इमर्जेंसी फंड… वो पैसे हैं, जिन्हें जमा करते समय थोड़ा बोझ लग सकता है लेकिन जब इनको इस्तेमाल करने की बारी आती है तो खुद ही पीठ थपथपाने का मन करता है। ये वो फंड है, जो आपके बुरे समय में अच्छे दोस्त की तरह खड़ा रहता है। कोई आपके काम आए या नहीं लेकिन ये आपके काम जरूर आ जाता है। इस फंड की जरूरत वो लोग अच्छे से समझ सकते हैं, जिनकी कमाई का जरिया पिछले साल के लॉकडाउन में डांवाडोल हो गया है। इन लोगों ने असल दिक्कत तब महसूस की, जब कमाई का जरिया बंद होने के बाद उनकी सेविंग खत्म हुई और फिर हाथ में पैसों के नाम पर कुछ नहीं था। उनको दिक्कत न होती अगर उन्होंने इमर्जेंसी फंड का इंतजाम किया हुआ होता। ये आपकी मदद तब करता जब आपके पास पैसों के नाम पर कुछ नहीं था। इसलिए आज ही से इमर्जेंसी फंड बनाने की शुरुआत कर दीजिए, कैसे होगा ये जान लीजिए-

कभी हो जाए कर्ज तो

समय किसी ने नहीं देखा है लेकिन सोचिए अगर कभी आप पर कर्ज हो जाए तो…तो कैसे निपटाया जाएगा ये बोझ। तब अपने इमर्जेंसी फंड से ये बोझ आसानी से उतार पाएंगी। हो सकता है आप पूरा बोझ ना उतार पाएं लेकिन कुछ बोझ तो इससे उतर ही जाएगा। इस वक्त आपको धीरे-धीरे करके जमा किए गए इस इमर्जेंसी फंड की अहमियत जरूर समझ आ जाएगी। तब अहमियत समझने से अच्छा है कि आप अभी इसकी अहमियत समझ लें। 

अकेला कमाऊ

हो सकता है कि आपके पति या आप खुद घर के अकेले कमाने वाले लोग हों। इस स्थिति में भी। इमर्जेंसी फंड से काफी मदद मिल जाती है। ये फंड अचानक से आए खर्चों को संभाल लेता है। कभी एक अकेले कमाने वाले की नौकरी जाने पर भी इसके पैसों से काफी मदद मिल जाती है। इसलिए आपका परिवार भी इस स्थिति में हो तो इमर्जेंसी फंड की शुरुआत जरूर कर लें। ये फ़ंड कब ही न कभी आपकी मदद जरूर करेगा, यकीन कीजिए। 

 

बीमारी का चक्र

कई बार ऐसा होता है कि आपके परिवार में किसी न किसी को खतरनाक बीमारी घेर लेती है। इस वक्त भी कई बार आर्थिक स्थिति से ज्यादा खर्चा करना पड़ जाता है। ऐसे में तो कई परिवार घर तक बेच देते हैं। ऐसी स्थिति आपके साथ न हो इसलिए इमर्जेंसी फंड का बनाया जाना जरूरी है। क्योंकि याद रखिए मेडिकल इमर्जेंसी बता कर नहीं आती है। ये तो बस जिंदगी को बर्बाद कर देती है और बाकी की जिंदगी बस इसे संभालने में लगा देते हैं। 

परिवार से रहती हैं दूर

आप परिवार से दूर अलग शहर में रहती हैं तो भी इमर्जेंसी फंड एक जरूरी काम हो जाता है। अंजान शहर में जब कभी पैसों से जुड़ी परेशानी आएगी तो ये इमर्जेंसी फंड इस परेशानी को गाइड कर देगा। इस वक्त आप किसी से पैसे भी नहीं ले सकती होंगी, ऐसे में अपने पैसों को ही इस्तेमाल कर लें। इमर्जेंसी फंड बना लें। ये फंड दूर रहते हुए भी आपको परिवार वाला सहयोग देगा और आप परेशानी से उभर पाएंगी।  

लॉकडाउन का समय

पिछले साल जब लॉकडाउन लगाया गया तो देश को आर्थिक हानि हुई और खामियाजा कइयों ने अपनी नौकरी गंवा कर चुकाया। ढेरों लोगों ने आर्थिक दिक्कत भी झेली जो अभी तक संभली नहीं है। ऐसा समय दोबारा आएगा तो फिर वैसी ही पैसों की दिक्कत हो सकती है इसलिए परेशानी भले आप तक ना आए लेकिन आप इसका सामना करने की तैयारी जरूर कर लें। इमर्जेंसी फंड लॉकडाउन के समय भी आपकी आर्थिक मदद जरूर करेगा। 

जब बचेगा, तब जोड़ेंगे

इमर्जेंसी फंड जोड़ने की शुरुआत करें तो ध्यान रखें जब बचेगा तो जोड़ेंगे वाले फॉर्मूला आपको छोड़ना होगा। बल्कि हर महीने की निश्चित रकम आपको इमर्जेंसी फंड में जोड़ने ही होंगे। अगर ऐसा नहीं करेंगी तो ये फंड बनाना ही बेकार है। जैसे कभी खर्च ज्यादा हो जाए तो आप जमा नहीं कर पाएंगी। फिर हो सकता है कि आप इस फंड की शुरुआत करने के बाद इसे बीच में ही छोड़ दें। 

कैसे बनाएं ये फ़ंड

-इस फंड की शुरुआत करें तो कभी भी महीने की तय रकम से ही शुरुआत ना करें। बल्कि थोड़ा पैसा उसमें पहले से डाल दें ताकि फंड शुरुआत से ही मजबूत होता जाए। 

-3 से 4 महीने की कमाई जितनी रकम तो इसमें होनी ही चाहिए। 

-आपको हर महीने नियम से अपनी कमाई का कुछ प्रतिशत इसमें डालना ही होगा। इसमें कोई कमी न रखें।  

-ये फंड बैंक के एकाउंट में भी हो सकता है और घर की किसी गुल्लक में भी। 

-इसके लिए सबसे पहले अपने हर महीने के खर्चों का अंदाजा लगाएं। 

-एक ध्येय निर्धारित करें ताकि ये निर्णय हो जाए कि अगले कुछ दिनों में आपके आस कुछ कितनी धनराशि होनी चाहिए। 

-इमर्जेंसी फंड को अपने लिए इंश्योरेंस फंड की तरह देखें। ये इसी तरह आपकी मदद भी करेगा। जब आप इसे इतनी अहमियत देंगी तब ही ये पैसे जुड़ पाएंगे। 

 

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