होली पर भांग के सेवन का चलन नॉर्थ इंडिया में ज्यादा है और इसका मुख्य केंद्र भगवान शिव की नगरी बनारस है। बनारस के कई घाट पर आप आसानी से भांग बनते देख सकते हैं।
फैक्ट 1- क्या है भांग?
भांग कैनबिस नामक पेड़ की पत्तियों और कलियों को पीस कर बनाया जाता है। इस पेस्ट को ठंडाई, लड्डू या किसी अन्य मिठाई में मिलाकर प्रयोग में लाया जाता है। इसी पेस्ट में घी और चीनी मिलाकर इसका हलवा भी बनता है या सिर्फ पानी के साथ भांग की गोलियों का सेवन भी आम है।

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फैक्ट 2- धर्म से है नाता
अथर्वेद में भांग की चर्चा हर्ब यानी जड़ी-बूटी की श्रेणी में की गई है और इसे चिन्ता खत्म करने वाला कहा गया है। भगवान शिव की उपासना करने वाले साधु- संत इसी वजह से सदियों से भांग का सेवन करते आएं हैं कि इससे खुद को भूलकर ईश्वर की भक्ती में तल्लीन होने में आसानी होती है।
फैक्ट 3- हेल्थ के लिए भी है फायदेमंद
सही मात्रा में लेने पर यह फीवर, पेट खराब और लू लगने पर कारगर सिद्ध होता है। इसमें कफ, डायजेशन, भूख बढ़ाने और स्पीच से जुड़ी परेशानियों को ठीक करने के गुण हैं।

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फैक्ट 4- भांग से जुड़े हैं कुछ अंधविश्वास
क्या आप जानते हैं कि भांग हमारी संस्कृति में कुछ ऐसे रचा-बसा है कि इसके साथ कुछ अंधविश्वास भी जुड़ चुके हैं, जैसे यदि कहीं जाते हुए कोई दूसरा व्यक्ति भांग लेकर जाते हुए मिल जाए तो यह शुभ संकेत हैं।
फैक्ट 5- चाइना की सभ्यता से भी है नाता
यूं तो भांग सेन्ट्रल एशिया में उपजा पौधा है, लेकिन आज इसकी प्रजातियां पूरे विश्व में मिलती हैं। चाइना में भांग की चर्चा वहां की इतिहास से जुड़ी सबसे पुरानी औषधी पर लिखी किताब में मिलती है।
