steps of making peas pickle
steps of making peas pickle

Summary: हर कौर में यादें: घर पर बनाएं पारंपरिक हरी मटर का अचार

हरी मटर का अचार एक पारंपरिक, खुशबूदार और ज़ायकेदार रेसिपी है, जो सर्दियों की खास सौगात मानी जाती है।
आसान स्टेप्स में बनने वाला यह अचार आपके खाने में दादी-नानी के हाथों का वही पुराना स्वाद लौटा देता है।

Green Peas Pickle: आज हम एक ऐसी रेसिपी लेकर आए हैं जो आपको आपकी दादी या नानी के हाथों बने अचार की याद दिला देगी। हरी मटर का अचार यह सुनकर ही मुँह में पानी आ गया न? यह सिर्फ़ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि बनाने में भी बेहद आसान है। भारत में हरी मटर सर्दियों की जान होती है, और जब ये ताज़ी-ताज़ी मिलती हैं, तो इनका अचार बनाने का मज़ा ही कुछ और है।

आज हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताएँगे कि कैसे आप अपने घर पर ही इस ज़ायकेदार अचार को बना सकते हैं। तो चलिए, बिना किसी देरी के, शुरू करते हैं हमारी आज की रेसिपी!

Green Peas Pickle

Green Peas Pickle

ग्रीन पीस अचार एक अनोखा और स्वाद से भरपूर देसी अचार है, जिसे ताज़े हरे मटर, सरसों का तेल और मसालों से तैयार किया जाता है। इसमें राई, मेथी, सौंफ और लाल मिर्च जैसे मसाले मिलाए जाते हैं, जो इसे तीखा और खुशबूदार बनाते हैं। यह अचार पराठे, दाल-चावल या सादा भोजन के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है और सर्दियों में खास तौर पर बनाया जाता है।
Prep Time 30 minutes
Cook Time 20 minutes
Course: Condiment / Pickle (Side Dish)
Cuisine: Indian Cuisine (North Indian / Traditional)
Calories: 280

Ingredients
  

  • 500 ग्राम हरी मटर के दाने छिले हुए
  • 1 कप सरसों का तेल लगभग 200 मिलीलीटर
  • 2 बड़े चम्मच राई की दाल
  • 2 बड़े चम्मच सौंफ
  • 1 छोटा चम्मच मेथी दाना
  • 1 छोटा चम्मच जीरा
  • 1/2 छोटा चम्मच हींग
  • 1 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर
  • 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर आप अपने स्वाद अनुसार कम या ज़्यादा कर सकते हैं
  • 1 बड़ा चम्मच धनिया पाउडर
  • 1 छोटा चम्मच गरम मसाला
  • 1 छोटा चम्मच काला नमक
  • 2 बड़े चम्मच सफ़ेद नमक यह अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करता है
  • 2 बड़े चम्मच सिरका
  • 2 बड़े चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट

Method
 

स्टेप 1: मटर को तैयार करना
  1. सबसे पहले, हमें अपनी हरी मटर को तैयार करना है। बाज़ार से ताज़ी और अच्छी गुणवत्ता वाली मटर चुनें। उन्हें छीलकर दाने निकाल लें। अब इन दानों को अच्छे से धो लें ताकि कोई भी गंदगी या धूल हट जाए। धोने के बाद, मटर के दानों को एक साफ़ कपड़े पर फैलाकर सूखने दें। यह बहुत ज़रूरी है कि मटर में पानी बिल्कुल न रहे, वरना अचार जल्दी खराब हो सकता है। आप चाहें तो इन्हें धूप में 15-20 मिनट के लिए भी रख सकते हैं ताकि नमी पूरी तरह से निकल जाए। इस प्रक्रिया को करने से अचार की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है।
    Fresh green peas in bowl
स्टेप 2: मटर को हल्का उबालना
  1. अब एक बड़े बर्तन में पानी गरम करें और जब पानी उबलने लगे, तो उसमें धुली हुई और सूखी हुई मटर डाल दें। मटर को सिर्फ़ 2-3 मिनट के लिए उबालना है, ताकि वह हल्की नरम हो जाए लेकिन अपनी कुरकुरापन न खोए। हमें मटर को ज़्यादा नहीं पकाना है, बस इतना कि उनका कच्चापन दूर हो जाए। ज़्यादा पकाने से मटर गल जाएगी और अचार का स्वाद बिगड़ जाएगा। उबलने के बाद, तुरंत मटर को छलनी में निकाल लें और ठंडे पानी से धो लें ताकि पकने की प्रक्रिया रुक जाए। फिर से, मटर को एक साफ़ कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह से सूखा लें।
    Boiling green peas in pot
स्टेप 3: मसालों को भूनना और पीसना
  1. यह अचार का सबसे अहम हिस्सा है जहाँ स्वाद का जादू तैयार होता है। एक पैन को मध्यम आँच पर गरम करें। इसमें राई की दाल, सौंफ, मेथी दाना और जीरा डालें। इन सभी मसालों को तब तक भूनें जब तक उनमें से एक भीनी-भीनी खुशबू न आने लगे और वे हल्के सुनहरे न हो जाएँ। ध्यान रखें कि मसाले जलें नहीं, वरना अचार का स्वाद कड़वा हो सकता है। जब मसाले भून जाएँ, तो उन्हें ठंडा होने दें और फिर मिक्सर ग्राइंडर में दरदरा पीस लें। हमें उनका एकदम बारीक पाउडर नहीं बनाना है, बल्कि थोड़ा दानेदार रखना है ताकि अचार में मसालों का टेक्स्चर भी आए।
    Roasting spices in pan
स्टेप 4: तेल को गरम करना
  1. अब एक कड़ाही या पैन में सरसों का तेल गरम करें। सरसों का तेल अचार के लिए सबसे अच्छा होता है क्योंकि यह एक विशेष स्वाद देता है और अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है। तेल को तब तक गरम करें जब तक उसमें से हल्का धुआँ न निकलने लगे। जब धुआँ निकलने लगे, तो आँच बंद कर दें और तेल को हल्का ठंडा होने दें। हमें तेल को पूरी तरह से ठंडा नहीं करना है, बस इतना कि वह बहुत ज़्यादा गरम न रहे।
    Heating oil with spices in pan
स्टेप 5: मसालों को तेल में पकाना
  1. जब तेल हल्का गरम रहे, तो उसमें हींग डालें और कुछ सेकंड के लिए भूनें। अब पिसे हुए मसाले (राई की दाल, सौंफ, मेथी, जीरा) डालें और तेल में अच्छे से मिलाएँ। इसके बाद, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, काला नमक और सफ़ेद नमक डालें। अगर आप अदरक-लहसुन का पेस्ट डाल रहे हैं, तो उसे भी इस समय डाल दें। इन सभी मसालों को तेल में धीमी आँच पर 1-2 मिनट के लिए भूनें, जब तक कि मसालों से अच्छी खुशबू न आने लगे। ध्यान रखें कि मसाले जलें नहीं।
    Cooking spices in oil
स्टेप 6: मटर और सिरका मिलाना
  1. अब उबली हुई और सूखी हुई हरी मटर को मसाले वाले तेल में डाल दें। मटर को मसालों के साथ अच्छी तरह से मिलाएँ ताकि हर दाने पर मसाला चिपक जाए। इस समय आँच धीमी ही रखें या बंद कर दें। अब इसमें सिरका डालें और एक बार फिर अच्छे से मिलाएँ। सिरका अचार को खट्टापन देता है और इसे लंबे समय तक खराब होने से बचाता है। सब कुछ अच्छे से मिलाने के बाद, आँच बंद कर दें।
    Adding vinegar to peas curry
  2. स्टेप 7: अचार को ठंडा करना और बोतल में भरना
  3. जब अचार थोड़ा ठंडा हो जाए, तो इसे एक साफ़, सूखे और एयरटाइट काँच के जार में भर लें। जार को भरने से पहले, सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह से सूखा और साफ़ हो। आप चाहें तो जार को धूप में रखकर स्टेरिलाइज़ भी कर सकते हैं। अचार को जार में भरने के बाद, ऊपर से थोड़ा सा गरम किया हुआ और ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डाल सकते हैं ताकि अचार पूरी तरह से तेल में डूबा रहे। यह अचार को लंबे समय तक ताज़ा रखने का एक और तरीका है।
    Adding peas to curry
स्टेप 8: अचार को सेट होने देना
  1. अचार को तुरंत खाने की बजाय, उसे 2-3 दिनों के लिए धूप में रखें। इससे मसाले मटर में अच्छी तरह से समा जाएँगे और अचार का स्वाद और भी ज़्यादा बढ़ जाएगा। हर दिन जार को हल्का हिलाएँ ताकि मसाले अच्छे से मिक्स होते रहें। 2-3 दिनों के बाद, आपका स्वादिष्ट हरी मटर का अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा!
    Green peas pickle in jar

Notes

टिप्स और ट्रिक्स:
  • सफाई का ध्यान रखें: अचार बनाते समय सबसे ज़रूरी चीज़ है सफ़ाई। सभी बर्तन और हाथ साफ़ होने चाहिए, वरना अचार खराब हो सकता है।
  • नमी से बचें: मटर में या मसालों में पानी की एक बूँद भी नहीं होनी चाहिए। नमी अचार को खराब कर देती है।
  • तेल की मात्रा: सुनिश्चित करें कि अचार में पर्याप्त तेल हो। तेल एक प्राकृतिक प्रिज़र्वेटिव के रूप में काम करता है।
  • धूप दिखाना: अगर संभव हो, तो अचार को कुछ दिनों के लिए धूप में रखें। इससे स्वाद बढ़ता है और अचार की शेल्फ लाइफ भी बढ़ती है।
  • स्टोरेज: अचार को हमेशा एक ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें। फ्रिज में रखने से यह और भी लंबे समय तक ताज़ा रहेगा।
  • सिरका: सिरका डालना बिल्कुल न भूलें, यह खटास और प्रिज़र्वेटिव दोनों का काम करता है।
  • मसालों का संतुलन: मसालों की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार एडजस्ट करें। अगर आपको ज़्यादा तीखा पसंद है, तो लाल मिर्च बढ़ा सकते हैं।
  • लंबे समय तक स्टोर करना: अगर आप अचार को लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि तेल की एक परत हमेशा मटर के ऊपर रहे। जब भी अचार निकालें, सूखे और साफ़ चम्मच का ही इस्तेमाल करें।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...