हार्मोन के असंतुलन से लगभग हर महिला जूझती है। हमारे हार्मोन्स अगर संतुलित न हों तो इसका हमें अहसास होने लगता है। इस बारे में  जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट की डिप्टी चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विनोदा कुमारी कहती हैं कि गर्भावस्था, पीरियड और मेनोपॉज के दौरान हार्मोन का यह संतुलन ज्यादा बिगड़ता है। लेकिन अब तो व्यस्त दिनचर्या और तनावभरी जीवनशैली के चलते यह समस्या कम उम्र में ही महिलाओं में खूब देखी जाती है। हार्मोन के इस असंतुलन को सामान्य करना कोई मुश्किल बात नहीं है। आप कुछ प्राकृतिक तरीकों द्वारा अपने हार्मोन्स को संतुलित रख सकती हैं। 

अलसी के बीज खाएं

अलसी के बीज फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड पर्याप्त मात्रा में होता है। ये ब्लड शुगर और दिल के स्वास्थ्य को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं। अनुसंधानों से साफ हो गया है कि वे महिलाएं जो अपने आहार में अलसी के बीज का सेवन करती हैं, उनके प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन स्तर में सुधार आता है, जो महिलाओं में हार्मोन का संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

तनाव से दूर रहें

अक्सर हम तनाव में अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं। तनाव से शरीर में कॉर्टिसोल ज़्यादा बनता है, जिससे थकान होती है। ऐसा होने पर शरीर की बीमारियों की लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और आपका हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ने लगता है। तनाव को दूर करने के लिए शॉवर लें, सैर करें या योगा करें।

धूम्रपान छोड़ दें

तंबाकू का कई हार्मोन्स पर बुरा असर पड़ता है। युनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के शोधकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि तंबाकू के सेवन से थायराइड का स्तर बिगड़ जाता है। यह पिट्युटरी हॉर्मोन को स्टिमुलेट करता है और कोर्टिसोल को बढ़ाता है।

डेयरी उत्पादों का सेवन सोच समझकर करें

डेयरी उत्पाद पोषकों का अच्छा स्रोत हैं लेकिन अगर आप सेक्स हार्मोन  को लेकर चिंतित हैं तो आपको डेयरी उत्पादों खासतौर पर योगर्ट और क्रीम के सेवन से पहले सोचना चाहिए। एक अध्ययन से पता चला है कि डेयरी उत्पादों के सेवन से कुछ विशेष हार्मोन का स्तर कम हो जाता है।

हर्ब्स का सेवन करें

विटामिन-सी और  बी-5, इल्युथेरो और रोडिओला ऐसे हर्ब्स हैं, जो एनर्जी देते हैं। ये न्यूरोट्रांसमिटर्स को सपोर्ट करते हैं और तनाव दूर करने वाले हार्मोन को बढ़ाते हैं। ये शरीर में हार्मोन्स का प्राकृतिक संतुलन बनाने में मदद करते हैं। मैका एक शक्तिशाली बूटी है, जो मेनोपॉज़ के लक्षणों से राहत देती है। जैसे-रात में पसीना आना, अचानक गर्मी लगना। यह सेहतमंद लिपिडो को बढ़ाने में मदद करती है। मैका पाउडर को अपनी ग्रीन टी में मिलाएं और हार्मोन्स को प्राकृतिक रूप से संतुलित बनाएं।

योगासन व व्यायाम करें

नियमित रूप से योगा और व्यायाम के फायदों को नकारा नहीं जा सकता। इससे शरीर में बेहतर सर्कुलेशन बनता है, एंडोॢफन रिलीज़ होते हैं, शरीर का वजन सामान्य बना रहता है और दिल का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। व्यायाम एक व्यक्ति के लिए प्राकृतिक दवा है। इससे शरीर में कोर्टिसोल की मात्रा कम होती है और तनाव दूर करने में मदद मिलती है।

पूरी नींद लें

जब हम सो रहे होते हैं तो दिमाग शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। इसलिए रोज़ाना कम-से-कम आठ घंटे की नींद जरूर लें। इससे शरीर में कोर्टिसोल, मेलाटोनिन, सोमाट्रोपिन हॉर्मोन संतुलित रहते हैं। हमेशा अंधेरे कमरे में सोएं, जहां फोन, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन की नीली रोशनी न हो।

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