करुणा को कोविड से ठीक हुए एक महीना बीत चुका है। अब तक उसे पूरी तरह से ठीक हो जाना चाहिए लेकिन उसे अब तक कमजोरी महसूस होती है। कभी- कभी  तो उसे सांस लेने में भी तकलीफ होती है। इसलिए उसने एक डॉक्टर से ऑनलाइन कंसल्ट किया। डॉक्टर ने उसकी बात को ध्यान से सुना, उससे कुछ सवाल पूछे और फिर उसे जो भी कहा, उससे करुणा को यह बात समझ आ गई कि वह लॉन्ग कोविड की शिकार है। लॉन्ग कोविड को आम भाषा में पोस्ट- कोविड सिंड्रोम भी कहते हैं, जो इन दिनों कई लोगों में देखने को मिल रहा है। अब तो कई अध्ययन भी कहने लगे हैं कि कोविड के शिकार लोगों में इन्फेक्शन से ठीक हो जाने के बाद भी कई कॉम्प्लीकेशन रह जाते हैं। इस लॉन्ग कोविड ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भी सोच में डाल दिया है। ऐसे में जरूरी है कि आप शुरूआती लक्षणों को पहचानें और सावधानी बरतें।

क्या है लॉन्ग कोविड

लॉन्ग कोविड एक टर्म है, जिसका इस्तेमाल उन लोगों द्वारा सामना कर रहे लक्षणों के लिए किया जाता है, जो कोविड से ठीक हो चुके हैं। इन लोगों के फेफड़े, ह्रदय, किडनी या मस्तिष्क में कोई विकार रह जाता है और उन्हें कुछ विशेष लक्षणों का सामना करना पड़ता हो, भले ही इन अंगों को लेकर कोई प्रत्यक्ष डैमेज ना दिखता हो।

महिलाएं हैं ज्यादा प्रभावित

पहले इस महामारी से ठीक हुए लोग मानते थे कि वे सभी लक्षणों से फ्री हो चुके हैं। लेकिन रिकवरी के बाद लॉन्ग कोविड उनमें आम हो चुका है। ये बार- बार या कभी- कभार आते लक्षण उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं। उनका मानसिक स्वास्थ्य भी इससे प्रभावित रहता है। ब्रिटेन में हुआ एक सर्वेक्षण बताता है कि कोविड से रिकवर हुए पांच में से एक व्यक्ति को बाद में भी उसके लक्षण रह जाते हैं। इस रिसर्च को कर रहे लोगों ने अपने अध्ययन में यह भी पाया है कि लॉन्ग कोविड पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है।

कब तक रह सकता है लॉन्ग कोविड

रिपोर्ट तो बताते हैं कि कोविड- 19 रोगियों में लक्षण ढाई से तीन महीने तक रह सकते हैं या कई बार इससे ज्यादा भी। शोधकर्ताओं ने लॉन्ग कोविड की शिकायत कर रहे लोगों को लक्षणों के आधार पर दो समूहों में बांट दिया। एक को सांस संबंधी दिक्कत थी, जिसमें थकान और सिरदर्द भी शामिल था। दूसरे समूह में वे लोग थे, जिनके लक्षणों में ह्रदय, मस्तिष्क और गट प्रभावित थे।

लॉन्ग कोविड के लक्षण

यह हम सब जानते हैं कि कोविड- 19 सांस से संबंधित एक बीमारी है, जो आपके फेफड़ों पर असर करती है। यह फेफड़ों में सूजन का कारण बनती है, जो नकारात्मक तौर पर फेफड़ों के टिश्यू को प्रभावित करता है। इससे आपके स्वास्थ्य पर लंबा और गहरा असर पड़ता है। कोविड- 19 को लॉन्ग कोविड होने में कितना समय लगता है, इसे समझना तो जरूरी ही है, हमारे लिए यह भी जानना जरूरी है कि हम लॉन्ग कोविड के लक्षणों को समय रहते पहचान पाएं ताकि इसका इलाज सही तरीके से सही समय पर शुरू किया जा सके।

ब्रिटिश शोधकर्ताओं द्वारा की गई कोविड सिम्पटम स्टडी के अनुसार, लगातार कफ, गला बैठना, सिर दर्द, डायरिया, सांस लेने मे दिक्कत का अनुभव होना और भूख न लगना लॉन्ग कोविड के लक्षण हैं।

लगातार खांसी

कोविड- 19 से लगातार खांसी हो सकती है, जो श्वास नली में इरिटेशन और सूजन का कारण बन सकती है। कोविड की वजह से हुई खांसी इन्फेक्शन के बाद भी कई हफ्तों या महीनों तक रह सकती है। इसके साथ, थकान और दर्द का अनुभव भी हो सकता है।

डायरिया

इस स्टडी के अनुसार लॉन्ग कोविड में आपका पाचन तंत्र खराब हो जाता है और इसकी वजह से डायरिया होने का डर रहता है। यह लॉन्ग कोविड के शुरूआती लक्षणों में से एक है और कई महिलाओं को इसका सामना करना पड़ता है।

भूख न लगना

कोविड के इन्फेक्शन के खत्म हो जाने के बाद भी कई लोगों को भूख नहीं लग रही है। वे दिन में से किसी ना किसी समय की मील छोड़ रहे हैं।

कमजोरी

अब तो कई स्टडी और रिसर्च बता रहे हैं कि कोविड के इन्फेक्शन से ठीक होने के बाद भी अधिकतर लोगों को थकान और कमजोरी का अनुभव हो रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने कोविड के बारे में जो रिपोर्ट प्रकाशित की है, उसमें भी यह लिखा है कि थकान कोविड- 19 का एक मुख्य लक्षण है।

सांस लेने में तकलीफ

कोविड- 19 एक सांस संबंधी परेशानी है, यह हम सभी जानते हैं। इसमें कई बार लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। यदि उन्हें इन्फेक्शन के समय यह दिक्कत रहती है तो संभव है कि यह लॉन्ग कोविड में तब्दील हो जाए।

गला बैठ जाना

खराब गला और बहती नाक को कोविड के लक्षणों की सूची में डाला गया है, जिससे गला भी बैठ जाता है। अगर ऐसा है तो यह लक्षण जल्दी नहीं भी ठीक हो सकता है और लॉन्ग कोविड में बदल जाए।

ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत

लॉन्ग कोविड के लक्षण वाले लोगों को ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत हो सकती है। वे निर्णय ले पाने में भी खुद को असमर्थ पा सकते हैं।

बेहतर तो यह है कि समय रहते हम लॉन्ग कोविड के लक्षणों को पहचान लें और अपने डॉक्टर से बात करके इसका इलाज शुरू करा लें। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि लॉन्ग कोविड पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है।

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