Hindi Short Story: सुबह की पहली किरण जैसे ही आसमान में फैली, आदित्य की मां, सविता, पूजा-पाठ करने लगी। सविता जी की ये आदत बरसों पुरानी थी। आजकल हर दिन वह यही सोचती थी की कभी उनका यही घर हंसी ठहाकों से गूंजता था, पर अब दीवारों पर सन्नाटा चिपका था। आदित्य, जो कभी मां […]
Category: लघु कहानी – Short Stories in Hindi
समय की कमी के कारण आजकल लोग लघु कथा पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। मनोरंजक, प्रेरणादायक और हंसी—मजाक वाली ये कहानियां कम समय में ही पाठक का भरूपूर मनोरंजन कर देती हैं। ये गागर में सागर भरने वाली विधा है। लघु कथा का यह कतई मतलब नहीं है कि ये आपको अधूरी कहानी देगा। कब शब्दों में पूरी कहानी का आनंद उठाना है तो आप गृहलक्ष्मी की इन कहानियों को पढ़ सकते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन कहानियों का आनंद उठा सकते हैं। सरल भाषा में लिखी गई ये कहानियां आपके बच्चों के दिमाग पर सकरात्मक असर डालने के साथ ही आपके बच्चों को जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ना भी सिखाएंगी।
वो मस्त बचपन—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story in Hindi: बचपन की स्मृतियां सदैव मुख पर स्मित लाने का कार्य करती हैं। भले ही बचपन में वह डराने- डाँट खाने वाली घटना रही हो। लेकिन उम्र के इस दौर में बचपन की नादानियां याद करो तो हंसी आती है।अपने बचपन की ऐसी ही एक घटना याद आ रही है । उम्र शायद छ या सात साल रही होगी […]
कभी दादी नहीं बनूंगी-जब मैं छोटा बच्चा था
Hindi Funny Story: बात लगभग 51-52 वर्ष पुरानी है। तब मेरी उम्र 7 या 8 वर्ष रही होगी। खुर्जा उत्तर प्रदेश में बुआ की ननद की शादी में हम लोग सपरिवार गए हुए थे। शादी हवेलीनुमा धर्मशाला में थी,जिसकी तीन मंजिल थी। शादी की सभी रस्में बहुत हर्षौल्लास से हो रही थीं। जूता चुराई के […]
लड्डू का बंटवारा—जब मैं छोटा बच्चा था
Hindi Funny Story: मां जब भी कुछ पकवान बनाती तो पहले भाई को फिर छोटी बहन को और आखिरी में मुझे देती थी। मैं कम मिलने की शिकायत करती तो मां बड़े प्यार से कहतीं तुम बड़ी हो छोटे भाई बहन से ऐसे होड़ नहीं करते। मगर अक्सर ये बात मुझे बहुत बुरी लगती थी। […]
प्यार की डोर – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: नैतिक और मिहिका भाई-बहन थे। घर में सबकुछ होते हुए भी उनके दिलों में एक खालीपन था। उनके माता-पिता, रजत और सीमा, कामकाज और व्यस्त दिनचर्या में इतने उलझे रहते कि बच्चों से बातचीत कम ही हो पाती। अक्सर खाने के वक़्त भी सिर्फ पढ़ाई की बातें होतीं। नतीजा यह हुआ कि […]
साहसी रामलाल-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Short Story: धुंधली सी कुहासे भरी सड़क पर रामलाल टॉर्च लेकर सड़क के एक छोर पर सन्नाटे में चल रहा था। सुबह के 3 बजे होंगे पर आज कुहासा उम्मीद से कुछ ज्यादा ही था। रामलाल टॉर्च हाथ में लिए जैसे उस कुहासे को चीरने का प्रयास कर रहा था। राम लाल प्रत्येक रात […]
फिर लौटी मुस्कान-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: रीमा हमेशा से हंसमुख और ज़िंदादिल लड़की थी। शादी के बाद उसकी दुनिया और भी खूबसूरत हो गई थी। जब उसने अपनी पहली संतान को जन्म दिया, तो सबको लगा कि अब उसकी जिंदगी पूरी हो गई है। परिवार, दोस्त, रिश्तेदार हर कोई कह रहा था, रीमा तो अब अपने आपको सबसे […]
पंद्रह साल का इंतज़ार- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: राखी को अपने पिता की धुंधली-सी याद थी। वह सिर्फ़ छह साल की थी, जब माँ और पिता अलग हो गए। उस छोटे से मन में बस इतना ही बैठा था कि पापा कहीं चले गए हैं । उसके बाद माँ ने ही उसका पूरा संसार बना दिया। माँ के साथ […]
अधूरे हम अधूरे तुम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: नितिन और अनुष्का पिछले पांच साल से लिवइन में रह रहे थे। शुरुआत में उनका रिश्ता बिल्कुल फिल्मी था। बारिश की पहली फुहार में दोनों सड़क पर भीगते हुए हँसते, देर रात चाय बनाते और साथ बैठकर फिल्म देखते। छोटे-छोटे सरप्राइज़, अचानक प्लान किए गए ट्रिप इसी तरह उनकी जिंदगी खुशियों […]
रिश्तों का नया घर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: नमिता और अक्षय की शादी को बस सात महीने ही हुए थे कि एक सड़क हादसे ने नमिता की सारी खुशियाँ छीन लीं। पति की मौत की खबर सुनकर जैसे उसका दिल धड़कना ही भूल गया था । शादी के बाद जो सपनों का घर उसने अपने मन में सजाया था, […]
