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माना जाता है कि पितरों को शांत और खुश रखना हर इंसान के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि जिस घर में पितृ नाराज रहते हैं, वहां उन्नति, तरक्की, खुशहाली, शांति, सुख-समृद्धि नहीं आती है। हर काम में बाधा उत्पन्न होती है।
Pitra Dosh Upay 2024: पितरों की मुक्ति के लिए अहम माना जाने वाला पितृपक्ष यानी श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 18 सितंबर से हो चुकी है। माना जाता है कि पितरों को शांत और खुश रखना हर इंसान के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि जिस घर में पितृ नाराज रहते हैं, वहां उन्नति, तरक्की, खुशहाली, शांति, सुख-समृद्धि नहीं आती है। हर काम में बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में पितृदोष को दूर करने के लिए श्राद्ध पक्ष बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस पक्ष में अपने पितरों को सही भोग अर्पण कर आप उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको पितृदोष से मुक्ति मिल सकती है।
इसलिए लगता है पितृ दोष

पितृदोष को दूर करने के उपाय करने से पहले, इसके कारण जानना बहुत जरूरी है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पितृ दोष कई कारणों से लग सकता है। परिवार के किसी सदस्य की अकाल मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से नहीं करने के कारण पितृ दोष लग सकता है। क्योंकि इस स्थिति में आत्मा भूलोक से मुक्त नहीं हो पाती है। इसी के साथ कई बार लोगों की कुंडली में ही पितृ दोष होता है। अगर जन्म कुंडली के दूसरे, आठवें और दसवें भाव में सूर्य के साथ केतु बैठा है तो यह पितृ दोष बन सकता है। कई बार इस दोष को दूर न करवाने पर यह पीढ़ी दर पीढ़ी भी चलता रहता है। ऐसे में पितरों को शांत रखना बहुत जरूरी है।
लगाएं इस खास दाल का भोग
15 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष में अपने पूर्वजों का पसंदीदा भोग बनाना चाहिए। ऐसा करने से आपको अपने पितरों का आशीर्वाद मिलता है। इस भोग में आपको उड़द की दाल जरूर शामिल करनी चाहिए। आप चाहें तो इस दाल से बना कोई भी पकवान भोग में जरूर शामिल करें। दरअसल, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पितृ भोग में उड़द दाल का अपना महत्व है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। आप उड़द की दाल बना सकते हैं, साथ ही उड़द की दाल की कचौड़ी, इमरती, पकौड़ी या दही बड़े भी भोग में शामिल कर सकती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है। साथ ही पितर प्रसन्न होकर अपने परिवार को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ऐसा करने से आपके काम आगे से आगे बनते चले जाएंगे।
ये उपाय भी आएंगे काम
पितृदोष दूर करने के लिए आप कुछ अन्य सरल उपाय भी श्राद्ध पक्ष के दौरान कर सकते हैं। इस पक्ष में तिथि के अनुसार अपने पितरों का श्राद्ध जरूर करें। इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही एक गिलास दूध में काले तिल डालकर पीपल के पेड़ पर इसे चढ़ाएं, इससे भी पितृ प्रसन्न होते हैं। कोशिश करके कि यह उपाय आप दोपहर के समय करें। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। अगर आपकी कुंडली में पितृदोष है तो उसके लिए आप स्नान आदि करके बिल्व पत्र के 5 या 11 पत्तों पर ‘राम’ लिखकर इन्हें भगवान शिव को चढ़ाएं। इससे आपकी कुंडली का दोष दूर होने में मदद मिलेगी।
