Personality Changes Reason: ऐसा अक्सर आपने बहुत बार लोगों को कहते हुए सुना होगा की जैसी संगत वैसी रंगत। इसका अर्थ होता है की जिन लोगों के साथ आप रहते हैं उन्हीं का असर आपके जीवन में पड़ने लगता है इसलिए ऐसा बोला जाता है की हमेशा आप को अपने दोस्त और जिनके साथ आप रहते हैं उन्हें सोच समझ कर ही चुनना चाहिए। सही संगत आपके जीवन को सफल बना सकती है वही गलत संगत के कारण आप बरबाद भी हो सकते हैं। आपकी संगत आपके व्यक्तित्व पर गहरा असर डालती है और आपका व्यक्तित्व आप जैसे लोगों के संग रहते हैं वैसा बनता जाता है। तो आइए जान लेते हैं कैसे आपकी संगत आपके व्यक्तित्व पर प्रभाव डाल सकती है।
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व्यक्तित्व थ्योरी के अनुसार संगत

कुछ लोगों का मानना होते है की आपका व्यक्तित्व पूरी उम्र एक समान ही रहता है। केवल कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो इसे बदल सकती हैं। आपको पहले यह जान लेना चाहिए की आप की पसंद और ना पसंद आपके व्यक्तित्व के गुण नहीं होते हैं। जिस तरह के दोस्त आप रखते हैं, अगर वह आपके जीवन में नहीं आते तो क्या आपका कारोबार और व्यक्तित्व आज जो है उससे अलग होता? शायद नहीं। आप अपनी पसंद और ना पसंद या व्यक्तित्व के गुण साझा करने वाले लोगों को ही दोस्त बनाते हैं।
स्थितियों में अलग प्रकार का व्यवहार

आपका व्यवहार आपके व्यक्तित्व पर निर्भर करता है लेकिन आप स्थिति और अपनी संगत के हिसाब से अलग तरह का व्यवहार कर सकते हैं। इसका एक उदाहरण यह हो सकता है की आपका व्यवहार आपके मां बाप के साथ अलग होता है और भाई बहन के साथ अलग। क्या आप इस समय अलग हो जाते हैं?
व्यवहार में बदलाव का उदाहरण

आप अलग अलग किस्म के लोगों के साथ अलग अलग तरह का व्यवहार करते हैं लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होता है की आप का व्यक्तित्व हर बार बदल रहा है। आप केवल अपने व्यवहार को लोगों के हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं। जब आप अपने दोस्तों के साथ रहते हैं तो बहुत खुश मिजाज और बच्चों जैसा व्यवहार कर सकते हैं लेकिन जब आप किसी बड़े या फिर किसी गंभीर माहौल में बात करते हैं तो आपके अंदर की मैच्योरिटी बाहर आ जाती है। इसका अर्थ यह नहीं है की आपका व्यक्तित्व ही ऐसे बात करने का है। आप जिस भी व्यक्ति के साथ समय बिताते हैं उनका एक अलग व्यक्तित्व होता है और उसके हिसाब से ही आप उनके साथ व्यवहार करते हैं।
आप का आत्म विश्वास और स्ट्रेस लेवल आसानी से आपके व्यवहार को बदल सकता है। आप जब स्ट्रेस में होते हैं तो आप को बाकी सब लोगों से चिड़चिड़ा महसूस हो सकता है। जैसे जैसे आपके अंदर व्यक्तिगत विकास होता जायेगा, आप नए नए गुणों को अपने अंदर बुनते जाएंगे। कोई भी व्यक्ति आप को किसी अन्य प्रकार का व्यक्ति बनने के लिए जबरदस्ती नहीं कर सकता है। इसलिए संगत के हिसाब से आपका व्यक्तित्व बदलता है यह बात कुछ हद तक गलत साबित होती है। आपका व्यक्तित्व नहीं बल्कि व्यवहार आप जिन लोगों के साथ हैं, उसके हिसाब से बदल सकता है। आपका मूड और आपकी स्थिति भी आप के व्यवहार को बदलने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आपका व्यवहार इंसानों के हिसाब से बदलता है लेकिन व्यक्तित्व नहीं। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है आप गलत लोगों की संगत में उठने बैठने लगेंगे। आप को हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहना चाहिए जिनसे आप को कुछ सीख मिल सके और जिनसे आप प्रेरित हो कर जीवन में कुछ अच्छा कर सकें।
