Dream Destination in India: ज़िंदगी की भागदौड़ में हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि असली ज़िंदगी ऑफिस की डेस्क या शहर के ट्रैफिक में नहीं बल्कि उन रास्तों में छिपी होती है जो हमें खुद से मिलवाते हैं। 35 की उम्र तक पहुँचते-पहुँचते ज़िम्मेदारियाँ, करियर और परिवार हमारी प्राथमिकताएं बन जाते हैं और ट्रैवल की ख्वाहिशें धीरे-धीरे धुंधलाने लगती हैं। इसलिए, 35 साल की उम्र पूरी होने से पहले आपको कुछ ऐसी जगहों की यात्रा ज़रूर कर लेनी चाहिए जो न सिर्फ आपकी आत्मा को सुकून दें बल्कि ज़िंदगी भर याद रहने वाला अनुभव बन जाएं। भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में ऐसी 5 शानदार जगहें हैं जो हर युवा ट्रैवलर की लिस्ट में होनी ही चाहिए।
स्पीति घाटी – धरती का चंद्रलोक
स्पीति एक ऐसी जगह है जो आपको धरती से परे का एहसास देती है। स्पीति के बंजर पहाड़, नदियाँ, प्राचीन बौद्ध मठ और तिब्बती संस्कृति एक आध्यात्मिक अनुभव के साथ रोमांच भी देते हैं। काजा की मोनेस्ट्री और चंद्रताल झील जैसे स्थान आपके रोंगटे खड़े कर सकते हैं। 35 से पहले यहाँ की कठिन राहों को तय करना न केवल साहसिक होता है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
वाराणसी – आत्मा से जुड़ने का स्थान

युवा उम्र में जब सवाल होते हैं कि मैं कौन हूँ? ज़िंदगी क्या है? तब बनारस जैसी जगहें जवाब देती हैं। यहाँ की गंगा आरती, घाटों का जीवन और मृत्युलोक में जीवन की तलाश हर किसी को भीतर तक झकझोर देती है। आध्यात्म और जीवन-दर्शन से जुड़ने के लिए बनारस की यात्रा ज़रूरी है और इसे युवा उम्र में ही देखना चाहिए। इस जगह पर आकर हम जीवन के साथ साथ मृत्यु को भी बहुत ही गहराई से समझ पाते हैं।
मेघालय – पूर्वोत्तर का चमत्कार

बादलों का घर कहलाने वाला मेघालय हर नेचर लवर के लिए स्वर्ग है। यहाँ के जीवित जड़ पुल, क्लीनिस्ट विलेज मावलिननॉन्ग, उम्गोट जैसी क्रिस्टल क्लियर नदी और चेरापूंजी के झरने आपको प्रकृति से गहरा जुड़ाव देंगे। मेघालय का अनुभव आपको ये सिखाएगा कि साधारण ज़िंदगी में भी कितना सौंदर्य छिपा होता है। इस जगह पर आप मौसम का भी भरपूर मज़ा ले पाएँगे।
हम्पी – इतिहास के खंडहरों में जीवन

अगर आपने कभी सोचा है कि कला और इतिहास क्या होते हैं? तो हम्पी आपको उसका सजीव प्रमाण देगा। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट हम्पी अपने भव्य मंदिरों, टूटे हुए स्तंभों और पत्थरों में छिपी कहानियों के साथ एक जीवंत इतिहास की तरह है। यह अनुभव आपको आपके अतीत से जोड़ता है और सोचने पर मजबूर करता है कि हम कहाँ से आए हैं। यह हमें आध्यात्म की तरफ लेकर जाता है जहां मन का सकून है।
अंडमान-निकोबार द्वीप – समुद्र का सुकून
सुनहरे समुद्र तट, नीला पानी और शांत वातावरण। अंडमान-निकोबार एक बार ज़रूर देखने लायक है। स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और सेलुलर जेल जैसी जगहें आपको रोमांच, इतिहास और शांति का अनोखा मेल देती हैं। 35 से पहले समुद्र के भीतर की दुनिया देखने का अनुभव ज़रूर लेना चाहिए। इस जगह पर आकर ऐसा महसूस होता है कि दुनिया उतनी ही नहीं जितने में हम सिमटे हुए हैं।
