Summary: विदुषी दीक्षा वी कौन हैं, जिन्होंने 9 दिन तक भरतनाट्यम कर इतिहास रचा?
विदुषी दीक्षा वी कर्नाटक के उदुपी की एक प्रतिभाशाली भरतनाट्यम नर्तकी हैं। उन्होंने लगातार 216 घंटे यानी 9 दिन तक भरतनाट्यम प्रस्तुत कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
Vidushi Deeksha V: कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में अगर मेहनत और लगन से सफल हो जाए, तो उसके लिए इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं हो सकती। खासकर नृत्य जैसी कला में सफलता पाना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि इसके लिए कठिन अभ्यास, धैर्य और समर्पण की जरूरत होती है। लेकिन जब इस राह में सफलता मिलती है, तो उसका आनंद सबसे अनमोल होता है। ऐसा ही कुछ कर्नाटक की उदुपी की रहने वाली विदुषी दीक्षा वी के साथ हुआ। उन्होंने लगातार 216 घंटे यानी 9 दिन तक भरतनाट्यम प्रस्तुत कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। आइए जानते हैं, विदुषी दीक्षा कौन हैं और उनकी यह उपलब्धि क्यों इतनी खास मानी जाती है।
विदुषी दीक्षा कौन हैं?
विदुषी दीक्षा वी का जन्म और पालन-पोषण कर्नाटक के उदुपी में हुआ। उनके पिता वित्तल बस चालक हैं और उनकी मां शुभा छात्रावास में सहायक के रूप में कार्य करती हैं। सामान्य परिवार में पली-बढ़ी विदुषी बचपन से ही भरतनाट्यम में रुचि रखती थीं।
आर्थिक तंगी के बीच सीखा भरतनाट्यम
अपने एक इंटरव्यू में विदुषी दीक्षा वी ने बताया कि उन्हें अपने गांव में कोई भी छोटा सामान लाने के लिए 10 से 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। उनके पिता स्कूल ड्राइवर थे और मां छात्रावास में हेल्पर, इसलिए उन्हें हमेशा आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन उन्होंने सिर्फ 75 रुपए देकर भरतनाट्यम क्लास की फीस भरी और डांस सीखना शुरू किया।
मां का अधूरा सपना किया पूरा
विदुषी के मुताबिक, उनकी मां हमेशा से कलाकार बनना चाहती थीं, लेकिन गरीबी और सामाजिक दबाव के कारण वह ऐसा नहीं कर पाईं। उन्होंने अपना यह सपना विदुषी में भी जगाया। जब विदुषी मुश्किल से तीन साल की थीं, तब उनकी मां उन्हें उनकी पहली नृत्य कक्षा में लेकर गईं। शिक्षिका ने कहा कि वह बहुत छोटी हैं, लेकिन विदुषी चुपचाप कमरे के पीछे खड़ी होकर बड़े विद्यार्थियों की नकल करती थीं। यहीं से उनके नए सफर की शुरुआत हुई और फिर बड़े होने के साथ ही उनके नृत्य के क्षेत्र में पहचान बनाने की स्ट्रगल शुरु हुई।
विदुषी का विश्व रिकॉर्ड
विदुषी ने 21 अगस्त से 30 अगस्त 2025 तक लगातार 216 घंटे भरतनाट्यम किया। यह रिकॉर्ड Golden Book of World Records द्वारा अस्थायी रूप से मान्यता प्राप्त है और इसका तकनीकी सत्यापन अभी चल रहा है। इससे पहले का रिकॉर्ड 170 घंटे का था, जिसे विदुषी ने पार कर नया इतिहास रचा।
विदुषी दीक्षा का सपना
विदुषी दीक्षा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उनका सपना ऐसी अकादमी खोलने का है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे मुफ्त में कला सीख सकें। उनका मानना है कि किसी भी बच्चे को पैसों की कमी के कारण अपने शौक को छोड़ना नहीं चाहिए।
