Shiv Mantra in Sawan: धर्मशास्त्रों में सावन के महीने में शिव जी की पूजा का अत्यधिक महत्व बताया गया है। माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव माता पार्वती के साथ धरती लोक पर रहते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। साल 2023 में शुरू हो रहे सावन मास में एक अधिक मास होने के साथ साथ चातुर्मास की शुरुआत होने के कारण इस बार सावन महीने में शिव जी की पूजा पाठ और मंत्रों के जाप का महत्व ज्यादा बढ़ गया है। चातुर्मास में सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं।
इसी कारण इन दिनों में शिव जी की पूजा करने से व्यक्ति के कार्यों में आने वाली सभी बाधाएं शिव जी के आशीर्वाद से दूर हो जाती हैं। भगवान शिव को महाकाल भी कहा जाता है क्योंकि भगवान शिव अपने भक्तों के सभी संकटों को काल बनकर हर लेते हैं। शिव जी की पूजा के साथ साथ उनके मंत्रों के जाप से व्यक्ति की अकाल मृत्यु का भय भी खत्म हो जाता है। शिव मंत्रों के जाप से व्यक्ति को धन धान्य के साथ साथ सुख समृद्धि का आशीर्वाद भी मिलता है। आइए जानते हैं कि शिव पूजा और मंत्र जाप की सही विधि कौनसी हैं और कौनसे शिव मंत्रों का जाप करना लाभकारी होगा।
मंत्र जाप की सही विधि

पंडित इंद्रमणि घनस्याल के अनुसार, शिवपुराण में बताया गया है कि सुबह के समय पूर्व दिशा में और शाम के समय पश्चिमी दिशा में मुंह करके शिव जी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। रात के समय शिव जी की विशेष पूजा करनी हो तो उत्तर दिशा की ओर मुंह करना चाहिए। शिव जी की पूजा करने के लिए सबसे पहले शिव जी की पूजा का संकल्प लेना चाहिए। इसके लिए ब्रह्ममुहुर्त में उठकर अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके बाद अपने हाथ में जल लेकर शिव पूजा का संकल्प लें। शिव जी की पूजा में शिव मंत्रों का जाप करते हुए दूध या जल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। मंत्र बोलते हुए शिवलिंग पर सुपारी, शहद, पंचामृत, बेलपत्र और फल फूल अर्पित करें। साथ ही शिवलिंग के पास घी या तेल का दीपक अवश्य जलाएं। शिव जी की पूजा में शिव चालीसा और शिव आरती का पाठ करके पूजा का समापन करना चाहिए।
शिव जी के इन मंत्रों का करें जाप

शिव जी की पूजा के समय मंत्रों का जाप करने से शिव जी जल्दी प्रसन्न होते हैं। शिव भगवान के मूल मंत्र “ॐ नमः शिवाय” और “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्।” मंत्रों का जाप रोज करना चाहिए।
इन मंत्रों के अलावा मनोकामना की पूर्ति करने के लिए “नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नमः शिवाय।” मंत्र के जाप करना चाहिए। इस मंत्र के प्रभाव से व्यक्ति की सभी अधूरी इच्छाओं को शिव जी पूरा करने का आशीर्वाद देते हैं।
इसके अलावा शिव जी के “मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय। मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे मकराय नमः शिवाय।” मंत्र का जाप करना घर की सुख समृद्धि के लिए कल्याणकारी होता है।
शिव जी के “सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये। कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय। सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।” मंत्र के जाप का नियमित पाठ करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।
रुद्र गायत्री मंत्र “ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।” के जाप से व्यक्ति के जीवन में आने वाले सभी संकट शिव जी की कृपा से दूर हो जाते हैं।
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