कहते हैं कि जहां प्यार होता है, वहां पर पैसों का कोई मोल नहीं होता। शायद यह बात सुनने में काफी अच्छी लगे, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग होती है। भले ही आप किसी से प्यार करते हों और उसके साथ एक खूबसूरत जिन्दगी जीने के सपने देखते हों। लेकिन, अगर आप प्यार के साथ-साथ पैसों से संबंधित विषयों पर पहले से चर्चा नहीं करते हैं तो मैरिज के कुछ वक्त बाद ही रिश्ते में प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं।

दरअसल, जब दो लोग एक साथ रहने लग जाते हैं तो उनके खर्चे भी पहले की अपेक्षा काफी अधिक बढ़ जाते हैं। साथ ही, उन्हें अपनी फैमिली प्लानिंग से लेकर ब्राइट फ्यूचर आदि पर विचार करना होता है। जिसके लिए अच्छा बैंक बैलेंस होना आवश्यक होता है। हालांकि, अगर उनकी फाइनेंशियल एक्सपेक्टेशन एक-दूसरे से पूरी नहीं होती हैं तो मैरिज में दिक्कतें आना लाजमी है। कई बार तो मैरिज के टूटने के पीछे एक मुख्य वजह पैसा ही होता है। ते चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ पैसों से जुड़ी प्रॉब्लम्स के बारे में बता रहे हैं, जिसका सामना अक्सर कपल्स अपनी मैरिज में करते हैं-

मैरिज में खर्च को लेकर अलग-अलग नजरिया

जिस तरह हर व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है, ठीक उसी तरह उनकी फाइनेंशियल हैबिट्स भी अलग हो सकती हैं। कई बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर को बचत करने की आदत होती है तो वहीं दूसरे पार्टनर को घूमना-फिरना, शॉपिग करना काफी अच्छा लगता है। ऐसे में उनके बीच पैसों को लेकर समस्या पैदा होती हैं। दोनों ही पार्टनर को एक-दूसरे की पैसों से संबंधित आदतें पसंद नहीं आती हैं और उनके बीच झगड़े होते हैं।

क्या करें- भले ही आप दोनों की आदतें अलग हैं, लेकिन फिर भी आप बीच का एक रास्ता निकाल सकते हैं। मसलन, आप दोनों की कमाई को तीन हिस्सों में बांट सकते हैं। जिसमें एक हिस्सा जरूरी खर्चो के लिए रख लें। जबकि दूसरा हिस्सा बचत के रूप में रखें और तीसरे हिस्से से आप घूमना-फिरना व शॉपिंग आदि अतिरिक्त खर्चे कर सकते हैं। इससे दोनों में से किसी भी पार्टनर को अपना मन नहीं मारना पड़ेगा।

मैरिज के बाद पैसों की बचत ना हो पाना

यह भी एक समस्या है, जो अक्सर झगड़े की वजह बनती है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि शादी के बाद व्यक्ति का खर्च काफी बढ़ जाता है। फैमिली में रहकर व्यक्ति को कई तरह के खर्चे करने पड़ते हैं। ऐसे में बचत का ना होना और उसके चलते झगड़ों का बढ़ना बेहद आम है। कई बार तो पैसों की किल्लत के चलते कपल्स के बीच तलाक तक हो जाते हैं।

क्या करें- अगर आपको ऐसा लगता है कि आप चाहकर भी पैसे नहीं बचा पाते हैं तो ऐसे में बेहतर होगा कि आप एक डायरी मेंटेन करें। जिसमें आमदनी व खर्च का रिकॉर्ड हो। ऐसा करने से आपको यह समझ में आएगा कि आपका अतिरिक्त खर्च कहां हो रहा है और आप इसे किस तरह से सेव कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अतिरिक्त आमदनी के भी कुछ रास्तों को खोजने का प्रयास करें, जिससे आप अपनी सभी जरूरतों को बहुत आसानी से पूरा कर पाएं।

मैरिज में केवल एक पार्टनर का कमाई करना

कुछ समय पहले तक केवल पुरूष ही घर में कमाई करता था और महिलाएं घर संभालती थीं। लेकिन आज के समय में चीजें काफी बदल गई हैं और दोनों ही पार्टनर कमाई करके घर का खर्चा उठाते हैं। हालांकि, कुछ घरों में आज भी केवल पुरूष ही केवल नौकरी करते हैं, जिसके कारण बढ़ती महंगाई के कारण एक व्यक्ति के लिए घर का बोझ उठाना संभव नहीं हो पाता है और कपल्स के बीच तनाव पैदा होता है। इतना ही नहीं, दोनों ही पार्टनर को ऐसा लगता है कि सारी जिम्मेदारी उन्हीं पर हैं और इसलिए उनके बीच झगड़ा होता है। वहीं, कई बार ऐसा भी होता है कि महिला शादी के बाद काम करना चाहती हैं, लेकिन ससुरालपक्ष में उन्हें बाहर जाकर काम करने की इजाजत नहीं दी जाती है और इस वजह से भी उनके बीच झगड़े होते हैं।

क्या करें- मैरिज में इस तरह के तनाव से बचने के लिए जरूरी है कि आप शादी से पहले ही इस विषय में एक-दूसरे से बात कर लें। मसलन, अगर आप शादी के बाद काम करना चाहती हैं तो ऐसे में आप पहले से ही अपने पार्टनर से इस विषय पर चर्चा कर लें। इसी तरह, अगर आप पहले से कोई काम नहीं करती हैं तो इस विषय में भी अपने पार्टनर को बता दें। काम और पैसों के प्रति एक-दूसरे से की जाने वाली अपेक्षाओं के बारे में विवाह से पहले बातचीत कर लेना सबसे अधिक अच्छा ऑप्शन माना जाता है।

मैरिज में लोन्स का ओवरलोड होना

यह भी कई बार कपल्स के बीच झगड़े पैदा करता है। दरअसल, जब एक व्यक्ति की शादी होती है, तो वह अपने पार्टनर के साथ एक अच्छी लाइफ जीना चाहता है। इसलिए, घर से लेकर गाड़ी तक सब कुछ लोन पर ले लेते हैं। लेकिन बाद में उसकी किश्तें कमाई पर भारी पड़ती है। जिसका तनाव रिश्ते पर साफतौर पर नजर आता है।

क्या करें- यकीनन पार्टनर के साथ एक अच्छी जिन्दगी जीने की इच्छा करना गलत नहीं है। लेकिन इसके लिए सही प्लानिंग का होना बेहद आवश्यक है। इसलिए अगर आप लोन लेना चाहते हैं तो पहले यह जरूर देखें कि आप दोनों की इनकम कितनी है और इसलिए आप कितना लोन अफोर्ड कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप दोनों में से किसी की जॉब चली जाती है या फिर कोई परेशानी होती है तो आप लोन की किस्तें चुकाने में कितने सक्षम हैं। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही लोन लें।

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