Hacks to stop your kids from lying(Parenting Tips): बच्चे अगर कोई भी गलती करते हैं तो सबसे पहले उनकी परवरिश पर सवाल उठता है। मां-आप अपने बच्चों की सही परवरिश के लिए कई प्रयास करते हैं। यहां तक कि पेरेंट्स खुद को भी बिल्कुल ही बदल देते हैं। क्योंकि पेरेंट्स की आदतों का असर बच्चों पर जरूर पड़ता है। बच्चे अक्सर वही सीखते हैं जो उन्हें देखने को मिलता है। अगर घर पर माहौल अच्छा होता है तो जरूरी नहीं कि स्कूल य कोचिंग का भी वही माहौल हो। कहीं ना कहीं जाकर बच्चे कोई ना कोई बुराई तो सीख ही जाते हैं। ऐसे में अगर बच्चे झूठ बोलना सीख जाते हैं तो पेरेंट्स को जल्द से जल्द बच्चों की आदत छुड़ा देनी चाहिए। वरना बच्चों के नेचर में ही झूठ बोलना आ जाएगा। आईए जानते हैं कि बच्चों की झूठ बोलने की आदत को कैसे छुड़ाया जा सकता है।
बच्चों को सही और गलत का फर्क समझाएं

बच्चे नादान होते हैं। उन्हें सही और गलत का फर्क नहीं पता होता है। उन्हें यह बताएं कि झूठ बोलने से लोगों का भरोसा टूट जाता है और इसका नेगेटिव इंपैक्ट होता है। बच्चों के जज्बात और कंसर्न्स को समझे बिना उन्हें उत्तर ना करें। बच्चों का पर्सपेक्टिव समझना बेहद जरूरी है। अगर आप बच्चे को अच्छे समझ पाएंगे तो उसकी बुरी आदतों को छुड़ाने में आपके लिए आसानी होगी।
बच्चों के लिए रोल मॉडल बनें
पेरेंट्स को खुद भी ईमानदारी और सच्चाई को अपनाना चाहिए। बच्चे अक्सर अपने माता-पिता से ही सीखते हैं। इसलिए आप भी कोशिश करें कि बच्चों के सामने बिल्कुल भी झूठ ना बोलें। वरना चाहते हुए भी बच्चों को झूठ बोलने की आदत लग जाएगी। बच्चों को आप बिल्कुल क्लियर कर दें कि आप उनसे क्या उम्मीद करते हैं। अपने बच्चे से बताएं कि आप क्या चाहते हैं। बताएं कि बच्चे हमेशा सच बोलते हैं और उन्हें उनके बिहेवियर के कंसीक्वेंसेस के बारे में भी समझाएं। बच्चों को सच बोलने का महत्व और झूठ बोलने के नकारात्मक परिणामों को बताएं।
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मूल कारणों को समझें
झूठ बोलने के कारण जाने पेरेंट्स को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि आखिर किन कर्ण की वजह से उनके बच्चे में झूठ बोलने की आदत लग रही है। क्या बच्चा किसी डर दबाव या अन्य कारण से झूठ बोल रहा है। अगर आप किसी समस्या का समाधान करना चाहते हैं तो उनके मूल कारणों को समझना जरूरी है।
सकारात्मक व्यवहार रखें

जब आपका बच्चा सच बोले तो हमेशा उसकी सराहना करें और पॉजिटिव रिस्पांस दें। इससे आपका बच्चा सच बोलने के लिए प्रोत्साहित होगा। वह झूठ बोलने की सोचेगा भी नहीं।
बच्चों के सामने उदाहरण पेश करें
पेरेंट्स को अक्सर अपने बच्चों के सामने ईमानदारी से पेश आना चाहिए। अपने माता-पिता के व्यवहार से बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं। इसलिए खुद भी आप सच बोलें और ईमानदारी का उदाहरण प्रस्तुत करें। आप अपने बच्चों को ऐसे लोगों के बीच में ही रखें जिनकी आदते अच्छी हो और जो बुरी आदतों से दूर रहते हों।
स्पष्ट संवाद करें
पेरेंट्स को अक्सर अपने बच्चों से खुलकर बातचीत करनी चाहिए। इससे बच्चे आपको कुछ भी बताने में, जिसके लिए कई बार बच्चे अपने माता-पिता से इतना डरते हैं और खुलकर अपनी बातें बताने की हिम्मत न होने के कारण झूठ बोलने लगते हैं। ऐसे में आप अपने बच्चों को ऐसा माहौल दें, जिससे वह अपनी सारी बातें आपको सच्चाई से बता पाए और उन्हें एहसास हो कि सच बोलने से उनका कोई नुकसान नहीं होगा।
