Online Shopping Fraud: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही सभी ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म ग्राहकों को लुभाने के लिए सेल और डिस्काउंट की बाढ़ लगा देते हैं। किसी साइट पर 50 प्रतिशत तो किसी पर 80 प्रतिशत की छूट दी जाती है। ऐसे में ग्राहकों को ऑफलाइन शॉपिंग की अपेक्षा ऑनलाइन शॉपिंग करना अधिक पसंद आता है। ऑनलाइन शॉपिंग करना वाकई में फायदेमंद होता है जहां अपनी पसंद की और कम कीमत पर कई वैराइटी देखने को मिल जाती हैं। लेकिन कई बार ऑनलाइन शॉपिंग करना जेब पर भारी भी पड़ जाता है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सेल शुरू होते ही स्केमर्स भी एक्टिव हो जाते हैं। जो आपकी एक गलती पर आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं। यदि आप भी फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो फ्रॉड से बचने के लिए शॉपिंग का सही तरीका जान लें वरना आप भी स्केमर्स का शिकार बन सकते हैं।
Also read: बाथरूम को चमकाने के लिए घर पर ही बनाएं ये होममेड क्लीनर: Homemade Bathroom Cleaner
फेक वेबसाइट से बचें

स्केमर्स ऐसी वेबसाइट्स बनाते हैं जो हू-ब-हू ओरिजनल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की कॉपी होती हैं। उसका डिजाइन और अट्रेक्टिव ऑफर को देख कोई भी धोखा खा सकता है। यहां तक कि इसका यूआरएल भी सेम ही लगता है। ऐसी वेबसाइट शॉपिंग के बहाने ग्राहकों से पेमेंट करवा लेती हैं लेकिन सामान डिलीवर नहीं करतीं। इन वेबसाइट्स पर दिए गए कॉन्टेक्ट नंबर भी फेक होते हैं। इसलिए हमेशा सीओडी का ऑप्शन चुनें ताकि धोखे से बचा जा सके।
सोशल मीडिया स्कैम
वर्तमान में हर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव होता है। बस इसी का फायदा उठाते हुए स्केमर्स नकली प्रोडक्ट का विज्ञापन करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। इस विज्ञापन में नकली फोटो और रिव्यू होते हैं जिसे देख ग्राहक भी प्रोडक्ट ऑर्डर कर देते हैं। इसके माध्यम से स्केमर्स आसानी से ग्राहकों को चूना लगा देते हैं। इसलिए हमेशा ओरिजनल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही सामान ऑर्डर करें। विज्ञापनों से प्रभावित न हों।
अनरियलस्टिक प्राइस

ग्राहकों को लुभाने और उल्लू बनाने के लिए फेक वेबसाइट्स पर ऐसे प्राइस रखे जाते हैं जिससे ग्राहक बिना सोचे समझे प्रोडक्ट ऑर्डर कर देते हैं। यदि आप कंपनी की वेबसाइट पर जाकर देखेंगे तो आपको प्रोडक्ट की वास्तविक प्राइस और ऑफर्स का पता लग सकता है। कम पैसों और लुभावने ऑफर हमेशा सच नहीं होते। इससे आप स्केमर्स के शिकंजे में फंस सकते हैं। किसी भी महंगे प्रोडक्ट को खरीदने से पहले विभिन्न साइट्स पर प्राइज और ऑफर मैच कर लें। इससे आपको रियल और फेक का अंदाजा हो जाएगा।
Also Read: त्योहारों के सीजन में ऐसे रखें बच्चों की पढ़ाई का ध्यान: Children’s Studies During Festivals
पेमेंट मोड का सही चुनाव
स्केमर्स ग्राहकों को फंसाने के लिए ऐसे पेमेंट मोड का इस्तेमाल करते हैं जिससे वह आसानी से पकड़े नहीं जाते। वह वायर ट्रांसफर, गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पेमेंट करवा सकते हैं। इसलिए यदि आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो केवल सिक्योर पेमेंट ऑप्शन जैसे क्रेडिट कार्ड, पेपाल और पेटीएम जैसे ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। इसमें स्केमर का नंबर और एड्रेस आसानी से पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा यदि आप कोई महंगा प्रोडक्ट ऑर्डर कर रहे हैं तो सीओडी ऑप्शन का चुनाव करें। स्केमर को किसी भी तरह के ओटीपी, पिन और अकाउंट नंबर देने से बचें। साथ ही धोखाधड़ी से बचने के लिए अपना आधार नंबर भी किसी से शेयर न करें।
