दुनियाभर में ईसाई समुदाय के लोग गुड फ़्राइडे मनाते हैं। इसे ब्लैक फ्राइडे, होली फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है।लेकिन आख़िर क्या होता है गुड फ़्राइडे, इसका क्या महत्व है, इसे कैसे मनाया जाता है और यह त्योहार हमे क्या सन्देश देता है? इस बात से ज्यादातर लोग अंजान हैं। ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक गुड फ़्राइडे है। मान्यता है कि ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा मसीह को इसी दिन सूली पर चढ़ाया गया था इसीलिए इस दिन ईसा मसीह को उनके आत्म-बलिदान, मानवता और निःस्वार्थ प्रेम भाव के लिए याद किया जाता है। 
 
इतिहास बताता है उस दिन की कहानी 
 
यीशु घूम-घूमकर लोगों को शांति और मानवता का पाठ पढ़ाते थे। ईसा मसीह अन्याय तथा अज्ञानता का अंधकार लोगों के मन से दूर करने के लिए उन्हें शिक्षा देते थे। धर्म के नाम पर अंधविश्वास फैलाने वाले लोगों को वो मानव जाति के लिए सबसे बड़ा शत्रु मानते थे। लोग उनके संदेशों से खूब प्रभावित होने लगे और उनके संदेशों की लोकप्रियता से परेशान होकर धर्मपंडितों ने उन पर धर्म की अवमानना का आरोप लगाया। 
उस समय यहूदियों के कट्टरपन्थी धर्मगुरुओं ने ईसा का भारी विरोध किया। उन्हें ईसा के उपदेश बकवास लगते थे और उनमे उन्हें मसीहा जैसा कुछ विशेष नहीं लगता था। इसलिए उन्होंने उस समय के रोमन गवर्नर पिलातुस से इस बात की शिकायत कर उन्हें मृत्युदण्ड देने के लिए कहा। ईसा मसीह ने यह निर्णय हंसी खुशी स्वीकार करते हुए अपने प्राण त्याग दिए।
 
अंतिम शब्दों में भी दिखी मानवता
 
जब ईसा मसीह अपने प्राण त्याग रहे थे तो उनके हृदयग्राही शब्द थे- ‘हे ईश्वर इन्हें क्षमा करें, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं’। हे पिता! मैं अपनी आत्मा को तेरे हाथों में सौंपता हूं.’ ऐसा कहते ही उन्होंने प्राण त्याग दिए।
 
कुछ यू मनाते है इस दिन को 
 
इस दिन को लोग प्रायश्चित और प्रार्थना दिवस के रूप में मनाते हैं। अतः इस दिन गिरजाघरों में घंटियां नहीं बजाई जाती हैं। प्रभु यीशु को याद करते हुए उनके उपदेशों को लोगों में सुनाया जाता है और लोग इस दिन सत्य, विश्वास और प्रेम की राह पर चलने का प्रण लेते हैं। यह दिन प्रभु ईसा की शिक्षाओं और उपदेशों को न केवल याद करने का है, बल्कि उन्हें जीवन में अमल करने के लिए भी प्रेरित करता है। कोई केवल फ्राइडे का ही व्रत रखकर प्रार्थना करता है। वही कुछ लोग काले कपड़े पहनकर इस दिन शोक व्यक्त करते हैं। 
 
जानिए कैसे कनेक्टेड है गुड फ्राइडे और ईस्टर 
 
ईसाई धर्म के अनुयायियों का विश्वास है कि ईसा मसीह को सूली पर लटकाने के दो दिन के बाद ही वो पुनः जीवित हो गए थे। इसी वजह से उनके दोबारा जीवित होने की इस घटना को क्रिश्चियनस ईस्टर दिवस के रूप में मनाते हैं। ईस्टर हर्षोल्लास का दिन होता है, इस दिन चर्च में सभी धार्मिक परंपराएं पूरी होने के बाद लोग मोमबत्तियां जलाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। यही कारण है कि ईस्टर पर लोग एक-दूसरे को मोमबत्तियां भी भेट करते हैं।