रक्षाबंधन पर भाई से पहले इन देवी- देवताओं को बांधे राखी, होंगी मनोकामना पूर्ण: Vast Tips for Raksha Bandhan
इस बार रक्षाबंधन पर अपने भाईयों को रक्षासूत्र बांधने से पहले देवी- देवताओं को राखी बांधे।
Vastu Tips for Raksha Bandhan: रक्षाबंधन का त्यौहार बस कुछ दिनों में आने वाला है। मार्केट में इस समय हर तरफ राखी ही राखी देखने को मिल रही है। इस साल रक्षाबंधन का त्यौहार 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है और भाई बहनों को जीवनभर रक्षा करने का वचन देते है। बहनें भाईयों को राखी बांधने से पहले देवी- देवताओं को राखी बांधती है। कहा जाता है की ऐसा करने से सारी मनोकामना पूर्ण होती है। लेकिन कई लोगों को पता नही होता है की किन- किन देवी- देवताओं को रक्षाबंधन पर राखी बांधी जाती है। इसलिए आज हम कुछ देवी- देवताओं के बारे में बताने वाले है, जिन्हें इस बार रक्षाबंधन पर राखी बांधी जाती है, तो चलिए जानते है।
गणपति जी

भगवान गणेश जी की पूजा सभी देवी- देवताओं में सबसे पहले की जाती है। किसी भी तरह का मांगलिक कार्य में भी गणेश जी की पूजा सबसे की जाती है। इस बार रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने से पहले गणपति जी को रक्षा सूत्र जरूर बांधे। उन्हें सभी बहनें अपने भाई के रूप में स्वीकार करें। वह आपके जीवन में आनी वाली समस्याओं और बाधाओं को दूर करेंगे। इसके अलावा जिन बहनों के भाई नही है, वह भाई के रूप में भगवान गणपति जी को राखी बांध सकती है।
कान्हाजी
महाभारत में शिशुपाल के वध के दौरान भगवान श्री कृष्ण की उंगली कट गई थी, जिसकी वजह से उंगली से खून बहने लगा। इस समय दौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्री कृष्ण को राखी बांध दी थी। उसी समय कृष्ण जी ने दौपदी को जीवन पर उनकी रक्षा करने का वचन दिया था। आप भी इस बार रक्षाबंधन पर भगवान श्री कृण्ष को राखी बांधकर अपनी मनोकामना पूर्ण के लिए प्रार्थना करें।
शिवजी

रक्षाबंधन का शुभ पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार सावन महीने में शिव जी पृथ्वी पर वास करते है। सभी बहनें शिव जी को राखी बांधकर अपने रक्षा की कामना कर सकती है। रक्षाबंधन पर शिव जी को राखी बांधने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती है और भाई की जीवन भी खुशहाल रहता है।
नागदेव
रक्षाबंधन पर नागदेव को राखी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता के अनुसार नागदेव को राखी बांधने से सर्प दोष से मुक्ती मिलती है। इसके साथ ही भाई- बहन के जीवन में आने वाली परेशानियां भी समाप्त हो जाती है।
हनुमान जी

कहा जाता है की हनुमान जी भगवान शिव के रुद्रावतार है। हनुमानजी को महाबली और संकटमोचन भी कहा जाता है। इस रक्षाबंधन आप हनुमान जी को रक्षासूत्र बांधकर अपने संकट को दूर करने के लिए प्रार्थना करें। हनुमान जी को राखी बांधने से कुंडली में मौजूद मंगल ग्रह का प्राभव कम होता है और बल- बुद्धि की भी प्राप्ती होती है।
