शिकायती बच्चा, कहीं बड़ों की लापरवाही तो नहीं
बच्चे के कोमल मन पर माता पिता की इस डांट का बहुत बुरा असर होता है। उसे लगने लगता है , उसके माता पिता उसकी परेशानी सुनना ही नहीं चाहते हैं।
Parenting Hacks: मम्मी ये अच्छा नहीं बना है मुझे नहीं खाना है, मां मुझे ठंडा नहीं गरम दूध चाहिए था, पापा आज मेरे दोस्त ने मेरे मन का गेम नहीं खेला। क्या आपका बच्चा भी ऐसे की शिकायतों की पोटली ले कर आपके आस पास मंडराता रहता है। या वो जहाँ जाता है बस हर बात पर शिकायत ही करने लगता है। बच्चे का ऐसा स्वभाव माता पिता को बेचैन कर देता है। कई बार हम अपन आप खो बैठते हैं और बच्चों को डांट देते हैं। बच्चे के कोमल मन पर माता पिता की इस डांट का बहुत बुरा असर होता है। उसे लगने लगता है , उसके माता पिता उसकी परेशानी सुनना ही नहीं चाहते हैं। बच्चे की ये आदत उसके लिए अच्छी नहीं है। आगे जा कर उसकी ये आदत उसके लिए ही परेशानी खड़ी कर सकती है।
आइये जानते हैं कैसे सुधारे बच्चे की शिकायती आदतें।
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उन्हें सुनें

बच्चे अपने आस पास मौजूद सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचना चाहते हैं। कई बार वो इसलिए शिकायते करते हैं की आप उन्हें सुनेंगे। सच में सुना जाना बहुत मायने रखता है। सोचिये आप अपने मन की बात किसी से कहें और वो पूरी तरह से उसे इग्नोर कर दे तो आपके मन में कितने नकारात्मक ख्याल आएंगे उस व्यक्ति के लिए। ठीक ऐसे ही बच्चों को आराम से सुनें, ताकि उन्हें महसूस हो की आप उनकी बात पर ध्यान दे रहे हैं। थोड़ा सा समझाने पर वो साड़ी शिकायते भूल जाएंगे।
सकारात्मक रहें

बच्चो को ध्यान से सुने जाने के साथ साथ जरुरी है की उसकी बात को सकारात्मक रूप से उसके ही सामने रख दिया जाए। जैसे खाना ना खाने वाली बात पर बताएं की आप भी ऐसे ही थे लेकिन धीरे धीरे आपको समझ आया खाना कितना जरुरी है। लड़ाई झगड़ों उन्हें अच्छा या गन्दा बच्चा कहने की जगह बताएं की उन्हें कैसे रोका जा सकता है। इस तरह बच्चे के मन में भी सकारात्मकता आएगी, जल्द ही वो अपना शिकायती अंदाज़ भूल जाएगा।
नजरिये का फर्क

बच्चे को समझाएं एक ही चीज को अलग अलग तरह से देखे। जैसे स्कूल ना जाने वाली बात पर कहें, ठीक है आप मत जाओ, लेकिन आज मेरे दोस्त मुझसे मिलने घर आने वाले हैं ये मेरे वही दोस्त हैं जो मेरे साथ स्कूल में भी थे। देखा दोस्तों के साथ बिताया हुआ एक एक दिन कितना अच्छा होता है। इस तरह बच्चे दोस्ती करना और निभाना भी सीख जाएंगे।
कहीं आप वजह तो नहीं

कई बार हम अपने कामों में इतने उलझे होते हैं की बात बात पर अपनों से ही शिकायत करने लगते हैं। कहीं न कहीं बच्चा हमारा ये स्वभाव देख कर उसे अपना लेता है। बच्चे को लगता है गुस्सा आने पर मन ख़राब होने पर शिकायत करना जरुरी होता है। अपने अंदर बदलाव लाएं। बच्चा कभी भी वो नहीं सीखता जो हम उसे सिखाते हैं, बल्कि बच्चा हमें जो करते हुए देखता है वही सीखने लगता है। पहले अपने आप में सुधार करें।
