Overview: पूरे दिन का वो समय, जब जुबान पर आती है मां सरस्वती
कहा जाता है कि, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ समय पर मां सरस्वती जुबान पर विराजती हैं और इस समय कही बात सच हो सकती है।
Saraswati on Tongue Time: कई बार हमारे द्वारा कही गई बात अचानक से सच हो जाती है। ऐसा लगता है कि हमने जो बात कह दी वह सच हो गई। कई बार किसी की कही बात अगर सच हो जाए तो कहा जाता है कि उसकी काली जुबान है, जिससे कि उसकी अधिकतर बातें सच हो जाती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि बातों के सच होने का संबंध देवी मां सरस्वती से भी है।
जी हां आपने देखा होगा कि कई बार आप जो कहते हैं या सोचते हैं, वह बात सच हो जाती है। इसका कारण यह है कि पूरे दिन में एक ऐसा समय आता है जब जुबान पर देवी सरस्वती का वास होता है। मान्यता है कि इस समय कही गई या सोची गई बातें सच हो जाती हैं। क्योंकि इस समय हर व्यक्ति की जुबान पर मां सरस्वती विराजमान होती हैं। इसलिए इस समय खासकर नकारात्मक विचार या नकारात्मक बातें अपने जहन और जुबान पर ना लाएं। आइए जानते हैं वो कौन सा समय है जब जुबान पर विराजती हैं देवी सरस्वती।
इस पर जुबान पर होता है देवी सरस्वती का वास

शास्त्रों में पूरे दिन के पहर को शुभ-अशुभ मुहूर्त में बांटा गया है, जिसमें ब्रह्म मुहूर्त को सबसे शुभ माना जाता है। यह सूर्योदय से पहले का समय होता है। मान्यता है कि इस समय दैवीय कृपा बरसती है। ब्रह्म मुहूर्त में प्रातःकाल 03 बजकर 10 से 03 बजकर 40 मिनट के बीच में देवी सरस्वती हर किसी के जीभ पर विराजमान होती हैं। कहा जाता है कि इस शुभ समय पर जुबान से निकली या सोची गई बातें सच हो जाती है।
इस शुभ समय में क्या मांगना चाहिए

जब देवी सरस्वती जुबान पर होती हैं तो सारी कामना पूरी कर देती है। लेकिन इसके लिए यह भी जानना जरूरी है कि इस समय आपको देवी सरस्वती से क्या मांगना चाहिए। सबसे पहले तो कुछ भी मांगने से पहले हमें देवी-दवताओं का धन्यवाद करना चाहिए। इसके बाद आप ब्रह्म मुहूर्त में ईश्वर से कामना करें कि आपके जीवन में चल रही समस्याओं का निवारण हो जाए। इस बात का ध्यान रखें कि ईश्वर सदैव आपकी रक्षा करते हैं और आपको वही देते हैं जोकि आपके लिए बेहतर होता है। इसलिए ईश्वर पर अपनी आस्था और श्रद्धा बनाए रखें।
ब्रह्म मुहूर्त में करें ये काम

शास्त्र और विज्ञान में ब्रह्म मुहूर्त को पूरे दिन में सबसे अच्छा समय माना जाता है। क्योंकि यह रात्रि का अंधकार छटने और सूर्य उदित होने का समय होता है। ब्रह्म मुहूर्त में किए कुछ कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और मानसिक तनाव में कमी आती हैं। इसलिए जान लीजिए इस शुभ मुहूर्त में कौन से काम करने चाहिए।
- ब्रह्म मुहूर्त में मेडिटेशन करना स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा माना जाता है।
- इस समय अपना ध्यान पूजा-पाठ और सकारात्मक विचारों पर केंद्रित करें।
- छात्रों के लिए भी यह मुहूर्त शुभ होता है। मान्यता है कि इस समय पढ़ाई करने से चीजें लंबे समय तक याद रहती है।
- जप, मंत्रोच्चारण, स्तोत्र पाठ, गीता या अन्य शास्त्रों के अध्ययन के लिए भी ब्रह्म मुहूर्त को अच्छा माना जाता है।
