Overview: क्यों चढ़ाते हैं हनुमान जी को सरसों का तेल
हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाना एक प्रभावी उपाय है जो शनि के प्रकोप को कम करता है और जीवन में सुख-शांति लाता है। मंगलवार और शनिवार को की गई यह पूजा घर से नकारात्मकता दूर करती है और व्यक्ति को साहस व सफलता प्रदान करती है।
Hanuman Ji Worship: हनुमान जी को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए लोग अलग-अलग प्रकार के उपाय करते हैं। इन्हीं में से एक खास उपाय है हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाना। यह केवल परंपरा का हिस्सा ही नहीं है, बल्कि इसे जीवन में आ रही परेशानियों, विशेषकर शनि की साढ़े साती या ढैया के प्रभाव को कम करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है।
मान्यता है कि जब श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान जी को सरसों का तेल अर्पित किया जाता है, तो इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं, नकारात्मक ऊर्जा और परेशानियां कम होने लगती हैं। साथ ही, व्यक्ति को साहस और आत्मविश्वास भी प्राप्त होता है।
क्यों चढ़ाते हैं हनुमान जी को सरसों का तेल

हनुमान जी को सरसों का तेल अर्पित करने के पीछे धार्मिक और आध्यात्मिक कारण छिपे हैं। कहा जाता है कि जब हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त किया था, तब शनिदेव ने उन्हें वचन दिया कि जो भी व्यक्ति हनुमान जी की पूजा में सरसों का तेल चढ़ाएगा, उस पर शनि की कुदृष्टि नहीं पड़ेगी। इसलिए, हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाना न केवल शनि के प्रकोप को शांत करता है, बल्कि घर और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करता है।
किस दिन करें तेल अर्पित करना
हनुमान जी को तेल चढ़ाने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
मंगलवार : हनुमान जी का विशेष दिन होता है, इस दिन पूजा करने से उनकी कृपा जल्दी मिलती है।
शनिवार : यह दिन शनिदेव का होता है। हनुमान जी को तेल अर्पित करने से शनिदेव का प्रकोप शांत होता है और साढ़े साती या ढैया से राहत मिलती है।
हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाने की सही विधि
स्नान और शुद्धता
सुबह सूर्योदय के समय स्नान करें और साफ, सादे कपड़े पहनें।
मन को शांत और शुद्ध रखें, जिससे पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़े।
पूजा स्थल की तैयारी
हनुमान जी की साफ मूर्ति या तस्वीर पूजा स्थान पर रखें।
पूजा का स्थान स्वच्छ और पवित्र होना चाहिए।
तेल और दीपक का प्रबंध
मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल डालें और उसमें बाती जलाएं।
दीपक के अलावा थोड़ा सा तेल हनुमान जी की मूर्ति पर भी अर्पित करें।
मंत्र जाप करें
तेल अर्पित करते समय “ॐ हनुमते नमः” या “ॐ श्री हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें।
मंत्र का उच्चारण श्रद्धा और भक्ति के साथ होना चाहिए।
पाठ और प्रार्थना
मंत्र जाप के बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
यह साधना मन को शांति देती है और हनुमान जी का आशीर्वाद दिलाती है।
प्रसाद अर्पित करें
पूजा पूर्ण होने के बाद गुड़ और चने का प्रसाद हनुमान जी को चढ़ाएं।
फिर प्रसाद को परिवार के सदस्यों और भक्तों में बांटें।
हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाने के फायदे
शनि की पीड़ा से मुक्ति
साढ़े साती, ढैया या शनि की महादशा के प्रभाव को कम करता है।
शनिदेव की कुदृष्टि शांत होकर जीवन में सुख-शांति लाती है।
नकारात्मक ऊर्जा का नाश
घर और जीवन में फैली नकारात्मकता समाप्त होती है।
साहस, शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
सफलता और उन्नति
नियमित पूजा से कामों में सफलता मिलती है।
घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
आध्यात्मिक विकास
मन का संतुलन और ध्यान की शक्ति बढ़ती है।
जीवन की कठिनाइयों का सामना धैर्य और साहस के साथ करना आसान हो जाता है।
