मानसून में बच्चों को डायपर रैशेज से बचाने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो: Prevent Diaper Rashes in Monsoon
Prevent Diaper Rashes in Monsoon

मानसून में बच्चों को डायपर रैशेज से बचाने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो: Prevent Diaper Rashes in Monsoon

मानसून में अगर आपके भी बच्चे के डायपर पहनने से रैशेज हो गए है, तो आप इन टिप्स की मदद ले सकते है।

Prevent Diaper Rashes in Monsoon: आजकल पेरेंट्स अपने बच्चों को सफर में या घर पर भी डायपर पहन कर रखते है। ऐसे में बच्चों के कपड़े गंदे होने से बच जाती है। लेकिन लंबे समय तक डायपर पहने रहने से बच्चों को प्राइवेट पार्ट में रैशेज, जलन और खुजली की परेशानी शुरू हो जाती है। ज्यादातर रैशेज की समस्या मानसून के मौसम में होती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस मौसम में हवा में नमी और बैक्टीरिया ज्यादा होते है। शिशु का डायपर लंबे समय से गिला रहता है। ऐसा में पेरेंट्स इस बात पर ध्यान ही नही देते है, जिसकी वजह से स्किन पर रैशेज और खुजली होने लगती है। लंबे समय तक त्वचा में नमी बने रहने पर स्किन की ऊपर की परत भी डैमेज होने लगती है। ऐसे में पेरेंट्स काफी ज्यादा परेशान हो जाते है। इसलिए आज हम आपके लिए बच्चों के डायपर से होने वाले रैशेज से बचने के लिए कुछ टिप्स बताने वाले है, तो चलिए जानते है।

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शिशु को डायपर पहनाते समय पहले गीले कपड़े से प्राइवेट पार्ट को क्लीन जरूर करें। ऐसा करने से प्राइवेट पार्ट में मौजूद  बैक्टीरिया और इंफेक्शन वाले कीटाणुओं को खत्म करने में काफी ज्यादा मदद मिलती है। गीले कपड़े से निजी क्षेत्र को साफ करने के बाद सूखे कपड़े से उस स्थान को अच्छे से पोंछ लें। फिर डायपर पहनाएं। अगर आपके पास समय हो तो कपड़े से पोछने के बाद 15- 20 के लिए उस जगह को खुला करके छोड़ दें और फिर डायपर पहनाएं। ऐसा करने से खुजली और रैशेज को खतरा कम हो जाता है।

Prevent Diaper Rashes in Monsoon
Change diaper every 4 to 5 hours

डॉक्टर के अनुसार सही समय पर डायपर बदलने से निजी क्षेत्र में बैक्टीरियल और यीस्ट पनपने का खतरा कम हो जाता है। ज्यादा देर तक गिले डायपर में त्वचा पर रगड़ लगती है, जिसकी वजह से भी कभी- कभी रैशेज हो जाता है। जब भी आप शिशु को डायपर पहनाएं, तो ध्यान रहें हर 4 से 5 घंटे के बाद निजी क्षेत्र को साफ करने के बाद ही डायपर पहनाएं।

अपने शिशु के लिए हर माता- पिता हर चीज जो उनके बच्चे के लिए अच्छी हो, वही लेते है। लेकिन डायपर के बारे में ज्यादा जानकारी ना होने की वजह से अक्सर गलती हो जाती है। ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों के लिए वो डायपर खरीद लेते है, जो जल्दी गीले हो जाते है। ये खुजली और रैशेज का सबसे बड़ा कारण बनती है। मानसून में तो उन डायपर को खरीदना चाहिए, जो ज्यादा देर तक गिला होने से बचाते है। इससे रैशेज होने का भी डर कम रहता है। ऐसे में ज्यादा सोखने वाले डायपर को ज्यादा बदलना नहीं पड़ता है।

Cleaning
Clean up after Changing Diapers

खुजली और रैशेज से बचने के लिए डायपर बदलने के दौरान शिशु के निजी क्षेत्र की सफाई जरूर करें। कई बच्चों को डायपर की रगड़ से भी रैशेज हो जाते है। ऐसे में डायपर पहनाने से पहले क्लीन करें। उसके बाद प्राइवेट पार्ट पर तेल या पाउडर लगाकर ही बच्चे को डायपर पहनाएं। अगर आपके शिशु को डायपर से रैशेज या खुजली ज्यादा हो गई है, तो कुछ दिनों के लिए डायपर का इस्तेमाल बिल्कुल ही बंद कर दें और डॉक्टर की सलाह लेकर रैशेज को ठीक करने के लिए लोशन या क्रीम लगा सकते है।