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World Population Day 2022
World Population Day 2022

जनसंख्या दिवस और महिलाएं

World Population Day 2022: कहते हैं न कि परिवार की गृहलक्ष्मी अगर पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर हो तो वह पूरे परिवार को साक्षर और विकसित बना सकती है। ऐसे में अगर हम विश्व जनसंख्या दिवस पर महिलाओं के बारे में बात न करें तो हमारी योजना अधूरी रह सकती है क्योंकि सृजन का कार्य प्रकृति ने उन्हें ही सौंपा है। यही वजह है जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर घर की महिलाओं को अधिक जागरूक होने की जरूरत है।

भारत के मामले में कुछ अच्छी खबर हाल ही में आई थी दरअसल नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 ने दूसरे चरण का डेटा जारी किया था जिसके अनुसार अब देश में ज्यादातर समुदायों का TFR 2 से भी कम हो गया है। यह भारत के लिए एक अच्छा संकेत है क्योंकि अब भारत की महिलाएं हम दो हमारे दो के सिद्धांत पर परिवार नियोजन में अपना योगदान दे रहीं है।

आपको बताते चलें कि किसी भी देश की कुल प्रजनन दर उस वहां की जनसंख्या, शिक्षा, महिला स्वास्थ्य और कॉन्ट्रासेप्टिव मेथड्स को लेकर जागरूकता के बारे में बताती है। इस तरह देखें तो भारत की महिलाओं ने इस दिशा में अपना कदम आगे बढ़ा लिया है अब जरूरत है तो ग्रामीण इलाकों के लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक करने की ताकि विश्व जनसंख्या दिवस पर भारत एक कदम और आगे बढ़े।

विश्व जनसंख्या दिवस क्यों मनाया जाता है?

पूरा विश्व आज यानी 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मना रहा है, इस दिन को मनाये जाने की औपचारिक घोषणा साल 1989 में सयुंक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ( UNDP ) द्वारा की गई थी और इस दिवस को अगले ही वर्ष 1990 से लगातार मनाया जा रहा है। इस दिन दुनिया के सभी देश अपने यहां जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए नए-नए उपायों को खोजते और उन्हें लागू करते हैं।

जनसंख्या एक ऐसा मुद्दा है जिससे बाकी सभी समस्याएं जुड़ी हुई हैं फिर चाहे वह प्रकृति में मौजूद संसाधन हो, पर्यावरण सरंक्षण हो या फिर मानव कल्याण ही क्यों न हो। इस बार के जनसंख्या दिवस की थीम है : आठ अरब की दुनिया – सभी के लिए एक लचीले भविष्य की ओर, अवसरों का दोहन और सभी के लिए अधिकार व विकल्प सुनिश्चित करना।

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