What is Digital Arrest
What is Digital Arrest

डिजिटल ठगी का शिकार हुईं निधि: ईडी का फर्जी नोटिस और 34 लाख की मांग

निधि को पहले तो यह सब मजाक जैसा लगा, लेकिन वह आवाज़ इतनी गंभीर थी कि उनका दिल धक से रह गया।

Digital Arrest News: नोएडा, सेक्टर 41…रात का वक्त था, लगभग 10 बजे। निधि पालीवाल अपने घर में आराम से बैठी थीं, तभी उनका फोन बजा। दूसरी तरफ से एक अजनबी आवाज आई, जो खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से बताता है। उसने कहा, ‘आपके नाम से मुंबई से ईरान एक पार्सल भेजा गया है, जिसमें पांच पासपोर्ट, दो डेबिट कार्ड, दो लैपटॉप, 900 अमेरिकी डॉलर और 200 ग्राम नशीला पदार्थ है। यह सब आपके नाम पर है और आप इस मामले में आरोपी हैं।’

निधि को पहले तो यह सब मजाक जैसा लगा, लेकिन वह आवाज़ इतनी गंभीर थी कि उनका दिल धक से रह गया। और फिर उसने वही क्लासिक धोखाधड़ी का हथियार इस्तेमाल किया – डराने का खेल। फोन कॉल के बाद तुरंत उनके व्हाट्सएप पर एक शिकायत भेजी गई, जिसमें न केवल आरोप थे, बल्कि एक भुगतान की मांग भी की गई थी। उसे इस अंदाज में धमकी दी गई, ‘अगर आपने 34 लाख रुपये नहीं भेजे तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’

Also read: आम आदमी समझकर क्राइम ब्रांच के डीसीपी को ठगने की कोशिश, साइबर ठगों के उड़े होश जब सामने दिखी पुलिस यूनिफॉर्म: Digital Arrest

फिर एक और चौंकाने वाला मोड़ आया। एक स्काइप कॉल आई, जिसमें वीडियो बंद था, लेकिन वो व्यक्ति यही दावा करता रहा कि उसे वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी करनी है। निधि का मन डर और घबराहट से भर गया। क्या वो सच में अपराधी हैं? क्या उनका नाम फंस चुका है?

इतना डर था कि निधि ने उसी समय 34 लाख रूपये ट्रांसफर कर दिए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।

लेकिन जब निधि ने मामले की रिपोर्ट की, तो सच्चाई सामने आई। साइबर अपराधी सिर्फ उनके पैसे ही नहीं, बल्कि उनका मानसिक शोषण भी कर रहे थे। गौतम बुद्ध साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने न केवल फर्जी ED नोटिस भेजे, बल्कि डिजिटल गिरफ्तारी के जरिए भी निडरता से पैसे ऐंठे।

हाल के महीनों में ऐसे डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम्स में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोग मानसिक दबाव का शिकार हो रहे हैं। निधि की कहानी एक चेतावनी बनकर सामने आई है, कि आजकल के डिजिटल युग में धोखाधड़ी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब हमें अपनी जानकारी और पैसे की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है।

सोनल शर्मा एक अनुभवी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया, प्रिंट और पीआर में 20 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने दैनिक भास्कर, पत्रिका, नईदुनिया-जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया और द हितवाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया...