समर हॉलीडे करीब हैं और ऐसे में हर कोई पहाड़ों में घूमने का प्लान बना रहा है। बात जब हिल स्टेशन पर जाने की होती है तो जहन में सबसे पहले मनाली का नाम आता है। हर साल यहां लाखों पर्यटक आते हैं। लेकिन इस बार अगर आप लोगों की भीड़ से अलग होकर कुछ ऐसी जगहों पर घूमना चाहते हैं जो जन्नत से कम नहीं हैं तो यहां है उनकी लिस्ट। मनाली से कुछ ही दूरी पर स्थित इन हिडन प्लेस को देखकर आप नेचर को अपने बहुत करीब महसूस करेंगे।

मणिकर्ण

मनाली के पास मणिकर्ण गुरुद्वारा में दर्शन करने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं।
मणिकर्ण गुरुद्वारा में दर्शन करने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं।

पार्वती नदी के किनारे बसा मणिकर्ण बेहद खूबसूरत जगह है। यह कुल्लू से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां एक ओर गहरी खाई में बहती नदी तो दूसरी ओर हरे भरे जंगल और घुमावदार सड़कों का जाल है। आपको यहां की राहें भी सुकून देंगी। यहां के ऐतिहासिक गुरुद्वारा में दर्शन करने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। गुरुद्वारे के पास बना गर्म पानी का कुंड अजूबे से कम नहीं लगता। कुंड के इस पानी में चावल तक पक जाते हैं।

पिन वैली  

मनाली से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित है पिन वैली। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच अगर आपको रेगिस्तान देखना है तो यहां चले आइए। यहां का पिन वैली नेशनल पार्क पर्यटकों को बेहद पसंद आता है। अगर आप कैंपिंग के शौकीन हैं तो यह जगह आपको बेहद पसंद आएगी। करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस वैली में आप कैंप लगाकर आराम से रह सकते हैं।  यहां कई एडवेंचर एक्टिविटीज भी की जा सकती हैं।

बिर-बिलिंग  

मनाली से करीब 157 किलोमीटर दूर स्थित है बिर बिलिंग
एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए बिर बिलिंग किसी जन्नत से कम नहीं है।

एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए बिर बिलिंग किसी जन्नत से कम नहीं है। मनाली से करीब 157 किलोमीटर दूर स्थित इस हिल स्टेशन का एक्सपीरियंस आपको हमेशा याद रहेगा। यहां की पैराग्लाइडिंग और हैंग ग्लाइडिंग बहुत ही मशहूर है। हरियाली से ढके पहाड़ों के बीच यहां आपको इंसान पक्षियों की जैसे आसमान में उड़ते हुए नजर आएंगे। यहां स्टे करने के लिए आपको कई होटल्स और होम स्टे भी मिल जाएंगे, जो यहां की समृद्ध संस्कृति से आपका परिचय करवाएंगे।

हम्प्टा दर्रा

आप भी दुनिया की भीड़ से अलग होकर प्रकृति के साथ साक्षात्कार करना चाहते हैं तो चले आइए हम्प्टा दर्रा। मनाली से करीब 15 किलोमीटर दूर हिमालय के पीर पंजाल क्षेत्र में हम्प्टा दर्रा 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। खूबसूरत रास्तों पर नेचर के करीब रहकर ट्रेकिंग करने के शौकीन हैं तो यह आपके लिए बेस्ट प्लेस है। घने पेड़ों की हरियाली से ढके पहाड़ों के बीच से गुजरती नीले पानी की नदी मानों आपके दिमाग से सभी टेंशन को दूर कर देगी। अगर सर्दियों के समय यहां आएंगे तो आपको बर्फ के दर्शन भी आसानी से हो सकेंगे।

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पार्वती घाटी

मनाली से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित इस खूबसूरत घाटी में आकर एक अनोखा अनुभव होगा। ब्यास और पार्वती नदी के संगम की सुंदरता आपका मन मोह लेगी। आप नेचर लवर हैं तो पहाड़ों की शांति के बीच नदी की कलकल आवाज सुनना आपको शानदार लगेगा। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है मार्च से जून के बीच। यहां आपको पर्यटकों की बहुत ज्यादा भीड़ नहीं मिलेगी, लेकिन एक्सपीरियंस शानदार मिलेगा।  

खीरगंगा

खीरगंगा को एडवेंचर के शौकीनों के लिए स्वर्ग कहा जाता है।
खीरगंगा को एडवेंचर के शौकीनों के लिए स्वर्ग कहा जाता है।

अगर आप पहाड़ों का लाइफटाइम एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं तो खीरगंगा जरूर जाएं। इसे एडवेंचर के शौकीनों के लिए स्वर्ग कहा जाता है। यहां की खूबसूरती देखकर आप हैरान जाएंगे। यह मनाली से 98 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ट्रेकिंग के लिए बेस्ट प्लेस मानी जाती है। यहां आप टैक्सी से आसानी से पहुंच सकते हैं।

मलाणा

अगर आप हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को करीब से जानना चाहते हैं तो मलाणा जरूर विजिट करें। हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों के बीच बसा यह प्राचीन गांव हरे भरे पेड़ों और घाटियों से घिरा हुआ है। गांव की एक ओर पार्वती घाटी है तो दूसरी तरह कुल्लू घाटी। यहां के ग्रामीणों की जीवनशैली और सामाजिक संरचना आप करीब से देख सकते हैं। माना जाता है कि इस गांव में जमलू ऋषि निवास करते थे। गांव के लोगों का दावा है कि वे दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक है। इस गांव में सदियों पहले ही संसदीय प्रणाली को अपना लिया गया था।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...

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