Summary: पेट की चर्बी कम करने के सुरक्षित और असरदार तरीके
पेट की चर्बी या विसरल फैट को कम करने के लिए कई बार सामान्य डाइट और एक्सरसाइज पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में मेडिकल तरीके जैसे न्यूट्रिशन थेरेपी, दवाइयां, एंडोस्कोपिक वेट लॉस प्रोसिजर और बैरियाट्रिक सर्जरी सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं।
Medical Ways for Belly Fat: आज के समय में बढ़ता हुआ पेट सिर्फ खूबसूरती से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की वजह भी बनता जा रहा है। पेट के अंदर जमा होने वाली चर्बी को विसरल फैट कहा जाता है, जो त्वचा के नीचे दिखने वाली चर्बी से कहीं ज्यादा खतरनाक होती है। यह खतरनाक है, जिसे ठीक करना कई बार आसान नहीं होता है। ऐसे में पेट की चर्बी को कम करने के लिए मेडिकल तरीकों की मदद ली जाती है। आइए शालीमार बाग, नई दिल्ली स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के रोबोटिक, बैरिएट्रिक, लैप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. पंकज शर्मा से जानते हैं कि पेट की चर्बी को कम करने के सही मेडिकल तरीकों के बारे में।
पेट की चर्बी क्यों है सबसे खतरनाक?
विसरल फैट लीवर, अग्न्याशय और आंतों के आसपास जमा होती है। यह चर्बी हार्मोन और सूजन पैदा करने वाले केमिकल्स रिलीज करती है, जिससे शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। यही कारण है कि पेट की चर्बी वाले लोगों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, फैटी लिवर और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई बार मरीज का वजन बहुत ज्यादा नहीं होता, लेकिन पेट की चर्बी ज्यादा होने के कारण उसका मेटाबॉलिक रिस्क काफी ज्यादा होता है। यही वजह है कि केवल वजन नहीं, बल्कि कमर का घेरा भी सेहत का अहम संकेत माना जाता है।
लाइफस्टाइल से क्यों नहीं घटती हर बार पेट की चर्बी?

डाइट और एक्सरसाइज पेट की चर्बी कम करने के लिए जरूरी हैं, लेकिन हर व्यक्ति में यह पर्याप्त नहीं होती है। हार्मोनल असंतुलन, उम्र, जेनेटिक्स और लंबे समय से चली आ रही मोटापे की समस्या के कारण कई लोगों में पेट की चर्बी जिद्दी हो जाती है। ऐसे मामलों में सिर्फ जिम या डाइट पर निर्भर रहना निराशाजनक साबित हो सकता है।
पेट की चर्बी कम करने के सही मेडिकल तरीके
मेडिकल साइंस ने अब पेट की चर्बी को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से कम करने के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जिनमें से निम्न मुख्य हैं –
1. मेडिकल न्यूट्रिशन थेरेपी : डॉक्टर की निगरानी में बनाई गई डाइट, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लिवर को टारगेट करती है।
2. दवाइयों द्वारा इलाज – कुछ मरीजों में मेटाबॉलिज्म सुधारने और भूख नियंत्रित करने के लिए दवाइयों की जरूरत होती है।
3. एंडोस्कोपिक वेट लॉस प्रोसिजर – बिना बड़े ऑपरेशन के पेट की क्षमता कम करने वाले आधुनिक विकल्प।
4. बैरियाट्रिक सर्जरी – गंभीर मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों में यह सबसे प्रभावी और लंबे समय तक असर करने वाला समाधान है।
कई लोग समझते हैं कि बैरियाट्रिक सर्जरी सिर्फ वजन घटाने की प्रक्रिया है, जबकि सच तो यह है कि यह डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हार्ट रिस्क को कंट्रोल करने का एक वैज्ञानिक इलाज है। पेट की चर्बी को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को न्योता देना है। सही समय पर मेडिकल सलाह और वैज्ञानिक इलाज न सिर्फ वजन, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।
