Overview: दान करते हैं तो पहले जान लें ये नियम
दान करना अच्छे कर्मों मे एक है। इसका पुण्य फल मरने के बाद भी मिलता है। लेकिन दान करने से पहले इससे जुड़े नियमों को भलि-भांति जान लें।
Importance of Donation: सनातन हिंदू संस्कृति में दान का विशेष महत्व है और इसे सबसे अच्छे कर्मों में एक माना जाता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी क्षमतानुसार कुछ न कुछ चीजों का दान जरूर करना चाहिए। शास्त्रों में भी कहा गया है कि, दान से अधिक पुण्य कुछ भी नहीं है। हिंदू धर्म के साथ ही जैन, बौद्ध, मुस्लिम और अन्य संस्कृतियों में दान को पुण्य कर्म से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि दान करने से आध्यात्मिक, मानसिक और भौतिक रूप से कई लाभ मिलते हैं। वहीं ज्योतिष के अनुसार दान करने से कुंडली में मौजूद ग्रह-दोष दूर होते हैं। दान करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य, धन, और भाग्य में भी वृद्धि होती है।
मरणोपरांत भी प्राप्त होता है दान का पुण्यफल

क्या आप जानते हैं कि आपके द्वारा दिए गए दान का पुण्यफल आपको मरणोपरांत भी प्राप्त होता है। जी हां, शास्त्रों और पुराणों में दान के महत्व के बारे में बताते हुए उल्लेख किया गया है कि, व्यक्ति अपने जीवन में जो भी दान करना है, उसे उसका पुण्य फल मरने के बाद भी प्राप्त होता है। क्योंकि प्राण त्यागने के बाद सारी चीजें यहीं छूट जाएंगी। अगर आपके साथ कुछ जाएगा तो वह है आपके कर्म। इसलिए हमेशा अच्छा कर्म करें। लेकिन शास्त्रों में दान से जुड़े कुछ नियम भी बताए गए हैं। अगर आप गलत दिन में गलत चीजों का दान कर देंगे, तो इससे शुभ फल की प्राप्ति नहीं होगी। साथ ही गलत दिनों में गलत चीजों का दान करने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह जान लीजिए कि किस दिन किन चीजों का दान करना चाहिए।
सप्ताह के दिन और ग्रह के अनुसार दान

- रविवार (सूर्य): रविवार का दिन सूर्य ग्रह से संबंधित होता है। इस दिन लाल फूल, गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, माणिक्य रत्न आदि का दान कर सकते हैं। इन चीजों का दान करने से यश, सम्मान और कीर्ति की प्राप्ति होती है।
- सोमवार (चंद्रमा): सोमवार का दिन चंद्र ग्रह से संबंधित है। इसलिए इस दिन आपको सफेद रंग की चीजें जैसे चावल, सफेद वस्त्र, सफेद फूल, शक्कर, नारियल आदि का दान करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है, कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है।
- मंगलवार (मंगल): मंगलवार का दिन मंगल ग्रह से संबंधित होने के कारण इस दिन लाल चंदन, लाल वस्त्र, मसूर दाल, तांबे का पात्र आदि का दान करने का महत्व है। इन चीजों के दान से साहस और शक्ति में वृद्धि होती है।
- बुधवार (बुध): बुधवार के दिन हरे रंग की चीजें जैसे हरे मूंग की दाल, हरी सब्जियां, हरे वस्त्र, कांसे के बर्तन आदि का दान करने से बुद्धि और व्यवसाय में सफलता मिलती है।
- गुरुवार (बृहस्पति): इस दिन पीली रंग की वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है। आप गुरुवार को पीली दाल, पीले वस्त्र, हल्दी, सोना आदि का दान कर सकते हैं। इसे ज्ञान, धन, वैभव और समृद्धि में वृद्धि होगी।
- शुक्रवार (शुक्र): शुक्रवार के दिन खीर, सफेद वस्त्र, चंदन, इत्र, केसर आदि का दान करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-संपदा की वृद्धि होती है।
- शनिवार (शनि): शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है। इसलिए इस दिन काले रंग की चीजों का दान शुभ माना जाता है। शनिवार को आप काला तिल, सरसों तेल, लोहे के बर्तन, काले वस्त्र, काली उड़द की दाल का दान कर सकते हैं। इन चीजों के दान से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।
दान देते समय इन बातों का रखें ध्यान

- कभी भी सूर्यास्त के बाद दान नहीं करना चाहिए। हमेशा सूर्योदय के समय ही स्नानादि करने के बाद ही दान करें।
- दान हमेशा शुद्ध मन से करना चाहिए। निष्काम भाव और निस्वार्थ भाव से किए गए दान से ही पुण्यफल की प्राप्ति होती है।
- दान हमेशा जरूरतमंद को ही करें, जिन्हें वास्तव में दान की आवश्यकता हो, केवल उसे ही दान करें। अघाए हुए को कभी भी दान नहीं करना चाहिए। इससे दान का लाभ नहीं मिलता।
