हमारी बॉडी को रोजाना प्रोटीन के सेवन की जरूरत रहती है। वेजीटेरियन लोगों को अपनी डाइट में प्रोटीन को शामिल करने में थोड़ी दिक्कत रहती है। इसलिए यहां, इस आर्टिकल में ऐसे प्रोटीन स्रोतों के बारे में बताया जा रहा है, जो वेजीटेरियन के लिए बढ़िया विकल्प हैं।

हमारी बॉडी को हेल्दी रहने के लिए प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। प्रोटीन से हमारी बॉडी को एनर्जी भी मिलती है और यह हमारे ब्लड में ऑक्सीजन को कैरी भी करता है। यह एंटी- बॉडी बनाने में भी मदद करता है, जो इन्फेक्शन और बीमारियों से लड़ते हैं। साथ ही ये सेल्स को हेल्दी रखने के साथ ही नए बनाने में भी मदद करते हैं। इंसानी शरीर के हर सेल में प्रोटीन होता है और प्रोटीन का बेसिक स्ट्रक्चर अमीनो एसिड का एक चेन होता है। इंसानी शरीर को बड़ी मात्रा में अमीनो एसिड की जरूरत रहती है ताकि अच्छे स्वास्थ्य को मेन्टेन किया जा सके। एसेंशियल अमीनो एसिड को हमारी बॉडी नहीं बनाती है, यह हमें फूड्स से मिलता है।

कई रिसर्च कहते हैं कि वेजीटेरियन इंडियन ग्राहकों को प्रोटीन में वेरायटी चाहिए और वे अमूमन अपने रोजाना की प्रोटीन की जरूरतों को पूरा कर पाने में समर्थ नहीं होते हैं। इसलिए जरूरी है कि उनके पास प्रोटीन के लिए ऐसे विकल्प हों, जो तुरंत उपलब्ध हो सकें और किफायती भी हों। आपको यह जानकार शायद आश्चर्य होगा कि हमारा देश भारत पर प्रति व्यक्ति प्रोटीन की खपत के मामले में दुनिया में सबसे नीचे है।

कितने प्रोटीन की जरूरत रहती है एक व्यक्ति को

प्रोटीन आपकी बॉडी का मुख्य बिल्डिंग ब्लॉक है। औसत तौर पर एक व्यक्ति को उसके शरीर के वजन का प्रति किलोग्राम 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत रहती है। इसका मतलब यह है कि औसत तौर पर एक पुरुष को 56 ग्राम प्रोटीन और महिला को 46 ग्राम प्रोटीन खाना चाहिए। लेकिन यह सिर्फ आम तौर पर है। अगर आप प्रेगनेन्ट हैं या ब्रेस्टफ़ीड करा रही हैं, या आप एथलीट हैं, तो आपको ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप हर मील के साथ प्रोटीन का सेवन करें। यदि आप थकान महसूस कर रहे हैं, या आपको कमजोरी लगती है, या खाने के कम समय बाद ही आपको भूख लग जाती है, तो इसका मतलब यह है कि आपको प्रोटीन सही मात्रा में नहीं मिल रहा है। इसलिए यहां आपके लिए ऐसे कुछ प्रोटीन स्रोतों के बारे में बताया जा रहा है, जो वेजीटेरियन के लिए बढ़िया विकल्प हो सकते हैं।

दाल

 

दाल चाहे पीली हो, हरी हो या लाल या ब्राउन, इसे आप जब अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो यह आपकी प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने में सहायक है। आप सिर्फ दाल को पका कर भी खा सकते हैं या चाहें तो आधे कप दाल को सूप, करी, सलाद आदि में मिला सकते हैं। आधे कप पके दाल में 12 ग्राम प्रोटीन होता है।  

बादाम

बादाम प्रोटीन का बढ़िया स्रोत हैं, जो न सिर्फ एनर्जी देते हैं बल्कि मसल मास के ग्रोथ और मेंटेनेंस में भी योगदान देते हैं। एक स्टडी के अनुसार, बादाम जैसे प्रोटीन समृद्ध स्नैक्स पेट को भरा महसूस कराते हैं, जिससे भूख पर कंट्रोल करने में मदद मिलती है और आप कम कैलोरी का सेवन करते हैं। इसके अलावा, बादाम अन्य 15 पोषक तत्व जैसे विटामिन ई, मैग्नीशियम, रिबोफ्लेवइन, जिंक आदि का भी स्रोत हैं। इस सबसे जरूरी बात यह है कि बादाम का फ्लेवर अमूमन सबको पसंद आता है और यह लगभग सभी भारतीय मसाले के साथ अच्छा लगता है। आप अपनी पसंद के फ्लेवर के साथ बादाम को मिलाकर हेल्दी और स्वादिष्ट स्नैक्स बना सकते हैं। अगर आप नियमित तौर पर बादाम का सेवन करते हैं, तो हेल्दी लाइफ जीने में आपके लिए बढ़िया है। इसलिए आपको रोजाना कुछ बादाम को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

पनीर

पनीर वेजीटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन का समृद्ध स्रोत है। हम भारतीयों की डाइट में प्रोटीन की कमी रहती है क्योंकि हमारी डाइट में अनाज बहुत ज्यादा शामिल होता है। पनीर में अन्य कई पोषक तत्व भी होते हैं, जो इसे वजन कम करने वालों के लिए परफेक्ट चॉइस बनाते हैं। अगर आप पूरे दिन एक्टिव रहना चाहते हैं, तो भी पनीर एक बढ़िया ऑप्शन है। पनीर को आप दाल की जगह खा सकते हैं, इसे स्नैक्स के तौर पर भी खाया जा सकता है। आप चाहें तो इसे कच्चा भी खा सकते हैं। चूंकि इसका अपना कोई खास स्वाद नहीं होता है, तो इसे किसी की भी डाइट में आसानी से किसी भी फ्लेवर के साथ मिक्स करके खाया जा सकता है।

ओट्स

 

लगभग आधे कप ओट्स में 6 ग्राम प्रोटीन और 4 ग्राम फाइबर होता है। इसमें मैग्नीशियम, जिंक, फॉस्फोरस और फोलेट भी होता है। इसे कम्प्लीट प्रोटीन भले न माना जाए लेकिन इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन जरूर होता है और इसलिए इसे रोजाना की डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

किनुआ

किनुआ इन दिनों बहुत पॉपुलर होता जा रहा है। यह कम्प्लीट प्रोटीन के कुछ प्लांट स्रोतों में से एक है। इसका मतलब यह है कि इसमें वे सभी नौ एसेंशियल अमीनो एसिड्स हैं, जिनकी जरूरत आपकी बॉडी को पड़ती है। अमीनो एसिड्स मसल डेवलपमेंट और इम्यून एक्टिविटी को सपोर्ट करने के लिए जरूरी हैं। एसिड्स लीसिन का भी बेहतरीन स्रोत है, जो फिर से एक अन्य एसेंशियल अमीनो एसिड है। आप सिर्फ 15 मिनट में किनुआ को पका सकते हैं। आप चाहें तो इसे सलाद, वेजीटेबल बर्गर आदि में इसे मिलाकर खा सकते हैं।

चिया सीड्स

 

चिया सीड्स के आधे कप में 6 ग्राम प्रोटीन और 13 ग्राम फाइबर है। यह आयरन, कैल्शियम, सेलेनियम और मैग्नीशियम का बढ़िया स्रोत है, इसके साथ ही यह ओमेगा- 3 फैटी एसिड और एंटी- ऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्रोत है। ये जल्दी से पानी को सोख लेते हैं और जेली जैसे बन जाते हैं। इसलिए ये स्मूदी और हेल्दी डिज़र्ट के लिए परफेक्ट इनग्रेडिएन्ट हैं।

 

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