भले ही हम भारतीयों का श्रीलंका से पौराणिक नाता हो और हम सब उसे रावण का देश मानते हों लेकिन फिर भी घुमक्कड़ों को ये देश घूमने से नहीं रोका जा सकता है। ये देश है ही इतना कमाल कि इसका इतिहास आकर्षित करता है तो समुद्र के किनारे रोमांचित। मूर्तियां भव्य हैं तो नजारे बेशकीमती। यही वजह है कि श्रीलंका घूमने जाने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। लोग इस देश के स्वछय वातावरण को देख कर मोहित हो ही जाते हैं। इस देश को जब कम समय में घूमना हो तो कैसे घूमेंगे ये भी एक सवाल है? क्योंकि देखने के लिए इतना कुछ है कि 3 दिन में सबकुछ देख पाना तो आसान बिलकुल नहीं होगा। लेकिन इसको थोड़ा आसान ऐसे किया जा सकता है कि कुछ खास जगहों को ही इन तीन दिनों में देख लिया जाए। अब ये खास जगहें कौन सी हो सकती हैं, आइए जान लें।

पहला दिन कैंडी के नाम-
श्रीलंका की कैंडी लेक शहर के बीच में है। इस 1807 में बनाई गई ये झील माउंटेन्स के बीच बनी है और टी प्लांटेशन को लेकर भी काफी प्रसिद्ध है। इस झील से बहुत ही मनोरम दृश्य नजर आता है। कैंडी शहर में टेंपल ऑफ टूथ भी है। झील को इसी के पास राजा विक्रमा राजसिंघे ने बनवाया था। कह सकते हैं इसकी पहचान ही यही मंदिर है। पहला दिन आपको इस शहर में ही बिताना चाहिए। ये शहर आपको खाने-पीने के अच्छे ठिकानों के लिए भी याद रहेगा। दिन की शुरुआत आप छन्ना पिन्नावल्ला कैफ़े से कीजिए। इसके बाद आप हाथियों के अनाथालय भी जा सकते हैं। ये दुनिया का सबसे बड़ा हथियों का अनाथालय है। यहां ज़्यादातर हाथी के बच्चों को ही देखा जा सकता है। जिनको पास की ही नदी में नहलाया भी जाता है। यहां आने का समय सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे तक है। यहां घूमने के बाद आपको सीधे टूथ टेंपल की ओर बढ़ जाना चाहिए। ये मंदिर बुध के दांत की वजह से जाना जाता है। माना जाता है कि जब महात्मा बुध की मृत्यु हुई तो उनके दांत को लेकर यहां रख दिया गया। मंदिर की खासियत ये भी है कि बाहर से ये जितना साधारण है, अंदर से ये उतना ही भव्य है।

दूसरा दिन कोलंबो के लिए-
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो आधुनिकता और प्राचीन दोनों ही शब्दों को पूरा करती है। ये शहर अपने में गहरा इतिहास समेटे है तो मॉडर्न भी खूब है। दिन की शुरुआत यहां शहर के बीच बनी बेरा झील से करें। इस जगह के पास सबसे अच्छे खाने की बात करें तो कैफे फ्रांसिस बेहतरीन खाने के साथ बढ़िया इंटीरियर के लिहाज से भी बेस्ट है। इसके बाद आपको गंगारमया मंदिर के दर्शन पर जरूर जाना चाहिए। कोलंबो का ये 120 साल पुराना मंदिर श्रीलंका का सबसे पुराना वेसाक फेस्टिवल भी आयोजित करता है। इस दिन आप इस देश का सबसे पुराना म्यूजियम भी देख सकते हैं।

तीसरा दिन लिटिल इंग्लैंड-
आपको अगर प्रकृति से प्यार है तो श्रीलंका के लिटिल इंग्लैंड की सैर को तीसरे दिन के लिए पक्का कर लीजिए। इस जगह को लिटिल इंग्लैंड कहा जाता है लेकिन इसका असल नाम न्यूवारा एलिया है। यहां पर टीस्टेट हैं तो वॉटरफॉल भी है। यहां आकर आपको लगेगा जैसे प्रकृति ने आपको अपने आगोश में ले लिया है। लेकिन इसके बाद आपको सीता अम्मान टेंपल जाना चाहिए। माना जाता है कि यहीं पर रावण ने सीता को रखा था।
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