना सुंदर है। वह कितना प्यारा है। वह मेरा पति है। वह मुझसे प्यार करता है। वह मुझे चाहता है।

मैं अब उसके साथ एक हो जाना चाहती हूं।

मैंने अपने बदन को उसके साथ और सटाना चाहा तो उसने चुटकी ली।

“ओह मिसेज ग्रे! इतनी अधीरता।”

“हां, मेरे भीतर समा जाओ। मुझसे रहा नहीं जा रहा।”

उसके हाथ धीरे धीरे बदन से खेलते रहे। मैं उसे अपने भीतर संजो लेना चाहती हूं पर वह इस खेल को बहुत धीरे धीरे, लंबे समय तक खेलना चाह रहा है।

ओह हद हो गई।

उसने मेरे पूरे शरीर पर कब्जा करते हुए, मुझे बेदम कर रखा है। मैंने उसे हिलाना चाहा पर वह टस से मस नहीं हुआ।

“ओह तो तुम जोर जबरदस्ती का खेल चाहती हो।”

अरे! कुछ देर पहले उसने तो ही यह शुरू किया था। फिर वह लजीले प्रेमियों की तरह पेश आने लगा। पहले हाथापाई हुई और फिर वह भद्र पुरुषों की तरह खेलने लगा। यह आदमी भी निराला ही है। पल भर में कितने रंग बदलता है। इसे जानना बहुत मुश्किल है।

मैंने एक बार फिर उसे जताया कि मैं क्या चाहती हूं। उसने मुझे झट से गोद में खींच लिया और बोला-

“अच्छा मिसेज ग्रे! हम इसे आपके तरीके से करते हैं।”

आह! यही तो मैं चाहती थी। इसके लिए ही तो जाने कब से तरस रही थी। मैंने अपनी अंगुलियां उसकी गर्दन में धंसा दीं। मैं हिलने लगी। मैंने उसकी देह को अपने नियंत्रण में लिया और अपनी गति से खेलने लगी। वह कराहा और अपने होंठ मेरे होठों से जोड़ दिए। हम जाने कौन सी दुनिया में जा कर खो गए।

मैं क्रिस्टियन की छाती पर अंगुलियां फिरा रही हूं और हम दोनों ही बेदम हुए पड़े हैं। उसके हाथ लगातार मेरी पीठ सहला रहे हैं।

“तुम बहुत चुप हो।” मैंने उसका कंधा चूम लिया। वह मुड़ कर बोला।

“बहुत आनंद आया।”

“एना! तुमने मुझे उलझन में डाल दिया।”

“कैसी उलझन?”

“आज से पहले तो मैंने तुम्हें कभी फैंटेसी का मजा लेते नहीं देखा। क्या तुम्हें यह अच्छा लगता है।”

ओह! मेरा पति और उसका रंगीन सेक्सी जीवन! मैं भीतर ही भीतर इस सवाल से जूझ रही हूं कि क्या मैं उसकी उस दुनिया में जाना चाहती हूं?

“क्या पिछली लड़कियां तुम्हें छू सकती थीं?”

“नहीं एनेस्टेसिया! तुम मुझे छू सकती हो।”

“वह तुम्हें छू सकती थी?” ओह! मुझे उसका नाम लेने की क्या पड़ी थी?

“वह अलग बात थी।”

“मैं अचानक ही पूछना चाहती हूं कि तुम्हें यह सब अच्छा लगा या बुरा?”

वह मुझे हैरानी से देखता रहा और फिर बोला

“शायद बुरा?”

ओह! ये मैंने क्या किया।

“मुझे लगा था कि तुम्हें यह पसंद आएगा।”

“हां कभी वह वक्त भी था।”

“अब नहीं?”

ओह क्रिस्टियन… मैं भावुक हो गई। मेरा प्यारा सा बेबी! मैं उसे बांहों में भर कर पूरे शरीर पर चूमने लगी। उसने भी मुझे पास खींचा और चूमने लगा। धीरे धीरे हम एक बार फिर एक दूसरे में समा गए।

“यह आ गईं एना टाइसन! जिन्होंने कल एक धांसू घूंसा जमाया।” जैसे ही मैं कमरे में गई तो नाश्ते की मेज पर बैठे ईथन ने तालियां बजाईं। केट और बाकी सब भी वहीं हैं और नाश्ता कर रहे हैं। मेरा पति कहीं दिखाई नहीं दिया।

“गुडमार्निंग! मेरा पति कहां है?”

“बाहर है।” केट ने खिड़की की ओर इशारा किया।

वहां बहुत प्यारा सा दिन खिला

…और वह किसी से बातें करने में मग्न था।

“वह मि. बेंटले हैं।” ईया ने मेरी जानकारी बढ़ाई।

मैं खिड़की के पास जा कर उसे पास से देखने लगी। अचानक ही उसकी नजर मेरी तरफ गई और उसने प्यारी सी मुस्कान उछाल दी।

इसी तरह वहां का वक्त मजे से बीता

“ओह नींद की महारानी! ” उठो घर आ गया।

मुझे क्रिस्टियन ने जगाया। मैंने उसके कंधे पर सिर रखा और आंखें बंद कर लीं।

एक लंबी हाइक के बाद पहाड़ी पर हुई पिकनिक ने मुझे बहुत थका दिया था। हमारी बाकी पार्टी भी थकी हुई दिखी। इलियट अपने दस्तावेज पढ़ रहा है। ईया किसी किताब में मग्न है और कुछ लोग खर्राटे ले रहे हैं।

मुझे अभी इलियट से अकेले में जिआ वाली बात करनी है पर मौका नहीं मिल पा रहा।

हमारी उड़ान उतरने लगी तो क्रिस्टियन ने पूछा

“मिसेज ग्रे! आपका वीकएंड कैसा रहा?”

“बहुत अच्छा थैंक्स! ”

“तुम जब चाहो। हम वहां जा सकते हैं। अगली बार रे को भी ले चलेंगे। उन्हें मछली पकड़ना पसंद है।”

“हां, यह सही रहेगा।”

“ये तुम्हारे लिए कैसा रहा?” मैंने पूछा।

“अच्छा था।” उसने मेरे सवाल पर अपनी हैरानी दिखाते हुए कहा।

“बहुत अच्छा था।”

“तुम कितने रिलैक्स दिख रहे हो।”

“मुझे पता था कि तुम सुरक्षित हो।”

“क्रिस्टियन मैं हमेशा सुरक्षित ही होती हूं। पहले भी कितनी बार बता चुकी हूं कि मेरे लिए इतनी चिंता मत किया करो। मैं चाहती हूं कि तुम्हारे साथ अपना बुढ़ापा भी बताऊं तो मुझे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता।” मैंने उसका हाथ थाम लिया। वह मुझे ऐसे देख रहा है मानो मेरी कही बात का मतलब निकालना चाह रहा हो। उसने मेरा हाथ चूमा और बात का विषय बदल दिया।

“हाथ कैसा है?”

“पहले से बेहतर है, थैक्स!”

“मिसेज ग्रे! जिआ से मिलने को तैयार हैं?”

ओह! मैं तो भूल ही गई थी कि आज शाम को हमारी उसके साथ मीटिंग थी।

मैंने चुटकी ली, “हां मुझे तुम्हें भी तो सुरक्षित रखना है।”

“मिसेज ग्रे! आपको मुझे संभाल कर ही रखना चाहिए। वह भी हंस दिया।

क्रिस्टियन ब्रश कर रहा था, मैं बिस्तर में आ गई। कल हम अपनी हकीकत की दुनिया में लौटने वाले हैं। जैक हाइड और खटखटाते कैमरे! हो सकता है कि मेरे पति को पता हो कि उसने क्या बताया पर क्या वह मुझे इस बारे में कभी बताएगा? उससे जानकारी निकलवाना कोई आसान काम नहीं है। क्या मैं ऐसा करते हुए, हमारे बीच की मिठास को खत्म तो नहीं कर दूंगी।

उसे इस माहौल में अपने परिवार के साथ हंसी खुशी देखना बहुत अच्छा लग रहा है। हो सकता है कि इस घर की यादें उसके दिल के लिए मलहम का काम कर रही हो।

मुझे अचानक याद आया कि जब मैं जिआ से कहा था कि मैंने उसे एस्पेन में देखा था तो वह कैसे भौंचक्की रह गई थी। वैसे वह तो एक संयोग मात्र था। वह इलियट के साथ केट के लिए रिंग ले रही थी पर मुझे अब भी उस पर यकीन नहीं होता। मैं इलियट के मुंह से सब सुनना चाहती हूं। कम से कम मुझे अपने पति को तो उस आदमखोर औरत से बचाना ही होगा।

मैंने आकाश की ओर ताका। क्या नजारा है। पूरा सिएटल हमारे सामने बिछा हुआ है। कितनी संभावनाओं से भरपूर पर फिर भी कितना दूर…। शायद मेरे पति की भी यही समस्या है। वह बहुत लंबे समय तक हकीकत की जिंदगी से दूर रहा है। आज वह अपने परिवार के साथ कितना सहज और सामान्य दिख रहा है। उसके व्यवहार का सनकीपन जाने कहां चला गया। मैं सोच रही थी क्या यह सब अकेले डॉक्टर के वश में होता? शायद यही सही जवाब है। उसे केवल अपना परिवार चाहिए। मैंने अपनी गर्दन हिलाई। हम सब इन बातों के लिए अभी बहुत ही अनजान और नादान थे। मेरे पति ने हमेशा की तरह दिलकश अंदाज में भीतर आने के लिए दरवाजा खटखटाया

“सब ठीक तो है?”

उसने अपनी गर्दन हिलाई।

“दिल में आ रहा कि यहीं रह जाएं।”

“अच्छा?”

“हां। यह वीकएंड बहुत प्यारा था। थैंक्स!”

“एना! तुम ही मेरी हकीकत हो।” उसने कहा और हौले से चूम लिया।

“क्या तुमने उन्हें याद किया?

“किसे?”

“वही तुम्हारे कोड़े और छड़ियां।” मैंने थोड़ा हकलाते हुए कहा।

वह मुझे घूरता रहा। “नहीं एना! मुझे ऐसी किसी चीज की याद नहीं आई।”

“एना! पहले मैं उसके सिवा कुछ जानता ही नहीं था। पर तुमने मुझे दूसरे तरीके से जीना सिखाया।”

“मैंने सिखाया?”

“हां। क्या तुम उन बातों को दोहराना चाहती हो।”

“हां कुछ चीजें।” मैंने लजाते हुए कहा।

“क्या चीज?”

“तुम्हारा चाबुक…”

“अच्छा देखेंगे… वैसे अभी तो मैं पुराने फैशन का वनीला ही लेना चाहूंगा।” उसने मेरे निचले होंठ पर अंगूठा फिराया और उसे चूम लिया।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: गुडमार्निंग

डेट: 29 अगस्त 2011 09:14

टू: क्रिस्टियन ग

मि. ग्रे

बस यही कहना था कि मुझे आप से बहुत प्यार है।

हमेशा आपकी

एनेस्टेसिया ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: ये बात

डेट: 29 अगस्त 2011 09:18

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मिसेज ग्रे

सोमवार सुबह अपनी पत्नी के मुंह से ऐसी बात सुन कर स्वाद ही आ गया।

मैं भी तुम्हारे लिए ऐसा ही महसूस करता हूं।

आज शाम के डिनर के लिए सॉरी! उम्मीद करता हूं कि तुम्हें ज्यादा थकान नहीं होगी।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

अरे हां, आज तो हमें अमेरिकन शिप बिल्डिंग ऐसोसिएशन के साथ डिनर करना है। वह मुझे अपने साथ एक से एक आलीशान जगहों पर ले जाता है।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: रात को निकलने वाले जहाज

डेट: 29 अगस्त 2011 09:26

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

उम्मीद है कि आप इसे रंगीन बनाने के लिए कुछ कर सकते हैं।

इसी उम्मीद में..

एनेस्टेसिया ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: विविधता में जीवन का रस है

डेट: 29 अगस्त 2011 09:35

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मिसेज ग्रे

मेरे पास कुछ नए प्लांस हे

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

मेरे पेट की मांसपेशियों में ऐंठन होने लगी। काश वह… तभी हैना के आने से मेरा ध्यान टूटा।

मैंने उसे बिठाया और काम की बात करने लगी।

“क्या हम बीस मिनट में यह मीटिंग कर सकते हैं?”

“हां! मैं प्रबंध करती हूं।”

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: कल रात

डेट: 30 अगस्त 2011 09:24

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

मज़ा आ गया

किसने सोचा कि था डिनर में इतना मज़ा आएगा।

हमेशा की तरह, मिसेज ग्रे आप कभी निराश नहीं करतीं।

आई लव यू

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: बॉल गेम पसंद आई

डेट: 30 अगस्त 2011 09:33

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

मुझे सिल्वर बॉल्स की याद आ रही है।

आप कभी निराश नहीं करते

मिसेज ग्रे

संपादक, एसआईपी

हैना ने अंदर आ कर मुझे मेरे ख्यालों से बाहर ला पटका। क्रिस्टियन का चेहरा… उसके हाथ…।

“अंदर आ जाओ।”

“एना! आज सुबह तुम्हारी बहुत जरूरी मीटिंग है। तुम तैयार रहना।”

“हां ठीक है! ” मैंने कल रात की यादों को दिमाग से निकालते हुए काम में मन रमाया।

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: हाइड

डेट: 1 सितंबर 2011 15:24

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

हाइड को जमानत नहीं मिली। उस पर अपहरण व सेंधमारी का आरोप है। …और अभी मुकदमे की तारीख भी तय नहीं हो सकी।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: हाइड

डेट: 1 सितंबर 2011 15:53

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

खबर अच्छी है। इसका मतलब है कि अब आप सुरक्षा कर्मी घटा देंगे?

मुझे प्रेस्कॉट फूटी आंख नहीं भाती।

मिसेज ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: हाइड

डेट: 1 सितंबर 2011 15:59

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

सिक्योरिटी वही रहेगी। कोई बहस नहीं।

प्रेस्कॉट को क्या हुआ? अगर पसंद नहीं तो उसकी जगह किसी और को रख सकते हैं।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

मैंने मेल को देख कर मुंह बनाया। वैसे वह बेचारी इतनी बुरी भी नहीं है।

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: हाइड

डेट: 1 सितंबर 2011 16:03

टू: क्रिस्टियन ग्रे

मैं तो ऐसे ही कह रही थी। प्रेस्कॉट के बारे में सोचूंगी।

क्या हथेली खुजला रही है?

मिसेज ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: मुझे मत ललचाओ

डेट: 1 सितंबर 2011 16:11

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

आज शाम हथेली के बारे में कुछ करना ही होगा। बहुत खुजली हो रही है।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईओ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: ओह…

डेट: 1 सितंबर 2011 16:20

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

आपके वादे… वादे

अब मुझे तंग न करें। किसी लेखक से मीटिंग है। मुझे उससे बात करने दें।

मिसेज ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: आपके निराले शौक

डेट: 5 सितंबर 2011 09:18

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

आप जानते हो किसी लड़की का दिल कैसे जीता जाता है।

मैं हर सप्ताहांत पर ऐसे ही मौके की उम्मीद रखती हूं।

तुम मुझे बिगाड़ रहे हो। मुझे अच्छा लगा।

मिसेज ग्रे

संपादक, एसआईपी

फ्रॉम: क्रिस्टियन ग्रे

सब्जेक्ट: मेरी जिंदगी का मिशन…

डेट: 5 सितंबर 2011 09:25

टू: एनेस्टेसिया ग्रे

आपको बिगाड़ना और सुरक्षित रखना… क्योंकि मुझे आपसे प्यार है।

क्रिस्टियन ग्रे

सीईआ

ग्रे इंटरप्राइजिस होल्डिंग्स, इंक

हाय ! ये कभी कभी कितना रोमानी हो जाता है!

फ्रॉम: एनेस्टेसिया ग्रे

सब्जेक्ट: मेरी जिंदगी का मिशन….

डेट: 5 सितंबर 2011 09:33

टू: क्रिस्टियन ग्रे

डियर मि. ग्रे

…कि आपको ऐसा करने दूं क्योंकि मैं भी आपसे प्यार करती हूं।

अब ज्यादा प्यार मत दिखाओ। मुझे रोना आ जाएगा

मिसेज ग्रे

संपादक, एसआईपी

अगले दिन मैंने कैलेंडर देखा तो पता चला कि मेरा जन्मदिन आने में केवल पांच दिन रह गए थे। मुझे पता है कि हम इलियट द्वारा बनवाया गया घर देखने जा रहे हैं पर क्या मेरे पति ने कोई और योजना भी बनाई है?

तभी बाहर से हैना ने आ कर बताया कि कोई लीला विलियम मुझसे मिलना चाहती थी।

लीला विलियम… उसका नाम सुनते ही मेरा मुंह सूख गया।

हद हो गई… वह मुझसे क्या चाहती है?