Hindi Funny Story: बात उन दिनों की है जब मेरी सगाई हो चुकी थी और शादी 6 महीने बाद थी। शादी से पहले हरियाली तीज का त्यौहार आया जिसमें ससुराल से खबर आई कि वह लोग सिंधारा लेकर आएंगे। जब मेरे पापा ने मुझे बताया तो मुझे बहुत ही खुशी हुई यह सोचकर खुश हुई कि अब तो यह भी आएंगे लेकिन यह बात किसी से ना तो कह सकती थी और ना ही पूछ सकती थी तो इसलिए बस इंतजार ही कर रही थी।
आखिर तीज वाला दिन भी आ ही गया। तभी मेरी सासू मां का फोन मेरे पापा के पास आया तो उन्होंने पापा से कहा कि बस वह थोड़ी देर में ही पहुंचने वाले हैं, मैं वहीं खड़ी थी मैंने पापा से इशारे में पूछा कि यह भी आएंगे क्या? पापा मुस्कुराए और उन्होंने मेरी सास से पूछा क्या संदीप जी भी आएंगे तो वह हंसने लगी। बोली वह तो तैयार बैठा है आने के लिए बस इंतजार कर रहा था कि आप कब उसे आने के लिए कहें और कब वह आए। पापा मेरी तरफ देखकर हंसने लगे और बोले यह तो दोनों ही उतावले बैठे हैं पापा का इतना कहना था और मैं शर्म से लाल हो गई।
इशारों-इशारों में – हाय मैं शर्म से लाल हुई
