व्रत यानि उपवास भारतीय दर्शन का अभिन्न अंग माना जाता है| भारत मे प्रायः हर जाति के लोग कोई ना कोई व्रत रखते ही हैं|

सोमवार के व्रत, नवरात्रि व्रत, कार्तिक व्रत, सत्यनारायण व्रत, एकादशी व्रत, अमावस्या व्रत, हर तालिका व्रत, तीज व्रत, पूर्णमासी व्रत, इसके साथ वारों के हिसाब से जैसे सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार के व्रत भी लोग रखते हैं, अपनी ग्रह शांति के लिये साथ ही करवाचौथ और वट सावित्री व्रत तो भारत की हर हिन्दू नारी अपने पति की लम्बी आयु के लिए रखती ही है| हिन्दू धर्म के अलावा मुस्लिम धर्म, जैन धर्म, बौध धर्म में व्रत रखने की पुरानी परम्परा है जो आज तक जारी है| हर धर्म में व्रत से जुड़े नियम, मान्यताये, रिवाज अलग होते हैं| जिनका पालन करते हुए ही लोग व्रत रखते है| तब ही वो अच्छा फल भी देते है अन्यथा वो सफल नहीं होते| व्रत रखने के पीछे लोगों के सपने जुड़े होते हैं क्योकि कोई भी इंसान अपनी कोई ना कोई मुराद को पूरा करने के लिए भगवानो से जुड़े व्रत रखता है| परन्तु बात तब बिगड़ जाती है जब की पूरे नियमों का पालन करते हुए व्रत का फल हमको मिल नहीं पाता उस वक्त मन की आस तो टूटती ही है साथ ही व्रत और पूजा पाठ से भी इंसान का विश्वास उठ जाता हैं| कई बार हम सही होते हैं पर कई बार हमसे व्रत करते वक़्त कुछ गलती हो जाती है जो की कई बार अनजाने में होती है और जिसका हमको अंदाजा भी नहीं होता और हम अनजाने में उस गलती को दोहराते रहते हैं और अपने व्रत के फल को प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो ये लेख एक प्रयास है कुछ गलतियों को बताने का जो की शायद आप भी अनजाने में कर देते होगे| जिसके कारण आपको भी आपके व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता होगा| तो फिर देर किस बात की है, पड़ लीजिये इस लेख को और अपने व्रत के तरीके का आकलन भी कर लीजिये और हां अगर ये गलती आप भी कर रहे हैं तो फिर रोक दीजिये उस गलती को लेख को पड़ते ही ताकि आपको मिल पाये फिर आपके व्रत का पूरा पूरा फल और लाभ|

ये हैं वो व्रत करते समय होने वाली गलतिया जो रोक देती है, व्रत के फल को हमसे होने वाली इन गलतीयों के कारण|

  1. व्रत की शुरुआत हिंदू धर्म के अनुसार सुबह 4 बजे से होती है इस लिए आप को जो भी भोजन करना है वो 4 बजे से पहले पहले ही कर ले क्योकि 4 बजे के बाद भी अगर आप खाते रहेगे तो फिर आपका व्रत खंडित ही माना जायेगा और व्रत लगेगा ही नहीं तो उसका फल मिलना तो दूर आपको व्रत तोड़ने का पाप भी लग जायेगा- इस लिए व्रत करते वक़्त सबसे पहले समय का ख्याल रखे |
  2. व्रत के समापन का भी कुछ नियम होता है कुछ व्रत में चाँद को देखकर तो कुछ में सूरज तो कुछ में तारों को जल अर्पित करके भोग लगाकर ही भोजन करते है लेकिन कई बार हम जल्दी जल्दी में किस व्रत में कब भोजन करना हैं ये भूल जाते है और शाम होते ही बिना चाँद, सूरज, तारों को अपने व्रत अनुसार जल और भोग अर्पित करे ही भोजन कर लेते है जिसके कारण होता है व्रत खंडित और नहीं मिलता कोई भी अच्छा फल और लग जाता है व्रत तोडने का दोष- इस लिए अपना व्रत खोलते समय व्रत खोलने का समय और किसके दर्शन करके व्रत खोलना है इस बात का याद से ख्याल रखे|
  3. व्रत में क्या भोजन करना है ये भी प्रायः आपके व्रत पर ही निर्भर करता हैं क्योकि कुछ व्रत में फलाहार तो कुछ में सादा रोज का खाना भी खा सकते हैं, कुछ में सैदा नमक ही खाते है तो कुछ में मीठा भोजन करते है तो कुछ व्रत में कुट्टू का आटा खाते हैं तो कुछ में  फीका भोजन करते हैं बिना नमक वाला तो कुछ में मेवा तो कुछ में चूरमा ही खाते है, कुछ व्रत में दो बार भोजन कर सकते है तो कुछ में एक बार ही करना होता है कुछ में जल पीते है तो कुछ में जल नहीं पीते कुछ में चावल खाना मना होता है, इसके साथ ही व्रत चाहे कोई भी हो सभी व्रत में मासाहारी और प्याज लहुसन वाला भोजन खाना और शराब और नशीली चीजों का सेवन करना मना ही होता है हिन्दू धर्म में व्रत के भोजन का मतलब होता है शुद्ध शाकाहारी भोजन- इस लिए अपने व्रत के अनुसार ही आप भोजन करे| जैसा व्रत कर रहे हैं आप उसके अनुसार किस तरह का भोजन करना है ये मालूम कर ले और फिर वैसा ही भोजन अगर आप करेगे तो आपको व्रत का पूरा पूरा फल मिलने से कोई नहीं रोक सकता -इस लिए व्रत वाले दिन भोजन करे पर सही विधिनुसार यानि सही भोजन|
  4. व्रत करते समय एक गलती प्रायः सुबह ही हो जाती है अक्सर ही लोगों से वो होती है दातुन कुल्ला यानि पेस्ट करना पहले समय में लोग नीम और बबूल की लकड़ी की दातुन करते थे दातों को साफ़ करने के लिए तो कुछ लोग कोयले का प्रयोग भी करा करते थे दातों की सफाई के लिए तो वो चीजे पूरी तरह से शुद्ध हुआ करती थी उनमे नमक आदि व्रत को तोड़ने वाली खाद्य सामग्री नहीं मिली होती थी परन्तु आज जो पेस्ट हम प्रयोग करते है शोध अनुसार उनमे नमक के साथ फास्फोरस और कैल्शियम डाला जाता है इसके पीछे कंपनी दावा करती है की इनसे दातों को मजबूती मिलती है पर क्या आप जानते भी है की ये फास्फोरस और कैल्शियम आता कहा से हैं तो रिसर्च बताती हैं कि ये हड्डीयों का चूरा होता हैं वो भी जानवरों की हड्डीयों जैसे बकरा, बकरी, सूअर, गाय, भैस आदि को पीसकर इनको पेस्ट में मिलाया जाता है जिससे पेस्ट लचीला होने के साथ साथ मजबूती भी देने वाला हो जाता है यधपि बाकि दिनों मी इनका प्रयोग लाभकारी ही कहा जायेगा परन्तु व्रत के दिन सुबह ऐसे पेस्ट को करने से व्रत आपका टूटेगा ही टूटेगा क्योकि नमक और हड्डीयों का चूरा होने के कारण ये आपके व्रत को शुरुआत से ही तोड़ देगा क्योकी व्रत के दिन इन चीजों का सेवन व्रत के नियमो के खिलाफ ही माना जायेगा अब बात आती है की फिर दातों को कैसे साफ़ करे तो – इसके लिए आप दो काम कर सकते है पहला की आप व्रत का समय शुरू होने से पहले पहले यानी सुबह 4 बजने से पहले ही पेस्ट कर ले और दूसरा ये की आप नीम या बबूल की दातुन से दातों को साफ़ करे अपने व्रत वाले दिन ये दोनों वो तरीके हैं जिनका प्रयोग करने से आपके दातों की सफाई भी हो जाएगी और आपका व्रत भी भंग नहीं होगा अब मर्जी आपकी होगी की आप कोन सा तरीका अपनायेगे |
  5. व्रत वाले दिन अगर आप नहाते नहीं है और अगर नहा भी लिए और फिर गंदे और फटे पुराने वस्त्र पहन लिए तो भी व्रत का फल पूरा पूरा नहीं मिलता इस लिए उस दिन नहाये साफ धुले और बिना फटे कपडे पहने साथ ही नीले, काले, भूरे कपड़ो की जगह लाल, गुलाबी, हरे, पीले कपड़ो का ही प्रयोग करे क्योकि ये शुभ रंग माने जाते है और इंसान को सकरात्मक ऊर्जा भी देते है इस लिए इन रंगों के वस्त्र ही पहने तो ज्यादा सही होगा व्रत वाले दिन|
  6. जिस दिन आपको व्रत करना हैं उस दिन आप थोडी सी पूजा पाठ जरुर करे ये पूजा आप अपने व्रत के अनुसार व्रत के देवी देवता की करे तो ज्यादा अच्छा होगा अन्यथा आप अपने मन को शांति देने वाले मंत्र और पाठ, जाप भी कर सकते हैं| ऐसी धार्मिक चीजे व्रत वाले दिन करने से व्रत का फल ज्यादा मात्रा में मिलता है| इस लिए व्रत वाले दिन पूजा पाठ पूरे मनोयोग से और जरुर ही करे साथ ही जो भी पूजा पाठ करे वो गुप्त रूप से ही करे जिसका पता बस आपके घर के लोगो को ही हो तो अच्छा होगा बाहर के लोगों को अगर बतायेगे तो उसका ज्यादा लाभ नहीं मिल सकेगा| क्योकि इस से नजर और टोक लगने का डर भी रहता है परन्तु हम इस बात को समजना ही नहीं चाहते हैं और खुद को ही टोक लगा बैठते है जिसका दुष्परिणाम ये होता है की कई बार तो पूजा पाठ और व्रत से इंसान का मन पूरी तरह से हट जाता है उसको चिड सी हो जाती है धार्मिक चीजों से| इस लिए पूजा पाठ को दिखाकर नहीं बल्कि दिल से करे तो अच्छा होगा और इसका आपको तत्काल ही फल भी मिलेगा क्योकि भगवान दिखावे में यकीन नहीं करता हैं|
  7. जिस दिन आपका व्रत हो उस दिन ये कोशिश आप करे की आप झूठ न बोले, गाली गलोज ना करे, किसी के साथ मार पीट भी ना करे आपकी तरफ से कोई भी गलत काम भूलकर भी ना हो तो बहुत अच्छा होगा साथ ही व्रत वाले दिन पूरी तरह भारम्चार्ये का पालन  करे |

तो ये सब वो बातें और नियम है जिनका पालन करना बहुत जरुरी होता है किसी भी व्रतधारी इंसान के लिए वैसे तो ये वो सामान्य सी बातें हैं जो हर इंसान को माननी ही चहिये चाहे वो किसी भी धर्म का हो क्योंकि ये वो बातें है जो किसी के पूजा पाठ और व्रत को और भी अधिक ऊर्जावान बना देती है तो इन बातों को व्रत करते समय जरुर माने और जल्दी ही अपने व्रत का पूरा पूरा फल पाए ताकि जिस भी उम्मीद, कामना और सपने को पूरा करने के लिए आप व्रत कर रही या कर रहे है तो वो आसानी से पूरा होकर आपके मनोबल और भी मजबूती दे जिससे आप धर्म की साथ न केवल जुड़े रहे साथ ही आप एक अच्छे इंसान बनकर दूसरे लोगों का भी मार्गदर्शन कर सके| तो ये थी वो बातें जो व्रत का फल न मिलने का कारण बन जाती है तो अगर आप भी कोई ऐसी गलती कर रहे हो तो उनको इस लेख को पढकर सदा के लिए रोक दे और साथ ही आपका कोई अपना भिब ये गलती कर रहा हो तो उसको भी इन बातों को बताये और ऐसी गलती करने से रोके ताकि वो भी पा सके अपने व्रत का पूरा पूरा फल| ये लेख एक छोटा सा प्रयास है व्रत से जुड़ीं उन गलतियों को आपको बताने का जिसके करने से आप अपने व्रत को करने की बाद भी उसका फल नहीं ले पाते है इस लिए इन गलतीयों को न करे और व्रत का लाभ पाए| क्योकी व्रत में वो ताकत होती है जिसके करने से इंसान में इतनी अधिक ऊर्जा और सकरात्मक सोच उत्पन होती है जो की किसी भी इंसान को बहुत कुछ करने में सक्षम कर देती है इस लिए हर धर्म में व्रत को उच्च स्थान दिया गया है ये स्थान कल भी उच्च था आज भी उच्च है और कल भी उच्च ही रहेगा| 

 

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