It is important for women to move towards economic independence
It is important for women to move towards economic independence

Summary: समय की मांग है कि महिलाएं भी खुद संभालें अपनी वित्तीय बागडोर

जब महिलाएं निवेश, बचत और आर्थिक निर्णयों में सक्रिय होती हैं, तो वे न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार और समाज को भी सशक्त बनाती हैं। इसलिए जरूरी है कि इस पुराने टैबू को तोड़कर महिलाएं अपने पैसों की असली मालिक बनें।

Financial Independence for Women: यह आज के समय भी बहुत आम बात है कि महिलाएं आर्थिक आजादी की बात तो दूर, निवेश या आर्थिक फैसलों के बारे में सोचें। यह धारणा केवल ग्रामीण या परंपरागत समाज तक सीमित नहीं रही है, बल्कि आज भी कई शहरी और आधुनिक परिवारों में पैसों पर बातचीत को महिलाओं के लिए गैरजरूरी मान लिया जाता है। लेकिन समय बदल रहा है, और आज की परिस्थिति यही मांग करती है कि महिलाएं इस चुप्पी को तोड़ें और अपनी आर्थिक आजादी की ओर न सिर्फ कदम बढ़ाएं बल्कि संभालें भी। आइए जानते हैं नीरज भगत एंड कंपनी की एमडी सीए रुचिका भगत से कि क्यों महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे आर्थिक आजादी की ओर कदम बढ़ाएं।  

किसी भी महिला की असली आजादी तभी संभव है जब वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो। जब पैसों पर उसका नियंत्रण होता है, तब उसे करियर, रिश्तों, जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़े फैसले लेने की आजादी मिलती है।

आज भी महिलाओं और पुरुषों की कमाई में असमानता मौजूद है। मातृत्व या घरेलू जिम्मेदारियों की वजह से महिलाओं का करियर कई बार रुक जाता है। ऐसे में यदि महिलाएं अपने वित्तीय ज्ञान और निवेश की समझ बढ़ाएं तो वे इस अंतर को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

Women's financial independence is essential
Women’s financial independence is essential

जीवन कभी भी अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है, नौकरी छूटना, बीमारी, पति का असमय निधन या किसी रिश्ते का टूटना। यदि महिला आर्थिक रूप से सक्षम है, तो ऐसे समय में उसे दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

शोध बताते हैं कि महिलाएं आमतौर पर सोच-समझकर, लंबे समय के लिए और सुरक्षित निवेश करने में विश्वास रखती हैं। उनकी यह सतर्कता न केवल परिवार बल्कि समाज के लिए भी स्थिर आर्थिक भविष्य तैयार कर सकती है।

पैसे का ज्ञान केवल नंबर जोड़ने का खेल नहीं है, बल्कि यह कॉन्फिडेंस और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने का साधन है। आर्थिक साक्षरता रखने वाली महिलाएं ऑफिस में बेहतर बातचीत कर सकती हैं और अपने बच्चों को भी सही उदाहरण दे सकती हैं।

महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की शुरुआत तभी होगी जब पैसे पर बातचीत खुलकर होगी। वेतन, बचत, निवेश और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा घर और समाज दोनों में सामान्य होनी चाहिए। महिलाओं को सवाल पूछने और जानकारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

Practical steps women can take for financial independence
Practical steps women can take for financial independence
  1. स्वयं को शिक्षित करें – बजट बनाने, बचत करने और निवेश साधनों (जैसे म्यूचुअल फंड, बीमा, शेयर, रिटायरमेंट प्लान) को समझने से शुरुआत करें।
  2. लक्ष्य तय करें – लंबे और छोटे समय के लिए लक्ष्य तय करें जैसे घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई, यात्रा या रिटायरमेंट।
  3. निवेश की ओर बढ़ें – केवल पारंपरिक बचत तक सीमित न रहें, बल्कि स्मार्ट निवेश विकल्प अपनाएं।
  4. विशेषज्ञ की सलाह लें – जरूरत पड़ने पर आर्थिक सलाहकार से मार्गदर्शन लें।
  5. नेटवर्किंग करें – महिलाओं के वित्तीय समूहों से जुड़ें और अनुभव शेयर करें।

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...