Locker Security: बैंक के लॉकर में सोने के गहनों को रखना उन्हें चोरी होने से बचाने के लिए एक सुरक्षित तरीका माना जाता है। लेकिन कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बैंक लॉकर में रखे गहने या तो नकली गहनों से बदल दिए गए या गहने ही गायब हो गए ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए और कैसे? जानेंगे इस लेख में-
सोना भारत के लगभग सभी वर्गों के लोगों के लिए निवेश का सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। इसलिए घर में चोरी के डर से अक्सर बहुत सी महिलाएं अपने सोने के गहने बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखवाती हैं। लेकिन क्या हो जब आप अपने ये गहने कभी पहनने के लिए निकालें और वे
असली गहने के बजाए नकली हों या फिर हो ही ना? ऐसे में आपके होश फाख्ता होना और ये सवाल दिमाग में आना लाजमी है कि बैंक जैसी जगह पर असली गहनों की जगह नकली गहने आए कैसे? अगर आपने अखबार या टीवी में खबरों पर ध्यान दिया हो तो बीते समय में कई ऐसे मामले सामने
आये हैं जहां बैंक में रखे असली गहने या तो नकली गहनों में बदल गए या फिर गहने
ही गायब हो गए।
देश में हुए अलग-अलग मामले
घटना 1: क्या हो जब बैंक लॉकर में रखा आपका सोना पत्थर में बदल जाए। ये मामला मई 2020 में राजस्थान के जालौर जिले से सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति ने पांच साल पहले बैंक लॉकर में अपना सोना रखा था लेकिन साल 2020 में जब उसने लॉकर खुलवाया तो सोने की जगह पत्थर
मिले। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना 2: हरियाणा के करनाल में बैंक लॉकर में रखे महिला के लगभग 25 से 30 लाख के गहने गायब हो गए। पीड़ित महिला के अनुसार, उनका अकाउंट पहले किसी अन्य में बैंक था, लेकिन बाद में उनका अकाउंट एक नेशनल बैंक में शिफ्ट हो गया। ऐसे में उनका लॉकर ऑटोमेटिक नेशनल बैंक में आ गया। उनके घर में शादी होने के चलते वह अपने गहने लेने आई थीं लेकिन उनके गहने लॉकर से गायब मिले।
ये मामला साल 2025 के फरवरी महीने में खबरों में आया। लॉकर से सोना गायब होने के ये दो मामले ही नहीं हैं, ऐसे कई मामले देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आ चुके हैं। ऐसी घटनाओं के बाद आमजन के दिमाग में ये सवाल आना स्वाभाविक है कि ‘आखिर सोना सुरक्षित कहां है’ क्योंकि उनकी पूंजी घर में ही नहीं बैंक में भी अब सुरक्षित नहीं है।
सवाल ये भी खड़ा होता है कि क्या बैंक लॉकर सुरक्षित हैं? अगर बैंक लॉकर से आपका सोना गायब हो रहा है तो उसका जिम्मेदार कौन है? इन सवालों के जवाब से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि बैंक लॉकर में सामान या सोना रखने के नियम क्या हैं।
बैंक लॉकर से जुड़े नियम

1. आरबीआई के दिशानिर्देश के मुताबिक बैंक और लॉकर दोनों को ही एग्रीमेंट में बताना होगा कि किस तरह का सामान लॉकर में रखा जा सकता है। जैसे कि बैंक लॉकर में गहने, दस्तावेज और कानूनी तौर पर वैध सामान ही रख सकते हैं।
2. प्राकृतिक आपदा जैसे- बाढ़, भूकंप के दौरान लॉकर में रखे सामान के नुकसान की जिम्मेदारी बैंक को नहीं बल्कि ग्राहक को उठानी पड़ती है।
3. ऐसी स्थिति जिसको बैंक रोक सकता है, जैसे-चोरी, डकैती, लूट, आग के मामले में लॉकर में रखे सामान की हानि की जिम्मेदारी बैंक की होती है। लेकिन इस नियम के साथ मुआवजे को लेकर
एक नियम और जुड़ा है जिसमें बैंक की जिम्मेदारी लॉकर के सालाना किराये के 100 गुना तक ही होगी। यानी नुकसान होने पर बैंक सिर्फ आपके लॉकर के सालाना किराये का 100 गुना ही भुगतान करेगा। कई मामलों में लॉकर में रखे सामान जितना भुगतान नहीं होता।
बैंक लॉकर का इंश्योरेंस
अगर आप चाहते हैं कि बैंक लॉकर में रखा आपका सोना किसी भी आकस्मिक नुकसान से बचा रहे तो लॉकर का इंश्योरेंस कराना बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि ये आग लगने, चोरी होने और प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए होता है। ये न सिर्फ सोना बल्कि किसी भी कीमती सामान या दस्तावेजों के लिए भी विकल्प हो सकता है।
बैंक लॉकर का इंश्योरेंस कराने के फायदे

बैंक लॉकर में कुछ भी नहीं रखा जा सकता। भले ही बैंक लॉकर ग्राहक की निजी संपत्ति है लेकिन फिर भी इसको लेकर नियम तय किये गए हैं। जिसके तहत बैंक लॉकर में गहने, प्रॉपर्टी पेपर और निजी दस्तावेज जैसी चीजें रख सकते हैं। वहीं बैंक लॉकर में नकदी, दवाएं, विस्फोटक और हथियार जैसी आपत्तिजनक वस्तुएं नहीं रख सकते। बैंक लॉकर का इंश्योरेंस करने के निन्मलिखित फायदे
1. बैंक लॉकर में रखे सामान के आग लगने, चोरी होने या आपदा में नष्ट होने पर इंश्योरेंस के जरिये उसकी भरपाई की जाती है। ऐसे में आपको वित्तीय नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
2. कम पैसों में बड़ा बीमा कवर मिलता है, जो ग्राहक के लिए लाभदायक होता है।
3. इंश्योरेंस कराने के बाद आप अपने सामान को लेकर निश्चिन्त रहते हैं, जो मानसिक तौर पर आपको शांति देता है।
4. इंश्योरेंस के बाद बैंक लॉकर के बाहर रहते हुए भी अगर आपके सामान का नुकसान होता है तो इंश्योरेंस के द्वारा उसकी भी भरपाई की जाती है।
क्या करें और क्या न करें
1. बैंक लॉकर में रखने वाले सामान की लिस्ट बनाएं
2. हर 6 महीने में लॉकर चेक जरूर करें
3. लॉकर का इंश्योरेंस जरूर कराएं
4.बैंक से लॉकर की रसीद लें
5. प्रतिबंधित वस्तुएं न रखें
6. अपने सामान को लेकर लापरवाह न हों
7. इंश्योरेंस के बिना लॉकर में अपना सामान न रखें
8. बिना रिकॉर्ड के लॉकर न खोलें
बैंक लॉकर में लगने वाला किराया प्रत्येक बैंक के लॉकर का किराया लॉकर के आकार और शहर पर निर्भर करता है। छोटे लॉकर का किराया 1000 रुपये प्रति वर्ष से शुरू होकर बड़े लॉकर के लिए
10,000 रुपये प्रति वर्ष या उससे अधिक हो सकता है।
कुछ बैंक, लॉकर के अलावा अन्य सुविधाओं के लिए भी शुल्क लगाते हैं जैसे- लॉकर के किराये पर लगने वाला जीएसटी और सिक्योरिटी मनी, जो लॉकर सरेंडर करने पर वापस मिल जाती है।
नोट: बैंक लॉकर में गहने या जरूरी सामान रखना गलत नहीं है, लेकिन अपने सामान को लेकर बेफिक्र होना आप पर भारी पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर अपने बैंक लॉकर को जांचे। इसके साथ ही डॉक्यूमेंटेशन और बीमा करवाना आपकी समझदारी और सतर्कता का
प्रमाण है।
“अगर आप चाहते हैं कि बैंक लॉकर में रखा आपका सोना किसी भी आकस्मिक नुकसान से बचा रहे तो लॉकर का इंश्योरेंस कराना बेहतर विकल्प हो सकता है।”
