Overview: यमराज का दीपक जलाने से क्या होता है
दिवाली से पहले यम दीप जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। इसे दक्षिण दिशा में सरसों के तेल से चार मुखी दीपक में जलाना शुभ माना गया है।
Yam Deep 2025: दिवाली पांच दिनों का त्योहार है जिसमें, धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे त्योहार शामिल हैं। पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है और भाई दूज पर इसका समापन हो रहा है। इस साल 2025 में धनतेरस 18 अक्टूबर, नरक चतुर्दशी और दीवाली 20 अक्टूबर गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर और भाई दूज 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। सभी त्योहारा का अपना विशेष महत्व होता है और सभी से अलग-अलग परंपराएं व मान्यताएं भी जुड़ी होती हैं। इन्हीं परंपराओं में एक है यम दीप या यमराज का दीपक जलाना।
जी हां दीवाली से पहले यमराज के नाम का दीप जलाया जाता है और इसे जालना महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि, यम दीप जलाने से घर-परिवार के लोगों को अकाल मृत्यु के भय का सामना नहीं करना पड़ता है। साथ ही घर में होने वाली अशुभ अनहोनी की आशंका भी समाप्त हो जाती है। आइए जानते हैं इस साल कब जलाया जाएगा यम दीप, इसे जलाने की उचित दिशा और नियम क्या हैं।
कब जलाया जाएगा यम दीप

आमतौर पर यम दीप दीपावली के पहले जलाया जाता है। कई लोग धनतेरस के दिन यानी कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यम दीप जलाते हैं। तो वहीं कुछ लोग नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीवाली की शाम में भी यम दीपक जलाते हैं। आपके घर-परिवार में जिस तरह की परंपरा चली आ रही हो, आप उसी का पावन करते हुए हुए यम दीप जला सकते हैं। हालांकि सामान्यत: इसे दिवाली से एक दिन पूर्व जलाया जाता है।
यम दीप जलाने की दिशा, नियम और महत्व

- यम दीप हमेशा दक्षिण दिशा में ही जलाना चाहिए। क्योंकि पुराने में इसे यमराज की दिशा बताया गया है। इस दिशा में दीप जलाने से यमराज और पितृ प्रसन्न होते हैं।
- यम दीप को घर के सभी सदस्यों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में माना जाता है। इसे जलाने से परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है।
- इस बात का भी ध्यान रखे कि, यम दीप में हमेशा चार मुखी वाला दिया ही इस्तेमाल करें और इसे सरसों के तेल से जलाएं।
- यम दीपक हमेशा घर के बाहर जलाया जाता है, घर के भीतर नहीं। घर के सभी लोगों का जब रात्रि भोजन समाप्त हो जाए तो कोई एक सदस्य यम का दीप जलाकर इसे पूरे घर पर घुमाए और फिर घर से बाहर किसी दक्षिण दिशा में रख दें।
- यम दीप को लेकर ऐसी भी मान्यता है कि, यम दीप जलाने के बाद इसे पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए और ना ही उस स्थान पर ठहरना चाहिए। इसलिए यम दीपक जलाकर बिना पीछे मुड़े चुपचाप घर आ जाएं।
- इसका भी ध्यान रखें कि, यम दीप के नीचे थोड़ा अनाज जैसे अक्षत आदि जरूर रखें। इस विधि से दीपक जलाने पर घर में अकाल मृत्यु की बाधा टल जाती है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। अगर आप इस सरल परंपरा और नियम से यम दीप जलाएंगे को घर में धन, वैभव, खुशहाली और समृद्धि का आगमन होगा।
