नवरात्रि को नवरात्रि क्यों कहते हैं? इसे नौ दिन क्यों नहीं कहते, क्या इसका रात्रि से कोई संबंध है?: Why is Navratri called Navratri
Why is Navratri called Navratri

नवरात्रि को नवरात्रि क्यों कहते हैं? इसे नौदिन क्यों नहीं कहते क्या इसका रात्रि कोई संबंध है?

Navratri 2024 : नवरात्रि को नवरात्रि ही क्यों कहा जाता है, अक्सर आप लोगों के मन में इस तरह का सवाल उठा होगा। इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-

Why is Navratri called Navratri: क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर नवरात्रि को नवरात्रि ही क्यों कहते हैं? इसे नौ दिन क्यों नहीं कहते हैं? अगर कभी भी आपके मन में इस तरह का सवाल उठा है, तो इस लेख में आपको इसका उत्तर जरूर मिलेगा।नवरात्रि का नाम संस्कृत के दो शब्दों “नव” (नौ) और “रात्रि” (रात) से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है “नौ रात्रियों” का समय होता है।।अब नवरात्रि को “नौ दिन” के बजाय “नौ रात्रियां” क्यों कहा जाता है, इसके पीछे धार्मिक और आध्यात्मिक कारण हैं। आइए जानते हैं इस बारे में-

हिंदू धर्म में रात्रि का समय विशेष रूप से पूजा, ध्यान और साधना के लिए अनुकूल माना जाता है। यह समय ध्यान, प्रार्थना और आत्ममंथन का होता है। रात में दुनिया की बाहरी हलचल कम हो जाती है, जिससे साधक आसानी से ध्यान और आत्मा की शांति की ओर केंद्रित हो सकता है। नवरात्रि की पूजा भी अक्सर संध्या समय या रात के दौरान की जाती है। ऐसे में नवरात्रि में रात का विशेष महत्व होता है।

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Why is Navratri called Navratri
Puja in Night

“रात्रि” प्रतीक है अज्ञानता यानि अंधकार का और नवरात्रि के दौरान की गई साधना हमें उस अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाती है। नौ रात्रियां देवी की आराधना के माध्यम से आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक हैं।

देवी दुर्गा को अंधकार और नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करने वाली मानी जाती हैं। रात्रि का समय जो अंधकार का प्रतीक है, देवी की शक्ति और उनके दुष्टों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति का आह्वान करने का उचित समय माना गया है।

Navratri
Navratri

रात को मन शांत होता है और ध्यान के लिए इसे सबसे अनुकूल समय माना गया है। नवरात्रि के दौरान साधक अपने मन को देवी की आराधना में केंद्रित कर सकते हैं, और रात के समय में ध्यान और साधना से अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।

दिन के समय में भौतिक दुनिया की गतिविधियां और जिम्मेदारियां अधिक होती हैं, जिससे साधना और ध्यान में पूरे मन से ध्यान देना कठिन हो सकता है।

दिन को “रात्रि” से जोड़ा गया है, ताकि यह संकेत मिले कि यह साधना का समय अंधकार को हटाने और शांति प्राप्त करने का है।

इसलिए नवरात्रि को “नौ रात्रियां” कहा जाता है, क्योंकि यह समय अज्ञानता से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर यात्रा करने का होता है और यह साधना और ध्यान के लिए सबसे उपयुक्त समय है।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...