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Tips to Get up Early: बच्चों को सुबह जगाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
Tips to Get up Child Early

Tips to Get up Early: अकसर स्कूल जाने का नाम सुनते ही बच्चे थोड़ी आनाकानी करते हैं। ऐसे में बच्चों को सुबह जल्दी उठाना, तैयार करना और फिर स्कूल भेजना पेरेंट्स के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। बच्चों को उठाने के लिए माता-पिता को सौ जतन करने पड़ते है, मगर बच्चे अपने जिद्दी मिजाज के कारण उठकर तैयार होने में वक्त लगाते हैं और ऐसे में कई बार स्कूल बस या वैन मिस भी हो जाती है। अगर आप भी लंबे वक्त से बच्चों की इस परेशानी से दो चार हो रहे हैं, तो इन टिप्स को अपनाएं इससे वो खुद ब खुद जल्दी उठने के लिए तैयार हो जाएंगे।

बच्चों को पार्क ले जाएं

पार्क का नाम सुनते ही बच्चे अपने आप नींद से जाग जाते हैं। अगर आपके घर के पास कोई पार्क है, तो सुबह जल्दी उठकर परिवार का कोई भी सदस्य बच्चों को 10 से 15 मिनट के लिए पार्क में दौड़ लगवाएं और उन्हें योग भी कराएं। इसके अलावा बच्चे सुबह उठकर कुछ देर साइकिल भी चला सकते हैं। अगर बच्चों के दिन की शुरूआत इस प्रकार की एक्टिविटीज से होगी, तो वो खुद ब खुद जल्दी उठना शुरू कर देंगें। इसके अलावा बच्चों का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा। 

रात को जल्दी सुलाएं

एकल परिवारों में बच्चे जल्दी सो जाते है, मगर संयुक्त परिवारों में घर के अन्य सदस्यों के साथ समय तेजी से बीतता है। ऐसे में आप बच्चों को खाना खिलाकर नौ बजे तक सुलाने का प्रयास करें। अगर बच्चे जल्दी सो जाएंगे, तो सुबह उठने में आनाकानी कम करेंगे। दरअसल, बच्चों की नींद गहरी और ज्यादा होती है। ऐसे में उन्हें 8-10 घंटे सोना बेहद जरुरी है, ताकि वे अगले दिन फिर से पूरी फुर्ती के साथ खेल सके और पढ़ने में ध्यान दें।

पंसदीदा म्यूजिक लगा दें

Get up Early
Instead of scolding the children, leave the children’s favorite songs and poems on the music system in the morning

बच्चों को डांटकर उठाने की बजाय सुबह म्यूजिक सिस्टम पर बच्चों के पसंदीदा गाने और कविताएं लगाकर छोड़ दें और आप देंखेगे कि बच्चे अपने आप उठ जाएंगे। कार्टून करेक्टरस के प्रति रूचि के चलते बच्चे उनसे जुड़े गाने बेहद चाव से सुनते हैं। किसी को छोटा भीम पसंद है तो किसी को पैपा पिग, कोई एलसा आना का दीवाना है, तो कोई बेबी शार्क सान्ग सुनना पसंद करता है। इन कार्टून के टाइटल सान्ग और राईम्स सुनकर बच्चे बेहद खुश हो जाते हैं।

कमरे में रोशनी आने दें

बच्चों को उठाने के लिए खिड़कियों के पर्दे हटा दें, ताकि रोशनी कमरे तक पहुंच सके। इसके अलावा अगर बच्चों के कमरे में विंडो नहीं है तो लाइट चला दें, जिससे बच्चों की नींद धीरे-धीरे खुलने लगती है और बच्चा उठ जाता है।

बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं

अकसर माताओं को देखा गया है कि कभी दूध का गिलास, तो कभी जुराबें और टाई लेकर बच्चों के पीछे भागती हुई नजर आती है। जो पूरी तरह से गलत है। आप बच्चे को उम्र के हिसाब से अपने काम स्वयं करना सिखाएं। बच्चों के कमरे में अलार्म क्लाक लगा दें, ताकि वो जल्दी उठना सीखें और  उनके कपड़े भी पास में टांग कर रख दें, ताकि नहाने के बाद वे खुद अपने सभी काम कर सकें। अगर आप उन्हें हर वक्त एक छोटे बच्चे की तरह पुचकारेंगे, तो बच्चे पूरी तरह से माता-पिता पर ही निर्भर रहेंगे और इसका असर आपके छोटे बच्चे के व्यवहार पर भी पड़ता है।  

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