श्रावन मास की शुक्ल पक्ष को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यह त्योहार शनिवार, 3 अगस्त को मनाई जाएगी। इसको छोटी तीज और श्रावणी तीज भी कहा जाता है।

कथा

ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव-गौरी का मिलन हुआ था। इसलिए इस दिन जो कन्याएं शिव-गौरी की पूजा करके व्रत रखती हैं वे अपने मनचाहा वर पाती हैं तथा जो विवाहित स्त्रियां इस दिन शिव-गौरी की पूजा करती हैं वे अखंड सौभाग्य पाती हैं। उनका सुखी वैवाहिक जीवन होता है। यद्यपि यह पूरे भारत में मनाया जाने वाला पर्व है परन्तु उत्तर भारत में मुख्य रूप से प्राय: सभी जाति के लोग मनाते हैं। इस दिन नए वस्त्र पहनकर, शृंगार करके मेंहदी लगाकर झूला झूलने की प्रथा है। राजस्थान व उत्तर प्रदेश में तो विशेष पूजा होती है। कहते हैं जो महिलाएं इस दिन सोलह शृंगार करके शिव-गौरी की पूजा करती हैं उन्हें अखंड सौभाग्य मिलता है।

तीज से एक दिन पहले नवविवाहित कन्याएं अपने मायकेचली जाती हैं और फिर उनकी ससुराल से सिन्दारा आता है। उसमें जेवर, कपड़ा, शृंगार का सामान फल, मेवा, मिठाई आती है। मिठाई में इस दिन विशेषकर घेवर, फैनी खायी जाती है। गुझियां का भी विशेष महत्त्व होता है।

  • इस दिन बालू के गणपति व शिव-गौरी बनाकर पूजा करने का विधान है।
  • इस दिन स्त्रियों को झूठ नहीं बोलना चाहिए, पति से छल कपट भी ना करें व स्त्री मांस-मंदिरा का सेवन ना करें।
  • कुछ महिलाएं व्रत रखती हैं तो कुछ इस दिन बायना निकाल कर खा लेती हैं, जैसा जिसके परिवार में चलन होता है वैसा ही किया जाता है।

बायने को स्त्री अपनी सास और ननद, जेठानी या ससुराल पक्ष में अपने से बड़ी किसी भी स्त्री को दे सकती हैं। बायने में इच्छानुसार सामग्री जैसे- पूरी, भउरी, घेवर, वस्त्र, रुपये रखे जाते हैं। फिर गणेश शिव-गौरी की पूजा करके बयाना निकाले और निकालकर उसको अपनी सास को दें। जिनकी ससुराल में सास नहीं हैं वे इसको किसी पंडित को भी दे सकती हैं। विदेशों में रहने वाली महिलाएं बायने में पैसे उठाकर रख सकती हैं और फिर वो जब भी उनसे मिले तो उनको वो रुपये दे दें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। तो इस प्रकार से तीज का पर्व उल्लास के साथ ही अखंड सौभाग्य को देने वाला भी होता है इसलिए पूर्ण हर्ष व उत्साह से अगर हर सुहागन स्त्री व कन्याएं इस पर्व को मनाएंगी तो असीम व दीर्घायु सुख सौभाग्य को पाएंगी।

कैसे मनाती हैं à¤®à¤¹à¤¿à¤²à¤¾à¤à¤‚ तीज?

एक समय था जबकि महिलाएं घर के आंगन में ही परिवार एवं सहेलियों संग तीज का उत्सव मनाकर खुश हो जाती थीं। एक दूसरे के हाथों पर मेंहदी व पैरों पर महावर लगाती थीं। सोहल शृंगार करने में भी एक दूसरे की मदद करती थीं। घर के आंगन में, बागों में झूले डाले जाते थे। और उस पर महिलाएं साथ बैठकर झूला झूलती थीं। एक दूसरे को खुशी-खुशी झुलाती थीं और सुख सौभाग्य से भरे सावन के गीत गाया करती थीं। यद्यपि गांवों में आज भी ये चलन जारी है परंतु शहरों में इसके प्रारूप में एक बड़े स्तर पर बदलाव आया है। तीज से कई दिन पहले ही मेंहदी लगाने वाले लोगों की लम्बी कतारे लग जाती हैं जैसी मेंहदी वैसे ही दाम देकर महिलाएं खुशी-खुशी अपने हाथों पर मेंहदी लगवाती हैं।

अब सोलह शृंगार महिलाएं पॉर्लर जाकर ही करवाती हैं। तीज पर महिलाओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए पॉर्लर वाले ऑफर पैकेज निकालते हैं जिसमें सिर से लेकर नख तक को पॉर्लर सजाकर रख देते हैं। इन पॉर्लर के कारण महिलाएं भी खुश रहती हैं और पॉर्लर वाले भी खुश रहते हैं। झूले जो घरों व बागों में डाले जाते थे और सावन के गीत गाकर महिलाएं एक दूसरे को लुभाती व चिढ़ाती थी उनकी जगह आज महिलाएं किसी होटल या मॉल में एक ग्रुप में इक_ïी होती हैं वहां पर होटल वाले झूलों का प्रबंध भी कर देते हैं और साथ ही सावन के गाने म्यूजिक सिस्टम पर लगाकर डीजे फ्लोर को लगा कर महिलाओं को झूला झूलने के साथ ही नाचने गाने का मौका भी दे देते हैं। और एक बड़ा सा बोर्ड तीज फेस्टिवल का लगाकर सुंदर डेकोरेशन करके बढ़िया खाने का इंतजाम करते हैं। महिलाओं के लिए गेम्स व क्विज आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम भी रखे जाते हैं। महिलाएं सज-धज कर तीज का पर्व हर्ष व उल्लास के साथ नाचते गाते मनाती हैं। तीज मनाने का तरीका जरूर बदल गया है परंतु उद्देश्य आज भी वही है यानी पति की लम्बी उम्र की कामना करना, सौभाग्य वृद्घि के लिए शिव-गौरी की पूजा करना।

सेलीब्रिटीज की तीज

हमारी सेलीब्रिटीज भी तीज के लिए उत्सुक रहती हैं और बड़े चाव व धूमधाम से तीज मनाती हैं। जैसे-

दीपिका पादुकोण- मेरी पहली तीज है। ये इसके लिए मैं उत्सुक हूं। मैं पूरा दिन रणवीर व अपनी फैमिली के साथ बिताने वाली हूं वो भी हाथों में मेंहदी  लगवाकर व खूब सजधज कर।

शिल्पा शेट्टी – तीज पर मुझे सजना संवरना बहुत पसंद है खासकर मेंहदी व झूला झूलना वो भी बागों में। बाग मुम्बई में मिलना कठिन है परंतु मैं घर के झूलों पर ही झूलती हूं व मिठाई खाती, खिलाती और बनाती भी हूं।

ऐश्वर्या राय बच्चन- तीज पर मुझे ससुराल व मायके दोनों तरफ से शृंगार का सामान व कपड़े मिलते हैं जिनको मैं तीज वाले दिन बारी-बारी से पहनती हूं और परिवार के लोगों के साथ समय बिताती हूं।

विद्या बालन- मुझे महिलाओं से जुड़े सारे त्योहार मनाने बहुत पसंद है विशेषकर तीज। इस दिन मौसम के साथ हर तरफ माहौल बहुत ही खुशनुमा होता है जो जीवन को सजीवता व उत्साह से भर देता है। मैं इस दिन खूब सारे जेवर व कपड़े पहनती हूं।

इस तरह से हर नारी के लिए कुछ खास ही दिन होता है हरियाली तीज का। 

यह भी पढ़ें –अभूतपूर्व दार्शनिक एवं अन्यतम योगी- श्री अरविंद