Bastar waterfall rivals Niagara with pristine forest beauty
Hidden Bastar waterfall showcases India unmatched natural spectacle

Summary : चित्रकोट जलप्रपात की सबसे ख़ास बात

इंद्रावती नदी जब अचानक अपने पूरे वेग के साथ धरती से गिरती है तो जो दृश्य रचता है, वह केवल एक झरना नहीं रह जाता, वह अनुभव बन जाता है।

Bastar Waterfall Natural Wonder: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में बहती इंद्रावती नदी जब अचानक अपने पूरे वेग के साथ धरती से गिरती है तो जो दृश्य रचता है, वह केवल एक झरना नहीं रह जाता, वह अनुभव बन जाता है। चित्रकोट जलप्रपात को देखकर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं कि यहाँ आकर लोग नियाग्रा फॉल्स की तुलना भूल जाते हैं। घने जंगलों, लाल मिट्टी और आदिवासी संस्कृति के बीच स्थित यह झरना कुदरत का ऐसा करिश्मा है जो विदेशी नजारों को भी मात देता है। जिसकी वजह से देश दुनिया भर से लोग इस जगह पर घूमने के लिए आते हैं।

Bastar waterfall rivals Niagara with pristine forest beauty
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चित्रकोट जलप्रपात की सबसे बड़ी विशेषता इसकी चौड़ाई है। मानसून के दिनों में यह झरना लगभग 300 मीटर तक फैल जाता है, और तब इसका रूप सचमुच विराट हो उठता है। पानी का गर्जन, हवा में उड़ती फुहार और सामने फैला धुंधलका- सब मिलकर एक ऐसा दृश्य रचते हैं, जो किसी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पोस्टर से कम नहीं लगता। फर्क बस इतना है कि यहाँ चमक-दमक नहीं, प्रकृति की कच्ची ताक़त दिखाई देती है।

चित्रकोट हर मौसम में अलग रूप धारण करता है। बारिश में यह उग्र और प्रचंड दिखाई देता है तो सर्दियों में शांत और संतुलित। गर्मियों में जब जलस्तर घटता है, तब इसकी चट्टानी संरचना और नदी की धारा साफ़ दिखाई देने लगती है। यही बदलता स्वरूप इसे बार-बार देखने योग्य बनाता है। एक ही झरना, लेकिन हर मौसम में अलग अनुभव।

यह जलप्रपात केवल प्राकृतिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा है। स्थानीय आदिवासी समुदाय इंद्रावती नदी को जीवनदायिनी मानते हैं। उनके लोकगीतों, कथाओं और त्योहारों में इस नदी और झरने का उल्लेख मिलता है। यहाँ खड़े होकर महसूस होता है कि प्रकृति और मानव जीवन अब भी एक-दूसरे से अलग नहीं हुए हैं।

नियाग्रा फॉल्स जैसी जगहें अपनी भव्यता के लिए जानी जाती हैं लेकिन चित्रकोट की पहचान उसकी अप्रदर्शित सुंदरता है। यहाँ न ऊँची इमारतें हैं, न रोशनी का शोर। जंगल, नदी और झरना, तीनों अपने प्राकृतिक रूप में मौजूद हैं। यही सादगी इसे खास बनाती है और विदेशी नजारों से अलग खड़ा करती है।

Bastar waterfall rivals Niagara with pristine forest beauty
Hidden Bastar waterfall showcases India unmatched natural spectacle

चित्रकोट जलप्रपात तेजी से लोकप्रिय हो रहा है लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। यह क्षेत्र अभी भी अपेक्षाकृत प्रदूषण-मुक्त है। यदि पर्यटन विकास संतुलन के साथ किया जाए तो यह स्थान न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार का स्रोत बनेगा बल्कि अपनी प्राकृतिक गरिमा भी बनाए रखेगा। बस्तर को देखने का मतलब केवल दृश्य देखना नहीं बल्कि उसकी लय को समझना है।

चित्रकोट जलप्रपात हमें याद दिलाता है कि कुदरत के चमत्कार देखने के लिए विदेश जाना ज़रूरी नहीं। भारत के भीतर ही ऐसे दृश्य मौजूद हैं जो आँखों को चकित और मन को विनम्र कर देते हैं। बस्तर की इन वादियों में बहता यह झरना केवल पानी नहीं गिराता। यह अहसास गिराता है, कि प्रकृति आज भी हमारी सबसे बड़ी धरोहर है।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...