Fresh vegetables harvested from healthy home kitchen garden
February gardening tips prepare plants for strong spring

Summary: फ़रवरी में किए गए काम को लेकर सुझाव

अगर आप चाहते हैं कि आने वाले महीनों में आपका गार्डन हरा-भरा, रंगीन और जीवन से भरा दिखे, तो फरवरी में की गई थोड़ी-सी मेहनत बड़ा फर्क ला सकती है।

February Gardening Tips: फरवरी का महीना बागवानी के लिहाज़ से बेहद खास होता है। ठंड धीरे-धीरे विदा लेने लगती है और गर्मी अभी पूरी तरह दस्तक नहीं देती। यह वही समय है जब पौधे नई ऊर्जा के साथ बढ़ने को तैयार रहते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आने वाले महीनों में आपका गार्डन हरा-भरा, रंगीन और जीवन से भरा दिखे, तो फरवरी में की गई थोड़ी-सी मेहनत बड़ा फर्क ला सकती है। सही समय पर सही काम कर लिया जाए, तो बगीचे की सूरत पूरी तरह बदल सकती है।

Remove dry plants and leaves to prevent disease
Remove dry plants and leaves to prevent disease

फरवरी में सबसे पहला काम है बगीचे की अच्छे से सफ़ाई। सर्दियों में कई पौधों की पत्तियाँ सूख जाती हैं और ज़मीन पर गिरकर सड़ने लगती हैं। इन्हें हटाना ज़रूरी है, क्योंकि यही गंदगी कीड़े और फंगल बीमारी को न्योता देती है। सूखी टहनियों और मुरझाए पौधों को काटकर अलग करें। इससे न सिर्फ़ गार्डन साफ़ दिखेगा, बल्कि पौधों को नई शाखाएँ निकालने की जगह भी मिलेगी।

सर्दियों के बाद मिट्टी अक्सर अपनी ताक़त खो देती है। फरवरी में मिट्टी को फिर से ज़िंदा करना बहुत ज़रूरी होता है। गमलों और क्यारियों की मिट्टी को हल्का सा खोदें और उसमें गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट या घर की जैविक खाद मिलाएं। इससे मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होगा और जड़ें मज़बूत होंगी। अच्छी मिट्टी ही सुंदर गार्डन की नींव होती है, इसलिए मिट्टी का विशेष ख़्याल रखें।

Plant new saplings during ideal seasonal conditions now
Plant new saplings during ideal seasonal conditions now

फरवरी का महीना नए पौधे लगाने के लिए आदर्श माना जाता है। इस समय आप फूलों के पौधे जैसे- गुलदाउदी, ज़िनिया, कोसमॉस, बालसम और सूरजमुखी लगा सकते हैं। साथ ही तुलसी, पुदीना, धनिया जैसी हरी पत्तेदार जड़ी-बूटियाँ भी आसानी से उगाई जा सकती हैं। मौसम अनुकूल होने के कारण पौधे जल्दी जम जाते हैं और उनकी ग्रोथ तेज़ होती है। इसलिए, आप यह तय कर लाइन कि इस बार कौन कौन से नए पौधे लगाने हैं।

फरवरी में तापमान बढ़ने लगता है, इसलिए पानी देने का तरीका भी बदलना ज़रूरी होता है। ठंड में जहाँ कम पानी काफ़ी होता था, वहीं अब मिट्टी की नमी पर नज़र रखना ज़रूरी है। कोशिश करें कि सुबह के समय ही पानी दें। इससे पौधों को दिन भर नमी मिलती है और जड़ें सड़ने से बची रहती हैं। ज़्यादा पानी देने से बचें, क्योंकि इससे पौधों की ग्रोथ रुक सकती है।

Control pests and nourish plants for better flowering
Control pests and nourish plants for better flowering

जैसे ही मौसम बदलता है, कीड़े-मकोड़े भी सक्रिय हो जाते हैं। फरवरी में नीम का तेल या जैविक कीटनाशक का हल्का छिड़काव करना फायदेमंद रहता है। साथ ही 10–15 दिन में एक बार तरल खाद देने से पौधों को ज़रूरी पोषण मिलता है। इससे पत्तियाँ चमकदार होती हैं और फूल ज़्यादा समय तक टिकते हैं।

फरवरी का महीना दरअसल आने वाले पूरे बागवानी मौसम की तैयारी का समय होता है। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे काम आपके गार्डन को महीनों तक खूबसूरत बनाए रख सकते हैं। अगर आप अभी मेहनत कर लेते हैं, तो आने वाली वसंत और गर्मियों में आपका बगीचा खुद आपकी देखभाल का फल दिखाएगा।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...