घर के फर्श के लिए जार में आज पारंपरिक सामग्री जैसे संगमरमर,टेरेजो
के अलावा सेरेमिक, विनाइल और वुडन टाइल्स जैसे विकल्प उपलब्ध
है। लेकिन आप क्या लगाना चाहते हैं यह आप की रुचि और बजट पर निर्भर करता है। फर्श किसी भी घर के अंदरूनी हिस्सों की कायापलट कर सकता है। उपयुक्त फर्श का चयन घर में जान डालने के साथ-साथ वहां रहने वाले
की अभिरुचि को भी दर्शाता है। फर्श का चयन करने के लिए मार्केट में उपलब्ध विकल्पों की पूर्ण जानकारी बहुत जरूरी है ताकि आपके घर को बेहतर और आकर्षक लुक मिल सके। फर्श कई प्रकार के होते है परंतु कई बार इसकी
जानकारी नही होती जिसका प्रभाव फर्श के चुनाव पर पड़ता है।

टेरेजो फ्लोर
टेरेजो कम्पोजिट सामग्री है। यह संगमरमर क्वॉटर्ज, ग्रेनाइट, कांच, अन्य चिप्स सीमेंट या सीमेंट जैसे पदार्थ का मिश्रण है। इस तकनीक का प्रयोग पुराने
समय से किया जा रहा है। फर्श का यह प्रकार टिकाऊ है लेकिन रखरखाव मांगता है।
पत्थर व संगमरमर का फ्लोर
संगमरमर फर्श बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले मटीरियल में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। भारत में अनेक प्रकार के पत्थर उपलब्ध है, जिनका प्रयोग सालों से फर्श बनाने में किया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा ग्रेनाइट चलता है जिसकी लागत उसके रंगों के हिसाब से तय होती है। आजकल इटेलियन मार्बल व कोरियन मार्बल अधिक प्रयोग किए जा रहे हैं। इटेलियन मार्बल बाजार में 45 से अधिक रंगों में उपलब्ध है और कोरियन 100 से अधिक रंगों में। इटेलियन मार्बल पत्थर के फर्श की बजाय कम समय चलता है जबकि कोरियन का रखरखाव कम है।
टाइल्स
पारंपरिक तरीकों में टाइल्स भी एक अच्छा विकल्प है। बाजार में विभिन्न प्रकार के रंग, रूप व आकार के टाइल्स उपलब्ध हैं। टाइल्स का प्रयोग फर्श में लगने वाले समय की बचत करता है क्योंकि इसे लगाना बाकी विकल्पों की तुलना में आसान होता है। टाइल्स लगवाते समय ध्यान रखना चाहिए कि सारे टाइल्स एक ही बैच के हों। अलग बैच के होने पर इनके आकार में हेरफेर हो
सकता है।
वुडन फर्श
आजकल वुडन फ्लोरिंग फैशन में हैं लेकिन इसका रखरखाव आसान नहीं है। इसकी कोटिंग पानी लगने और समय बीतने के साथ खराब हो जाती है। वुडन फर्श का प्रयोग दीमक तथा पानी के संपर्क वाले क्षेत्र में नहीं किया जाना चाहिए। यह दिखने में जितने सुंदर नजर आते हैं, उतनी ही इसके रखरखाव की प्रक्रिया मुश्किल है।

लेमिनेट्स
अगर आप अपने घर के फर्श से बोर हो चुके हैं और आसान विकल्प चाहते हैं तो लेमिनेट्स अच्छा विकल्प है। लेमिनेटेड फर्श खरोंच प्रतिरोधी, टिकाऊ और आसानी से साफ होता है।यह कई तरह की बनावट व आकारों में बाजार में
उपलब्ध है। इन्हें अपनी इच्छानुसार अनुकूलित करवाया जा सकता है।
विनाइल टेप
विनाइल टेप फर्श पर चिपकाने वाले टेप हैं जो बाजार में विभिन्न रंगों, आकार व बनावट में उपलब्ध हैं। इनसे आप अपने फर्श का मनचाहा पैटर्न व डिजाइन बना सकते हैं। इनको किसी भी प्रकार के फर्श के ऊपर इस्तेमाल किया जा सकता है।
कारपेट
कमरे को नया रूप देने के लिए कारपेट, रंग आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। कारपेट को किसी चिपकाने वाले पदार्थ से फर्श की सतह से चिपकाया या बिछाया जा सकता है। कारपेट न सिर्फ सुकूनदायक होते है बल्कि यह कमरे को गर्म रखते हैं और गूंज (इको) को कम करते हैं।

कांच व तरल फर्श

कांच व तरल फर्श बाजार में नया विकल्प है। कांच के फर्श एल.ई.डी. के साथ भी उपलब्ध हैं।ये फर्श घर को माडर्न लुक देते हैं। इनका प्रयोग सर्दियों में अधिक होता है। तरल फर्श का प्रयोग लिविंग रूम में ज्यादा उपयुक्त है लेकिन यह बाजार में नया है तो इसकी लागत भी अधिक है। इसके साथ इनके रख-रखाव भी महंगा है। ऐसा फर्श आपने होटल, रेस्टोरेंट में देखा होगा।

(कांच का फर्श)

लिनोलियम फर्श

इस फर्श की परत ग्रीन मटीरियल यानी इको फ्रेंडली चीजों से बनी है, जो ट्रेंड में है। यह किस्म काफी टिकाऊ है। इनको लगाने के लिए अनुभवी मिस्त्री भी जरूरी नहीं हैं। ये मटीरियल विभिन्न डिजाइनर, पेटर्न और रंगों में उपलब्ध है। इस इको फ्रेंडली फ्लोरिंग मटीरियल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जलरोधक है और इसका रखरखाव बहुत आसान है।

 बच्चों के कमरें का कैसा हो फर्श 

बात घर के फर्श के चयन की चल रही हो और बच्चों के कमरों का ख्याल न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। बच्चों के कमरे के लिए सही फर्श चुनना बहुत जरूरी है। बच्चे बहुत जल्दी फर्श खराब कर देते है। उदाहरण के लिए, कारपेट को गंदा कर देना या फाड़ देना, खिलौने फैलाना, खाद्य पदार्थ या
पानी गिराना इत्यादि जिससे आपका निवेश बिगड़ सकता है। बच्चों के कमरे का फर्श चुनने से पहले आप यह निश्चित कर लें कि आप उनके कमरे में
कालीन चाहते हैं या कठोर सतह चाहते हैं।कालीन बहुत सी रेंज में उपलब्ध हैं। कालीन का स्थायित्व आमतौर पर फाइबर के प्रकार पर, मोड़ और घनत्व पर निर्भर करता है। चौकोर कालीन आजकल ज़्यादातर लोगों की पसंद बना हुआ है, जिसे वह खास रंग या पैटर्न में खरीद सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अगर यह क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उसे आसानी से बदला जा सकता है। कालीन को नियमित रूप से साफ करना बेहद जरूरी है। लेकिन यह कुछ बच्चों के
लिए एलर्जी का कारण भी बन सकता है क्योंकि यह धूल के कण और गंदगी बहुत जल्दी पकड़ता है। कालीन में रसायन की उपस्थिति भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, इसलिए कालीन का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह रसायनमुक्त हो। लकड़ी का फर्श भी बच्चों के कमरे के लिए
लोकप्रिय है। इसके लिए बांस और नीलगिरी को सबसे बेहतर विकल्पों में देखा जा सकता है क्योंकि वह सस्ते और टिकाऊ होते हैं। अगर आप लकड़ी के फर्ष से सस्ता और टिकाऊ विकल्प ढूंढ रहे है तो आप लेमिनेट फ्लोर पर विचार कर
सकते हैं। कॉर्क भी बच्चों के बेडरूम के लिए अच्छा है। हालांकि यह बांस की तरह टिकाऊ नहीं है पर यह वर्षों तक अच्छी अवस्था में रहता है।वैसे बच्चे के कमरे के लिए टाइल और कंक्रीट से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। टाइल कई तरह के रंगों व डिजाइन में मिलते हैं, और इन्हें आप मनपसंद तरीके से पेंट भी कर सकते हैं। कंक्रीट के फर्श पर आप बच्चों के कमरे के रंग के हिसाब से पेंट भी करा सकते हैं तथा बच्चे इस पर अपनी चित्रकला के खूबसूरत रंग बिखेर सकते
हैं।