Villages for Summer Vacation: देश के स्कूलों में जल्द ही गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में बच्चों को घुमाने के लिए आप प्लांस भी बना रहे होंगे। हर साल छुट्टियों में नानी या दादी के गांव जाकर बच्चे ही क्या आप भी बोर हो गए होंगे। इसलिए इस साल दादी या नानी के नहीं बल्कि आप देश के कुछ ऐसे गांव में जाकर छुट्टियां बिता सकते हैं जहां न सिर्फ आपको ग्रामीण जीवन दिखेगा बल्कि वहां की खूबसूरती भी आपका मन मोह लेगी। भारत भाग्यशाली है कि आधुनकता के इस दौर में आज यहां के कुछ हिस्सों में ग्रामीण संस्कृति जीवित है। यहां हम आपको देश के कुछ ऐसे गांव के बारे में बता रहे हैं जहां आप अपने बच्चों और परिवार के साथ प्रकृति की गोद में छुट्टियों का आनंद उठा सकते हैं।
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ज़ुलुक (सिक्किम)

ज़ुलुक सिक्किम राज्य के पूर्व सिक्किम ज़िले में स्थित एक गांव है, जिसे द्ज़ुलुक और झुलुक भी कहा जाता है। पूर्वी हिमालय पर्वत श्रृंखला के खूबसूरत दृश्य के कारण ये जगह सैलानियों में बहुत लोकप्रिय। इस जगह आने के लिए सबसे अच्छा समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर तक है, क्योंकि इस मौसम में सुखद मौसम और साफ आसमान मिलता है। इन महीनों के दौरान, यहां का तापमान 10 डिग्री से 20 डिग्री के बीच रहता है। मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच यहां का ठंडा तापमान बच्चों और परिवार के साथ आपकी छुट्टियों को सुकून भरा बना देंगी।
छितकुल (हिमाचल प्रदेश)

ये जगह भारत का सबसे आखिर में बसा हुआ गांव हैं। यहां हर साल हज़ारों सैलानी आते हैं। एक घाटी में बसा हुआ ये गांव अपनीअनोखी और खास खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इस गांव तक पहुंचने का मार्ग कई खूबसूरत पड़ाव से होकर गुजरता है। यहां बहती नदियां कभी नहीं जमती और बर्फ से ढंके पहाड़ किसी जन्नत से कम नहीं नजर आते। गर्मियों में यहां आना आपके लिए अच्छा होगा, क्योंकि इस मौसम में पहाड़ों में बहती नदियों के किनारें खूबसूरत और रंगबिरंगे फूलों से सजे होते हैं।
जीरो (अरुणाचल प्रदेश)

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में स्थित जीरो वैली एक बेहद विचित्र जगह है। ये ईटानगर से 115 किमी की दूरी पर है। जीरो वैली अरुणाचल प्रदेश का लोकप्रिय पर्यटक स्थल है। यहां के हरे-भरे बांस के जंगल और वातावरण आपके मन को मोह लेने में सक्षम है। ये जगह वन्यजीव और मनुष्य दोनों के लिए समृद्ध है। यहां आपको घूमने के लिए टैली वैली वाइल्डलाइफ सेंचुरी, तारिन फिश फार्म और टिपी ऑर्किड रिसर्च सेंटर जैसी कई जगह मिलेंगी। अप्रैल से जून तक यहां का तापमान 6 से 20 डिग्री तक रहता है। ऐसे में ये मौसम घूमने के लिहाज से बढ़िया है।
खिम्सर (राजस्थान)

शांत वातावरण और रेत के बीच बसा से अनोखा गांव राजस्थान की एक अलग ही झलक प्रस्तुत करता है। इस जगह को ‘सैंड ड्यून्स विलेज’ के नाम से भी जाना जाता है। रेत के टीलों में बसा से गांव पूरी तरह से आधुनिक है। इसको 21 साल पहले 6 कमरों के साथ बसाया गया था। झोंपड़ेनुमा दिखाई देने वाले ये छोटे-छोटे घर टी.वी. फोन व इंटरनेट की सुविधा से लैस हैं। इन 6 कमरों की संख्या बढ़ाकर अब 18 कर दी गयी है। खजूर के पेड़ और झील के किनारे का शांत वातावरण लोगों को बहुत पसंद आता है। यहां की खास बात यही है कि यहां पर्यटक अपनी गाड़ी लेकर नहीं आ सकते।
गोकर्ण गांव कर्नाटक

गोकर्ण कर्नाटक में मैंगलोर के पास एक गांव स्थित है। समुद्र तट के किनारे बसा से गांव अपने शांत और खूबसूरत वातावरण के चलते लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। अगर आप प्रकृति प्रेमी के साथ शांत माहौल को पसंद करते हैं तो ये जगह आपके लिए बेस्ट है। गोकर्ण में बहुत सी ऐसी जगह हैं जिन्हे आप अपने बच्चों और परिवार के साथ एक्सप्लोर कर सकते हैं। यहां का ओम बीच और कुडले बीच की खूबसूरती देखने लायक है।
मौलिन्नोंग (मेघालय)

भारत के सबसे सूंदर और साफ गांव में मौलिन्नोंग का नाम पहले स्थान पर लिया जाता है। ये राजधानी शिलांग से लगभग 80 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव में लगभग 95 घर हैं। इस गांव में सभी घरों का कूड़ा इकठा कर खाद बनाई जाती है। जितना ये साफ सुथरा है उतना ही खूबसूरत भी। इस गांव के किनारे देश की सबसे साफ नदी बहती है। खास बात है कि इस गांव में ध्रूमपान पर पूरी तरह पाबन्दी लगाई गयी है। यदि कोई ध्रूमपान करते हुए पाया जाता है तो उसपर जुर्माने का प्रावधान है।
