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मोटापे से पाएं मुक्ति: Treatment of obesity
Treatment of obesity

Treatment of obesity: मोटापा न केवल एक रोग है बल्कि अनेक रोगों के जन्म का कारण भी है। इसलिए यह बहुत ही आवश्यक है कि मोटापे को जल्द से जल्द दूर किया जाए अन्यथा मोटापा व्यक्ति के बाहरी व्यक्तित्व को न केवल बेडौल बना कर उसके आत्मविश्वास को कम करता है बल्कि व्यक्ति को रोगी भी बना देता है।

मोटापा शब्द ध्यान में आते ही एक अजीब सा व्यक्तित्व आंखो के सामने आने लगता है एक ऐसा व्यक्तित्व जिस पर न कोई कपड़ा जंचता हो न ही कोई नया फैशन एक थुलथुल सा भद्ïदा लगने वाला व्यक्तित्व ऐसे व्यक्तित्व का मालिक होना शायद ही कोई पंसद करता हो पर आज की कड़वी सच्चाई ये ही है कि आज संपूर्ण विश्व की एक तिहाई जनसंख्या मोटापे से ग्रसित है। सरल शब्दों में मोटापा आज एक समस्या नहीं बल्कि भयंकर रोग है। इस रोग से छुटकारा पाने के ढेरो उपाय भी हैं। परंतु जरूरी है कि आप समय रहते उनको अपनाना भी शुरू कर दें।

1.व्यायाम तथा योग

मोटापा कम करना चाहते हैं तो व्यायाम योग से बेहतर विकल्प कोई अन्य नहीं है नियमित रूप से किया गया व्यायाम ना केवल मोटापा कम करता है बल्कि चेहरे पर एक अलग ही आभा प्रदान करता है
व्यायाम में वेट लिफ्टिंग से लेकर दौड़ना भी शामिल होता है साथ ही विभिन्न तरीके के योग आसन भी लाभकारी भूमिका निभाते हैं डांस व ऐरोविक्स भी व्यायाम की श्रेणी में ही आते हैं। व्यायाम के लिए सर्वाधिक जरूरी है कि व्यायाम करने का एक वक्त तय करें व उस वक्त पर नियमित रूप से व्यायाम करें इससे मोटापा निश्चित रूप से कम होता है सूर्य नमस्कार व प्राणायाम वो योग क्रियाएं हैं जिनसे मोटापा ना केवल दूर होता है बल्कि दोबारा नहीं आता। इन्द्रा मंत्री का कहना है कि ‘आज से कुछ साल पहले तक मेरा वजन बहुत ज्यादा था और मैं अत्यधिक मोटी लगती थी खूब डाइटिंग की पर फर्क नहीं पड़ा फिर मैंने हारकर नियमित एक घंटे का व्यायाम व योगा करना शुरू किया परिणाम ये हुआ कि आज मेरी छोटी बहने कहती हैं ‘जीजी तुम तो हमसे छोटी लगने लगी होÓ। उनकी इन बातों से खुद के स्लिम होने का एहसास तो आता ही है साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

2 .सर्जरी

जन घटाने के लिए सर्जरी की सलाह डाक्टर द्वारा ऐसे लोगों को दी जाती है जो जरूरत से ज्यादा मोटे हैं व अन्य सभी उपयों से उनको कोई भी लाभ नहीं मिला है इससे मोटापा काफी जल्दी, काफी हद तक व काफी लंबे समय तक दूर किया जा सकता है वजन घटाने की सर्जरी में लैप्रोस्कॉपिक्स सर्जरी, वर्टीकली बैडेज, गैस्ट्रोप्लास्टी आदि प्रमुख हैं।
लाइपोसक्शन भी एक प्रकार की सर्जरी है जिससे शरीर के विभिन्न भागों से अतिरिक्त चर्बी को हटाया जाता है, इस विधि से शरीर के विभिन्न अंगों जैसे- पेट, गरदन, जांघ, कमर, पीठ आदि शामिल है।
यद्यपि इस प्रक्रिया से मोटापा सर्जरी के द्वारा दूर किया जा सकता है परन्तु प्रक्रिया खतरों से भरी है इसमें सर्जरी द्वारा चर्बी निकालते वक्त अनेक बार घातक परिणाम भी सामने आ जाते हैं। अत: इस विधि का प्रयोग बहुत ही सावधानी से व किसी कुशल चिकित्सक के द्वारा ही करवाना चाहिए अन्यथा जान भी जोखिम में आ सकती है।

3. एंटीओबोसिटी ड्रग्स

मोटापा दूर करने के लिए बाजार में अनेक दवाएं मिलती हैं ये सभी दवाएं मोटापा कम करने का दावा करती है इन दवाओं की खास बात ये ही होती हैं कि इनसे शरीर में भोजन की कमी महसूस होती है और पेट हर वक्त भरा-भरा सा लगता है जिसके कारण व्यक्ति कम से कम खाना खाता है। इन दवाओं की खासियत भी ये ही होती है कि इनमें कैलोरी बहुत कम मात्रा में होती है ये वसा को तेजी से खत्म करने में मदद करती है एक समय था जबकि स्लिमिंग पिल्स को प्रयोग में लाने वालों की लंबी कतार थी परन्तु आज इसके साइड व ऑफ्टर इफेक्ट को देखते हुए लोग इनका प्रयोग न के बराबर करने लगे हैं कल्पना सिहंल के अनुसार ‘मेरा वजन बहुत ज्यादा था और उसे कम कने के लिए मैंने स्लिमिंग पिल्स लेनी शुरू की उसे लेने से वजन तो कम नहीं हुआ पर एक दिन बी.पी. इतना ज्यादा कम हो गया कि दो दिन तक बेहोश रही, तब से तौबा कर ली कि कुछ भी हो जाऐ पर फैट कम करने के लिए न तो स्लिमिंग पिल्स खुद खाऊंगी न किसी अपने को खाने दूंगीÓ स्लिमिंग पिल्स से इस तरह की शिकायते करने वाली सिर्फ एक कल्पना ही नहीं हैं बल्कि अनेक महिलाएं व पुरुष हैं लोगों की इसी समस्या को देखते हुऐ ही भारत सरकार भी स्लिमिंग पिल्स को प्रतिबन्धित करने की योजना बना रही है।

4. स्लिमिंग बेल्ट

मोटापे से पाएं मुक्ति: Treatment of obesity
slimming belt

स्लिमिंग बेल्ट या फैट को कम करने का दावा करने वाले अनेक डिवाइस बाजार में उपलब्ध हैं। इन सभी का कहना है कि ये सभी यंत्र बिना किसी साइड इफेक्ट के फैट कम कर देते हैं। इस बेल्ट व अन्य डिवाइसों का काम इतना ही है कि इनका प्रयोग करने से प्रयोगकर्ता के शरीर से पानी बहुत ज्यादा निकलता है।
जिससे वसा को कम करने, सेल्युलाइड को हटाने, पेशियों के दर्द को दूर करने में मदद मिलती है। चूंकि ये बेल्ट हीट का काम करती हैं स्लिमिंग बेल्ट भी दो तरह की होती हैं जिसमें से एक त्वचा के ताप को बढ़ाकर पसीना बाहर निकालती है, दूसरी त्वचा में ताप प्रवाहित करके पसीना बाहर निकालती है। इसमें दोनों ही तरह से वजन कम होता है।
यद्यपि ये पूर्ण सुरक्षित हैं परन्तु फिर भी इसका प्रयोग डाक्टरी सलाह पर ही करना चाहिए।

5. बिहेवियरल थेरेपी

बिहेवियरल थेरेपी में मरीज की खान-पान की आदतों पर ध्यान दिया है उन्हें तले भुने मसाले युक्त भोजन की जगह कम तला भुना हेल्दी फूड खाने की सलाह दी जाती है। इसमें डाइट मेंटेन करने के लिए एक डायरी बनाई जाती है।
इस थेरेपी में खुद पर काबू रखने के लिए ज्यादा जोर दिया जाता है। डॉ. विनीता नारंग स्वंय एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। उनका कहना है कि ‘मैं मोटापे को नियन्त्रित करने के लिए सिर्फ अपने खान-पान पर ही ध्यान देती हूं कम तला भुना खाती हूं, पानी खूब पीती हूं, फलो का रस भी लेती हूं।

6. सकारात्मक सोच

व्यक्ति की इंसानी सोच भी अगर सकारात्मक हो तो काफी हद तक पतला होने में आसानी होती है।
अब प्रश्न ये भी उठता है कि महिलाएं
ज्यादा मोटी होती हैं या पुरुष? इस बारे में ये ही कहा जाएगा कि भारत में लगभग 12.1 प्रतिशत लोग मोटे हैं जिसमें से 14त्न पुरुष व 16त्न महिलाएं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एशिया के लोगों में मोटापा तेजी से फैल रहा है। महिलाओं में निरंतर मोटापा बढ़ने की वजह है लगातार शारीरिक कार्यों की कमी का होना। घर के सभी कार्य मशीनों से होने के कारण जो ऊर्जा पसीने के रूप में शरीर से निकलती थी वो अब खत्म हो गयी है साथ ही महिलाएं भावुकता वश अधिक खाती हैं ये भी उनका वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार कारक है।
पुरुषों में भी श्रमहीनता ही अधिक फैट का कारण बनी है तथा बच्चों में निरंतर जंक फूड की तरफ झुकाव मोटापे का कारण है कारण चाहे कोई भी हो मोटापा स्त्री, पुरुष, बच्चों सभी के लिए हानिकारक ही है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद थरथानी के अनुसार ‘एक समय था जबकि हृदय रोग 50 वर्ष के बाद ही होता था परंतु अब इस रोग की कोई भी उम्र नहीं रह गयी है 14-15 साल के स्कूली बच्चे भी इस रोग के चपेट में बुरी तरह से आ रहे हैं। इसका प्रमुख कारण मोटापा ही है।Ó
उपरोक्त सभी उपायों के अतिरिक्त निम्न घरेलू उपायों द्वारा भी मोटापे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
साधारण पानी की जगह गुनगुना पानी पियें।
चाय हमेशा अदरक वाली पिये, अदरक चर्बी को कम करता है।
सलाद में प्याज व टमाटर के साथ कच्ची बंद गोभी खाऐं, क्योंकि पत्ता गोभी वसा बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है।
सुबह खाली पेट एक चम्मच शहद व एक नीबू का रस गुनगुने पानी में लें।
काली मिर्च भी फैट फ्री करती है।
अक्सर मोटे लोगों के मन में एक ही विचार आता है कि अब हम मोटे हो गये हैं अब हमारा पतला होना सम्भव नहीं है तो उनके लिए तो बस इतना ही कहा जा सकता है कि जहां चाह होती है वहां राह भी अवश्य ही निकल आती है।

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