आस्ट्रेलिया के पश्चिमी किनारे छह मील की दूरी पर एक जहाज चट्टान से टकरा गया। सारे कर्मचारी बड़े तत्परता से सुरक्षा का काम करने लगे। जहाज में साढ़े चार सौ मुसाफिर थे। वे सब शान्ति से अपनी- अपनी जगह पर रहे।
इतने में जहाज से अधिकारी ने हुक्म दिया, “डोंगियों पर चढ़ो! सारे मुसाफिरों ने सुरक्षा की पेटियां पहन लीं। उनमें एक आदमी नेत्रहीन था। वह अपने नौकर का हाथ थामे डेक पर आया। एक आदमी बीमार था। वह भी किसी का सहारा लेकर आया। सब लोगों ने एक ओर हटकर उनके लिए रास्ता कर दिया।
अपनी-अपनी बारी से वे सब नावों में उतर गए और सारे यात्री सकुशल किनारे पहुँच गए। यदि मुसाफिर घबरा गए होते और उन्होंने धीरज न रखा होता। तो उनमें से बहुतों की जानें चली गई होती।
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