स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए पाचन तंत्र का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। लेकिन आजकल लोगों की जीवन शैली इतनी बिगड़ गयी है कि उन्हें कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जैसे- खाना न पचना, पेट फूलना, कब्ज, पेट में गैस बनना। पेट की समस्याओं, कब्ज और गैस से छुटकारा पाने के लिए एक बहुत ही अच्छा आसन है पवन मुक्तासन। यह आसन पेट की वायु बाहर निकालने में मदद करता है, इसलिए इस आसन को पवन मुक्तासन कहते हैं। आइये जानते हैं इस आसन को करने की विधि और इसके फायदे –

ऐसे करें पवन मुक्तासन :

  • इस आसन को करने के लिए पीठ के बल नीचे लेट जाएँ। बाएँ पैर को मोड़ते हुए छाती के पास लाएँ। दोनों हाथों से अपने घुटने को पकड़ लें।
  • फिर श्वास छोड़ते हुए घुटने को अपने सीने के ज्यादा से ज्यादा नजदीक लाने की कोशिश करें और अपने सिर को उठाकर अपने घुटने से लगाएँ।
  • 10 -30 सेकंड तक इसी स्थिति में रुकने की कोशिश करें।
  • फिर इसी अभ्यास को दायें पैर से करें। थोड़ी देर रुककर पैर को सीधा कर लें।
  • अब इस आसन को दोनों पैरों को एक साथ मोड़कर करें। दोनों पैरों को मोड़ते हुए अपने शरीर के जितना नजदीक हो सकें, ले जाएँ। फिर श्वास छोड़ते हुए अपने सिर या नासिका को घुटनों से स्पर्श कराने की कोशिश करें।
  • इस तरह से 3-5 बार इस अभ्यास को करें।

इस आसन के फायदे :

  • इसके नियमित अभ्यास से पाचन शक्ति बढ़ती है। जिससे गैस्ट्राइटिस, कब्ज और पेट दर्द आदि में आराम पहुंचता है।
  • यह शरीर में रक्त के संचार को बढाता है और पीठ व कूल्हे के जोड़ों को तनावमुक्त करता है।
  • इसे नियमित करने से पेट के सभी अंगों जैसे- आमाशय, पैंक्रियाज, लिवर, इंटेस्टाइन आदि की मालिश होती है तथा उनकी क्रियाशीलता बढ़ती है।
  • इसे करने से पेट में दबाब पड़ता है जिससे गैस की समस्या में आराम मिलता है और पेट फूलने जैसी समस्या दूर होती है।
  • इसका नियमित अभ्यास पेट की बढ़ी हुई चर्बी और मोटापे को कम करता है।
  • महिलाओं में प्रेग्नेंसी के बाद गर्भाशय को वास्तविक स्थिति में लाने केलिए और बढ़े हुए पेट को कम करने में मदद करता है।

    इन स्थितियों में न करें यह आसन :

  • जिन लोगों को कमर दर्द की बहुत ज्यादा समस्या है या स्लिप डिस्क है या गर्दन की कोई समस्या हाई, वे इस अभ्यास को न करें।
  • हाई बी॰ पी॰, हार्ट संबंधी समस्या, हर्निया, गर्भावस्था में इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • खाना खाने के तुरंत बाद यह आसन न करें, इसे खाली पेट ही करना चाहिए।
  • महिलाओं को मासिक धर्म के समय इस आसन को नहीं करना चाहिए।

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