Overview:नया शोध: भारतीयों में मोटापा बढ़ने की असली वजह का खुलासा
भारत में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है और नया शोध बताता है कि इसकी वजह सिर्फ जीन्स नहीं है। हैदराबाद के CSIR-CCMB अध्ययन के अनुसार भारतीयों में मोटापे की असली वजह बिगड़ी जीवनशैली, गलत खानपान, स्ट्रेस और नींद की कमी है। भारतीयों में पेट पर चर्बी ज्यादा जमा होती है। छोटे बदलाव जैसे रोज़ाना चलना, घर का खाना और समय पर सोना मोटापे को काफी हद तक रोक सकते हैं।
Obesity in Indians: आजकल भारत में मोटापा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मज़ेदार बात ये है कि अक्सर लोग इसे हल्के में ले लेते हैं या हंसी-मज़ाक का मुद्दा बना देते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि मोटापा सिर्फ दिखने की बात नहीं, बल्कि सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इससे डायबिटीज, हार्ट की बीमारियां, कैंसर जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
एक नई रिपोर्ट और हैदराबाद के CSIR-CCMB की स्टडी बताती है कि भारत में मोटापा सिर्फ जीन्स (genetics) से नहीं बढ़ रहा, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल और आदतों की वजह से ज्यादा बढ़ रहा है। यानी देर से सोना, बार-बार बाहर का तला-भुना खाना, स्ट्रेस लेना और बिना एक्सरसाइज वाली लाइफ – ये सब मोटापे को और बढ़ा रहे हैं।
शोध में ये भी पाया गया कि भारतीयों में मोटापा अक्सर पेट के आसपास ज्यादा जमा होता है, जिसे ‘सेंट्रल फैट’ कहा जाता है। यही वजह है कि PRS टेस्ट (Polygenic Risk Score) जो पश्चिमी देशों में कारगर है, भारत में उतना असरदार नहीं क्योंकि भारतीयों की मोटापे की पद्धति अलग है I इसलिए ज़रूरी है कि भारत के लिहाज़ से विशिष्ट सावधानी और परीक्षण अपनाए जाएं I अच्छी बात ये है कि अगर हम रोज़ाना थोड़े बहुत बदलाव करें – जैसे 10,000 कदम चलना, घर का खाना खाना और समय पर सोना – तो मोटापे पर काबू पाया जा सकता है।
हमारी आदतें जीन्स से ज्यादा जिम्मेदार

अक्सर लोग कहते हैं कि मोटापा तो फैमिली में है, इसलिए हमें भी हो गया। लेकिन रिसर्च ने साफ किया है कि असली वजह हमारी आदतें हैं। बार-बार बाहर का तेल वाला खाना, नींद कम लेना, और स्ट्रेस – ये सब शरीर को मोटा करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यानी अगर हम अपनी लाइफस्टाइल ठीक करें, तो मोटापे को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
पेट पर मोटापा सबसे बड़ा खतरा

भारतीयों में ज्यादातर फैट पेट पर जमा होता है। इसे ‘सेंट्रल फैट’ कहते हैं और ये हार्ट डिज़ीज़ व डायबिटीज़ का खतरा और बढ़ा देता है। ये मोटापा दिखने में भी ज्यादा भारी लगता है और कम करना भी मुश्किल होता है। इसलिए अगर आपका पेट तेजी से बढ़ रहा है, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें और समय रहते ध्यान दें।
नींद और खाना सबसे बड़ी गड़बड़ी
आजकल लोग देर रात तक मोबाइल चलाते रहते हैं और नींद पूरी नहीं करते। दिन में खाना भी कभी जल्दी, कभी देर से करते हैं। ऊपर से बाहर का तला-भुना खाना शरीर को नुकसान करता है। यही सब मिलकर इंसुलिन रेसिस्टेंस और मोटापे की समस्या पैदा करते हैं। छोटे-छोटे बदलाव – जैसे समय पर सोना, समय पर खाना और घर का बना खाना – बहुत मदद कर सकते हैं।
छोटे बदलाव, बड़े नतीजे
शोध ने ये भी बताया है कि मोटापा रोकने के लिए दवाइयों से ज्यादा असरदार है – हमारी छोटी-छोटी आदतें। रोज़ 10,000 कदम चलना, हफ्ते में सिर्फ एक बार बाहर खाना, रोज़ पर्याप्त पानी पीना और थोड़ी एक्सरसाइज या योगा करना – ये सब छोटे-छोटे कदम शरीर को फिट रखते हैं। मुश्किल नहीं, बस थोड़ा ध्यान देना है।
अचानक वजन बढ़े तो डॉक्टर से मिलें
अगर अचानक आपका वजन, खासकर पेट के आसपास, तेजी से बढ़ने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें। ये किसी और बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे वक्त पर डॉक्टर से मिलना जरूरी है। शर्माना या टालना नहीं चाहिए, क्योंकि समय रहते इलाज मिल जाए तो बड़ी दिक्कतों से बचा जा सकता है।
