Summary: बच्चों की सोशल मीडिया एक्टिविटी को सुरक्षित और संतुलित रखने के स्मार्ट तरीके
बच्चों की सोशल मीडिया एक्टिविटी को संतुलित तरीके से मॉनिटर और गाइड करने के असरदार तरीके।
How to Handle Kids Social Media Activity: वर्तमान समय तकनीक का समय है। आसान भाषा में समझे तो आज का युग डिजिटल युग है। जहां हर कदम पर तकनीक हमारे जीवन से न सिर्फ जुड़ा है, बल्कि हम आज बिना तकनीक के जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। सोशल मीडिया जो की डिजिटल युग का एक हिस्सा है, हमारे जीवन का अहम भाग बन चुका है। आज के बच्चे जो समझ के शुरुआत के साथ ही फोन से परिचित हो जाते हैं उन्हें हम किस तरह से उसके उपयोग से रोक सकते हैं यह वर्तमान समय में बहुत बड़ा सवाल है।
पूरी तरह से हम अपने बच्चों को डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया या फोन से दूर नहीं कर सकते। क्योंकि वर्तमान समय में बच्चों के विकास के लिए इनका भी अहम रोल है, जैसे, ऑनलाइन क्लासेस, लर्निंग इत्यादि। लेकिन बच्चों के उम्र के अनुसार सोशल मीडिया ऐप के उपयोग पर नियंत्रण लगाया जा सकता है। आइए इस लेख में जानते हैं, किस तरह आप बच्चों के सोशल मीडिया एक्टिविटी को नियंत्रित कर सकते हैं।
सोशल मीडिया उपयोग के नियम तय करें

जब आप पहली बार अपने बच्चों को सोशल मीडिया प्रयोग की आज्ञा दे उससे पहले ही खुलकर बच्चों से संवाद करें तथा सोशल मीडिया प्रयोग के नियम तय करें।
आप नियम बना सकते हैं-
दिन में कितने समय सोशल मीडिया का उपयोग बच्चा कर सकता है।
कौन-कौन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का बच्चा उपयोग कर सकता है।
अपनी कितनी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर सकता है।
सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते समय उसकी मदद तथा सही जानकारी के लिए आपकी उपस्थिति में बच्चा प्रोफाइल बनाएं।
बच्चों की उम्र के अनुसार जिन प्राइवेसी सैटिंग्स की जरूरत हो वह ऑन होनी चाहिए।
आप उन्हें भरोसा दिलवाएं की आप उनकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखेंगे, लेकिन सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए बच्चा आपके साथ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के पासवर्ड शेयर करें, ताकि किसी तरह की परेशानी का संदेह होने पर आप उसे चेक कर सके।
यह कुछ नियम है जो बच्चे के सोशल मीडिया प्रयोग से पहले ही तय किए जाएं, ताकि बच्चा आगे चलकर किसी तरह के डिजिटल ट्रैप में न फंसे।
सोशल मीडिया ट्रैप की जानकारी दें
बच्चों को समय-समय पर सोशल मीडिया पर होने वाले ट्रैप की जानकारी दें। उन्हें कहानियों के जरिए बता सकते हैं, किस तरह के ट्रैप सोशल मीडिया पर होते हैं या हो सकते हैं।
अगर आपके साथ कोई ऐसी घटना हुई हो तो उसका उदाहरण देकर बच्चों को समझ सकते हैं।
किस तरह सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी का लोग गलत उपयोग कर आपको परेशान कर सकते हैं, इसके बारे में बच्चों को सतर्क कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर हर छोटी-छोटी चीजों की जानकारी देना कितना खतरनाक हो सकता है और बच्चा किस तरह ट्रैप में पड़ सकता है यह बात बच्चे को समझा सकते है।
ऑनलाइन, ऑफलाइन बैलेंस सिखाएं
बच्चों को सोशल मीडिया बैलेंस सीखने या जीवन के सकारात्मक बातों को सीखने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुद उसे फॉलो करें। जो आप कहते हैं उसका असर बच्चों के दिमाग पर कम होगा, लेकिन जो आप करते हैं उसका असर बच्चों पर ज्यादा होगा। बच्चों को ऑनलाइन, ऑफलाइन बैलेंस सिखाने के लिए इन कार्यों को करें।
परिवार के बीच आपसी संवाद बेहतर रखें।
खाने के समय फोन या सोशल मीडिया का उपयोग न करें।
परिवार के साथ घूमने, काम करने या बात करते समय फोन का उपयोग ना करें।
दिन में कुछ घंटे डिजिटल डिटॉक्स का नियम अपनाएं।
बेड पर जाने से एक घंटा पहले फोन बंद कर दें।
यह कुछ छोटी-छोटी बातें हैं, जिनका ध्यान रखकर न सिर्फ आप अपने बच्चों के सोशल मीडिया प्रयोग को बैलेंस कर सकते हैं, बल्कि आप अपना भी सोशल मीडिया प्रयोग कम कर सकते हैं।
