Hair Astrology

Hair Astrology: हिंदू धर्म शास्त्रों में शुभ कार्यों और पूजा पाठ से जुड़े अनेकों नियमों का वर्णन मिलता है। विशेषकर महिलाओं के मंदिर में जाने को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। महिलाएं घर की लक्ष्मी होती हैं। ऐसे में महिलाओं द्वारा नियमों की अनदेखी करने से पूरे परिवार पर संकट आ सकता है। महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने के नियमों में से एक नियम है बाल बांधकर मंदिर में पूजा अर्चना करना। शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी मंदिर में या किसी पूजा हवन के काम में महिलाओं को अपने बालों को बांधकर और सिर को ढ़ककर जाना चाहिए। धर्म की दृष्टि से महिलाओं के बंधे हुए बाल उनके सौभाग्य और सम्मान का संकेत होते हैं। आज इस लेख से हम जानेंगे कि महिलाओं के खुले बाल मंदिर में प्रवेश करने की मनाही क्यों है।

मंदिरों में बाल बांधकर जाने के धार्मिक कारण

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पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि रामचरितमानस ग्रंथ में तुलसी ने “अबला कच भूषण भुरि छुधा, धनहीन दुःखी ममता बहुधा” श्लोक के द्वारा यह बताया कि कलियुग में महिलाओं के बाल ही महिलाओं के सच्चे आभूषण होंगे। शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं द्वारा अपने बालों को बांधना और अपने सिर को ढ़ककर रखना सामने वाले के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक होता है। इसलिए मंदिर में प्रवेश करते समय महिलाओं को अपने बालों को बांधकर सिर ढ़कना चाहिए, क्योंकि मंदिर में भगवान के सामने हम प्रणाम करते हैं और श्रद्धा से अपना सिर झुकाते हैं। इसी कारण महिलाओं को मंदिर में खुले बालों के साथ प्रवेश करने की मनाही है। शास्त्रों के अनुसार, मंदिर में प्रवेश करते समय हमारे मन का शांत होना बहुत आवश्यक है। शांत और सच्चे मन से की गई पूजा का सही फल प्राप्त होता है और घर में सौभाग्य आता है।

बालों को खुला छोड़ने से बाल इधर उधर उड़ते है और महिलाओं के चेहरे पर आ जाते हैं जिसके कारण महिलाओं का ध्यान बार बार अपने बालों पर जाता है। इस कारण उनका मन शांत नहीं हो पाता और उनके द्वारा की गई प्रार्थना सफल नहीं होती है। धर्म ग्रंथों में यह बताया गया है कि खुले बालों को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। रामायण काल में राजा दशरथ द्वारा श्री राम को राजा बनाने की घोषणा पर रानी केकैयी अपने बालों को खुला करके बैठ गई जिसके कारण अयोध्या का अमंगल हुआ। इसी कारण बालों को खुला छोड़ने के लिए मना किया जाता है, ताकि महिलाओं के मन के क्रोध और जलन की भावना न आएं।

खुले बाल न रखने के वैज्ञानिक कारण

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विज्ञान के अनुसार, बालों को बांधकर रखने से महिलाओं का मस्तिष्क शांत रहता है और मस्तिष्क की कार्य प्रणाली सही से काम करती है। बालों को बांधने से सिर पर हल्का दबाव पड़ता है जिसके कारण महिलाओं के शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से होता है। साथ ही बालों को बांधकर रखने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। जिसके कारण महिलाओं का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

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